अनिवासी सामान्य (एन आर ओ)

IOB

अनिवासी व पीआइओ-गण  भारतीय रुपयों में स्‍थानीय  बैंकिंग लेनदेनों हेतु एन आर ओ खाता रख सकते हैं,  जिसमें फेमा के प्रावधानों और उसके तहत अन्‍य नियमों और निबन्‍धनों का उल्‍लंघन नहीं होना चाहिए।( नोट: बंग्‍लादेश / पाकिस्‍तान की राष्‍ट्रीयता वाले एकल व्‍यक्तियों / कंपनियों द्वारा खाता खोलने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व अनुमोदन की आवश्‍यकता होती है।)

जब कोई निवासी भारतीय अनिवासी बन जाता है तो भारत में उसके विद्यमान खाते को एनआरओ खाते के रुप में परिवर्तित कर दिया जायेगा।

  • ये खाते बचत, चालू या सावधि जमाओं के रुप में हो सकते हैं। अन्‍य अनिवासियों / पीआइओ या नजदीकी निवासी रिश्‍तेदारके साथ संयुक्‍त खाता खोलने की अनुमति है।
  • विदेश से आनेवाले विप्रेषणों और भारत मेंखाताधारक द्वारा  प्राप्‍त होनवाले वैध देयों को उसके खाते में जमा किया जा सकता है।
  • ब्‍याज से प्राप्‍त आय को आयकर  के बाद ही अदा किया जायेगा।
  • खाते में निम्‍नलिखित नामे किये जाने की अनुमति है:
  • भारत में निवेशों के लिए किये जाने वाले भुगतानों सहित सभी स्‍थानीय भुगतान ( रुपयों   में  )  बषर्ते कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित निबन्‍धनों का अनुपालन हो।
  • किराया, लाभांश, पेंशन, ब्‍याज आदि जैसी आय, जो   भारत में स्थित खाता धारक के खाते में जमा होती है, को भारत के बाहर विप्रेषित  किया जा सकता है ।
  • प्रति वित्‍तीय वर्ष (एप्रैल से मार्च - यू एस डी) एक मिलियन तक विप्रेषण किया जा सकता है बशर्ते कि बैंक की नजरों में इससे संबंधित सभी उद्देश्‍य वास्‍तविक हों।