जीवन बीमा - आइ ओ बी जीवन

IOB

आइओबी जीवन- भारतीय एलआईसी के संयोजन में सामूहिक जीवन बीमा योजना
आइओबी जीवन क्‍या है: भारतीय एलआइसी के संयोजन से इण्डियन ओवरसीज बैंक के खातेदारों के लिए  यह एक सामूहिक मीयादी आश्‍वस्‍‍थ्‍य योजना है जो बहुत कम प्रीमियम भरने से भी उपलब्‍ध है। निर्धारित प्रीमियम भरने वाले खातेदारों के लिए यह बीमा सुरक्षा उपलब्‍ध है।
 इस योजना में शामिल होने के लिए पात्रता :  आप पात्र हैं अगर आप

  • पृथक रूप से या संयुक्‍त रूप से अन्‍य के साथ अपनी क्षमता से बैंक में बचत बैंक खाता या चालू जमा खाते के खातेदार होने से ।
  • अपने वैयिक्तिक क्षमता पर पृथक रूप से या संयुक्‍त रूप से नया एस बी या सी डी खाता खोलने से ।
  • 18 वर्ष की पूर्ति तथा 54 साल से अधिक आयु न होने से ।

सदस्‍य कैसे बन सकते हैं:
आपको सिर्फ यही करना है कि एक आसान सा स्‍वास्‍थ्‍य सहमति प्राधिकरण- घोषणापत्र पर हस्‍ताक्षर करना है । चालू वर्ष के लिए तथा प्रति वर्ष नवीकरण के लिए आपके खाता से प्रीमियम राशि तथा प्रशासन प्रभार नामे करने का प्राधिकार बैंक को देना।

सदस्‍य बनने के क्‍या-क्‍या लाभ हैं:
आपके जीवन को एक लाख रूपये से सुरक्षित किया जाएगा। खातेदार की मृत्‍यु जैसे दुर्घटना से हो या प्राकृतिक रूप से होने से खातेदार के नामिती को या कानूनी वारिस को बीमा कंपनी द्वारा रु 2 लाख तक दिया जाएगा। आपके द्वारा भरा गया प्रीमियम आयकर अधिनियम में भाग 80 सी के तहत कर लाभ के लिए पात्र है।  

मेरे द्वारा कितना प्रीमियम व अन्‍य प्रभार भरना है:

नवीकरण के समय पर या दर्ज करने के समय पर आपके निकटतम ज‍न्‍मदिन पर आपकी आयु पर प्रीमियम राशि आधारित होता है। प्रीमियम की योजना निम्‍न प्रकार है:

निकटतम जन्‍मदिन पर आयु वार्षिक प्रीमियम रुपये में
18 वर्ष से 35 वर्ष तक                                       

180

36 वर्ष से 50 वर्ष तक                                      

288

51 वर्ष से 54 वर्ष तक  

500


प्रीमियम के साथ रु 33 प्रशासनिक प्रभार का भुगतान करना होगा।

इस योजना में अगर मैं पॉलिसी अवधि के बीच शामिल होना चाहूँ तो प्रीमियम में कोई छूट प्राप्‍त होगी।:

1 जुलाई से पॉलिसी अवधि आरंभ होगी। अगर आप अगस्‍तके  दौरान या बाद में जून तक इस योजना में शामिल होना चाहते हैं तो बीमा सुरक्षा उपलब्‍ध होने तक उस हिसाब से आनुपातिक प्रीमियम भुगतान कर सकते है।

पॉलिसी अवधि पूरा करने से बीमा कंपनी से क्‍या प्राप्‍त होगा:

यह पॉलिसी सिर्फ मियादी आश्‍वस्‍त है जो जीवन की दुर्घटनाओं को बीमा सुरक्षा प्रदान करता है तथा बचत की कोई गुजांइश नहीं है। अत: पॉलिसी होल्‍डर को पॉलिसी अवधि पूरी करने पर भी कुछ भी राशि प्राप्‍त नहीं होती है। 

चिकित्‍सा परीक्षा की आवश्‍यकता है:
चिकित्‍सा परीक्षण की आवश्‍यकता नहीं है। एक छोटा सा सहमति व प्राधिकरण पत्र जिसमें आप स्‍वस्‍थ्‍य होने की घोषणा करते हुए पत्र प्राप्‍त होने से पर्याप्‍त है।

आयु प्रमाण देने की आवश्‍यकता है:
आपके द्वारा दिया गया सहमति व प्राधिकरण पत्र काफी है। परंतु गलत होने से आयु को सही बताने की जिम्‍मेदारी खातेदार/ नामित व्‍यक्ति की ही होगी।

मेरे नाम पर  पॉलिसी जारी किया जाएगा:

वैयक्तिक पॉलिसियॉं जारी नहीं की जाएंगी। मास्‍टर पॉलिसी होल्‍डर बैंक ही होगा।  

इस योजना में अपवाद क्‍या है?
यह पॉलिसी संकीर्ण  रोगियों  के लिए नहीं दी जाएगी। इस  पॉलिसी  में निम्‍न  संकीर्ण बीमारियों को नहीं जोड़ा गया।
अ     कैंसर
आ  एड्स
इ   ओपन चेस्‍ट सर्जरी की शर्त
ई   छाती दर्द के पूर्ववृत्‍त
उ   किडनी फेल्‍यूर
ऊ ब्रेइन स्‍ट्रोक या पेरालिसि‍स
ऋ  हार्ट, लंग, लिवर, या किडनी जैसे भारी प्रत्‍यावर्तन किए जाने से
 पॉलिसी लेने के बाद 45 दिनों के अंदर मृत्‍यु होने से कोई राशि नहीं दी जाएगी परंतु आपकी मृत्‍यु दुर्घटना से होने से दी जाएगी।

बैंक में मेरे नाम पर अगर एक से अधिक खाता होने से क्‍या मैं सभी खातों से इस योजना में शामिल हो सकता हूँ :
आपका खाता एक ही शाखा में हो या अन्‍य शाखाओं में हो सिर्फ एक खाते के अंतर्गत ही इस योजना में शामिल हो सकते हैं। एक से अधिक दावा प्राप्‍त  होने से सिर्फ एक ही खाते में दावा की प्रतिपूर्ति की जाएगी तथा अन्‍य खातों से प्राप्‍त प्रीमियम को वापसी की जाती है।  

क्‍या बीमा सुरक्षा संयुक्‍त खातादारों को भी दी  जाएगी :

संयुक्‍त खातों में बीमा सुरक्षा दोनों या सभी संयुक्‍त खातेदारों को अलग से दी जाएगी , बशर्ते कि सभी खातेदार अलग-अलग सहमति- प्राधिकारी-पत्र हस्‍ताक्षर युक्‍त होने से व अन्‍य खातेदारों के प्रतिहस्‍ताक्षर भी होने से तथा समुचित प्रीमियम की वसूली होने से ।

खातेदार की मृत्‍यु होने से दावा करने की प्रक्रिया क्‍या है:

खातेदार की मृत्‍यु होने से खातेदार की सहमति-पत्र में दिए गए नामिती व्‍यक्ति को दावा की राशि दी जाएगी। मृत्‍यु  के बाद 90 दिनों के अंदर उस शाखा में दी जानी है जहॉं उस व्‍‍यक्ति की सदस्‍यता प्रारंभ हुई है साथ में मूल मृत्‍यु प्रमाण-पत्र भी देना चाहिए जिससे कि भारतीय एलआइसी से दावा किया जा सके। अगर दुर्घटना से मृत्‍यु होने से अतिरक्ति रूप से एफआइआर, पोस्‍ट मार्टेम प्रमाण-पत्र तथा अंतिम जॉंच रिपोर्ट भी प्रस्‍तुत करना चाहिए। बैंक एलआइसी से दावा करेगा तथा त्‍वरित निपाटान के  लिए अनुवर्ती कार्य करेगा।
 
अगर खाता बंद करने से क्‍या होगा:
खाता बंद करते ही योजना में आपकी सदस्‍यता समाप्‍त हो जाएगी । परंतु आपके द्वारा  भरे गए प्रीमियम के लिए पॉलिसी अवधि के अंत तक बीमा सुरक्षा दी जाएगी ।