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सावधि ऋण
 
 

वित्तीय सहायता

एसएमई इकाइयों का विकास मुख्यतः उनके वित्तीय प्रबंधन पर आधारित है।   प्रत्येक   स्तर पर निधि प्रवाह और नक़दी प्रवाह में तारतम्यहीनता से बचने के लिए उन्हें बारीकी से प्रबोधन करना होगा, अन्यथा इनके  परिचालनगत क्रियाकिलापों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।    हमारा बैंक विभिन्न योजनाओं के माध्यम से एसएमई इकाइयों को वित्तीय सहायता प्रदान कर एसएमई इकाइयों का वित्तीय समाधान करता है ।

 सावधि ऋण

 सावधि ऋण, अचल संपत्ति  यथा - भूमि, भवन, संयत्र, की खरीद एवं नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना या चालू इकाइयों को बढ़ाने या उनका आधुनिकीकरण करने   के लिए  प्रदान किए जाते हैं। विशेष शर्तों के अधीन पुरानी मशीनरी (देशी एवं आयातित दोनों ) की खरीद के लिए भी विचार किया जा सकता है।

मार्जिन

बैंक सामान्‍यत: अचल आस्तियों के मूल्‍य के 75 %  तक वित्‍तीयन करेगा और शेष रकम आवेदक को मार्जिन के रूप में देनी है । बहरहाल, क्रियाकलाप और अग्रिम की मात्रा के आधार पर बैंक मार्जिन को कम कर सकता है या बढ़ा  सकता है ।

 प्रतिभूति / अन्‍य पक्ष गारण्‍टी

बैंक एस एम ई उधारकर्ताओं के लिए रु. 5 लाख तक कुल ऋण सीमा के लिए संपार्श्विक प्रतिभूति / अन्‍य पक्ष गारण्‍टी नहीं मांगेगा । उचित  मामलों में रु. 5 लाख से अधिक और रु.25 लाख तक ऋण सीमा के संबंध में संपाश्चिक प्रतिभूति / अन्‍य पक्ष गारण्‍टी  का अधित्याग किया जा सकता है और ऐसी ऋण-सीमाओं को माइक्रो और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी  ट्रस्‍ट के तहत कवर किया    जाएगा ।

चुकतान

 सावधि ऋण का चुकतान,  इकाई में नकदी प्राप्ति की मात्रा और  तैयारी  अवधि के आधार पर  तय की जाएगी तथा सावधि ऋण के चुकतान के लिए अवकाश  अवधि की अनुमति प्रदान की जाएगी ।

 ब्याज दर 

एसएमई के अग्रिमों के विभिन्न वर्गों के लिए ब्याज दर अलग से उपलब्ध है ।

 

   
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