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कर बचत योजना
 

 

अनुसूचित बैंक में रखी गयी जमाओं 80 सी के तहत कटौती के लिए योग्‍य करने हेतु वित्‍त अधिनियम 2006 में आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80 सी को संशोधित  किया गया था।  व्‍यक्तियों / हिंदु अविभाजित परिवारों के लिए आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत कटौती  के लिए अधिसूचित जमा योजना के तहत रु.1,00,000 तक के निवेश पात्र होंगे। ग्राहकों के लाभ के लिए कुछ मूल्‍य वर्धनविशेषताओं के  साथ शुरु की गई है ।

 1. कौन जमा कर सकता है:  जमा  योजना सभी व्‍यक्तियों के लिए लागू है।  हिंदु अविभाजित परिवार (एच यू एफ) के कर्ता अपनी योग्‍यता याने कर्ता के रूप में खोल सकता है।  जमा एकल जमाकर्ता या दो वयस्‍क व्‍यक्तियों के नाम या एक वयस्‍क और एक नाबालिग के संयुक्‍त नाम पर (केवल दो संयुक्‍त खातेदार अनुमत है) जमा की जा सकती है, जो कोई या उत्‍तरजीवी को देय होगी।  संयुक्‍त नाम पर जमाओं के संबंध में, कर लाभ  का दावा, प्रथम जमाकर्ता द्वारा किया जा सकता है।

2.   कितनी जमाराशि स्‍वीकृत की सकती है: योजना के संबंध एक साल में एक व्‍यक्‍ति से / एक जमा खाता के अधीन अधिकतम रु.1,00,000 स्‍वीकृत किए जा सकते हैं। (साल अर्थात कि 1 अपैल से 31 मार्च तक एक साल की अवधि)।  स्‍वीकृत की जानेवाली न्‍यूनतम राशि रू.10,000 है।

3.  जमा स्‍वीकृत किए जाने की अवधि :  जमा 5 साल से 10 साल के बीच किसी भी अवधि के लिए स्‍वीकृत की जा सकती है।

4.  स्‍वीकृत की जानेवाली जमाओं के प्रकार :  जमाऍं पुनर्निवेश जमा (आरडीपी) या सावधि जमा या विशेष सावधि जमा (एसएफडी) के रुप में स्‍वीकृत की जा सकती है और ब्‍याज अर्ध-वार्षिक या तिमाही या मासिक रूप में दिया जाएगा।

 5.  शाखाऍं जहॉं जमा खोली जा सकती है :  जमा बैंक की सभी शाखाओं में स्‍वीकृत की जाएगी।
 
.6.  जमा का अंतरण:  आइ ओ बी की शाखाओं के बीच जमा का अंतरण किया जा सकता है लेकिन बैंकों के बीच अनुमत नहीं। अत: शाखाऍं अन्‍य बैंकों से अंतरित जमाओं का स्‍वीकार न करें।
 
7.  जमा रसीद जारी करने हेतु विशेष शर्तें:  जमा रसीद में जमाकर्ता के पैन नंबर व हस्‍ताक्षर होंगे।
 
8.  जमा पर ऋण / संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में जमा स्‍वीकार   करना :  जमा पर ऋण नहीं दिया जाएगा और न ही जमा संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में स्‍वीकार्य  होगी।

9.  जमा का पुनर्भुगतान:  जमा का भुगतान सामान्‍य रूप से परिपाक  तारीख को या उसके बाद किया जाएगा।  जमा की तारीख से पांच साल पूरा होने तक  समयपूर्व समाप्‍ति करने की अनुमति नहीं है।

10.  ब्‍याज दर:  जमाओं के लिए विशेष ब्‍याज दर दी जाती है।

11.  रू.10000 से रू.1 लाख को जमाओं के लिए लागू विशेष दर: 7.50%

       वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए:  उक्‍त दरों से 0.75%  अधिक दर

12. नामांकन:  वर्तमान नियमों के अनुसार जमाओं के लिए नामांकन किया जा सकता है।  फिर भी नाबालिग के लिए उनके द्वारा या उनकी ओर से खोली गई जमाओं के लिए नामांकन सुविधा नहीं है।

13.  खोयी/नष्‍ट हुई जमा रसीदों के बदले दूसरी रसीद जारी करना :  यदि जमा रसीद  खो गई है  या नष्‍ट हुई हो तो क्षतिपूर्ति प्राप्‍त  करके दूसरी रसीद जारी की जा सकती है।

14.  जमाकर्ता की मृत्‍यु : जमाकर्ता की मृत्‍यु होने पर नामिती जमा राशि का  दावा परिपाक  तारीख के पहले या बाद कर सकता है।  जमाकर्ता की मृत्‍यु के बाद नामिती के दावे का निपटान मानदंडों के अनुसार किया जाएगा।  जमाओं के मामले में, जहॉं जमाकर्ता की मृत्‍यु बिना नामांकन दिए हुई है तो जमाराशि कानूनी वारिसों को दी जा सकती है।

15.  जमा पर प्राप्‍त ब्‍याज हेतु कर देयता :  सावधि जमा पर प्राप्‍त ब्‍याज आय कर अधिनयम के अधीन कर योग्‍य है।  ऐसी जमा पर कर आय कर अधिनियम के प्रावधान के अनुसार स्रोत पर काट दी जाएगी।

16.  कर लाभ:  एकल जमाकर्ता या संयुक्‍त जमाकर्ताओं के प्रथम  धारक आय कर की धारा 80 सी के अधीन जमाराशि हेतु जिसमें धारा 80सी के अधीन अन्‍य सभी अनुमोदित निवेश, के साथ अधिकतम रू.1 लाख तक  की छूट का दावा कर सकता है।

   
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