आर टी आइ अधिनियम

IOB
इण्डियन ओवरसीज़ बैंक

बैंकिंग कंपनी (उपक्रमों का अधिग्रहण एवं अंतरण) अधिनियम 1970 के तहत गठित

केन्द्रीय कार्यालय – 763 अण्णा शालै, चेन्नै 600002

दूरभाष – (044) 2851 9438 / 2841 5702

फैक्स (044) 2852 3372 वेब साइट www.iob.in.

ई मेल accounts@iobnet.co.in

********

सूचना का अधिकार अधिनयम, 2005 की धारा 4(1)(बी)

के तहत सूचना का प्रकाशन
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 प्रत्येक सार्वजनिक प्राधिकरण के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही प्रोन्नत करने के लिए, सार्वजनिक नियंत्रण के तहत आनेवाले प्राधिकरणों से सूचना प्राप्त करने के लिए नागरिकों को अधिकार प्रदान करता है। प्रत्येक सार्वजनिक प्राधिकरण के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे निम्नलिखित सूचना का प्रकाशन करें तथा साथ ही इसके सारे रिकॉर्ड कंप्यूटरीकृत किए जाएँ और विभिन्न सिस्टम्स पर, समस्त राष्ट्र में इसे नेटवर्क के माध्यम से जोड़ा जाए ताकि ऐसे रिकार्डों तक आसानी से पहूँचा जा सके।
संस्था के ब्योरे, कार्य एवं कर्तव्य
दिनांक 10.02.1937 को बैंक की स्थापना हुई, बैंक के नाम को सार्थक रूप देते हुए उसी दिन देशीय और विदेशी शाखाएँ साथ-साथ खोली गई। उद्योग, बैंकिंग और बीमा क्षेत्र के पथप्रदर्शक श्री.एम.सीटी.एम.चिदंबरम चेट्टियार बैंक के संस्थापक थे।
भारत की स्वतंत्रता के समय बैंक की , भारत में 38 और विदेशों में 07 शाखाएँ थीं। जमाराशियाँ रु.6.64 करोड़ और अग्रिम रु.3.23 करोड़ थे। 1960 के दशक में भारतीय बैंकिंग उद्योग में विलयन की तेज़ लहर आई जिसके चलते निजी क्षेत्र के कमज़ोर बैंकों का विलयन सशक्त संस्थाओं में हुआ। आइओबी ने भी पाँच बैंकों का अधिग्रहण किया, जिससे बैंक का व्यापक विस्तार हुआ।
बैंक बहुत पहले से ही लघु उद्योग और कृषि संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करता रहा है। बैंक द्वारा, 1950 के दशक के प्रारंभिक समय में ही वैयक्तिक ऋण दिए जाने लगे थे, जबकि यह संकल्पना बैंकिंग उद्योग के लिए एकदम नई थी। बैंक के प्रारंभिक काल से ही, ग्राहकों को बेहतर सेवाएँ देने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। ग्राहक सेवा में सुधार लाने के लिए बैंक द्वारा 1960 के दशक के प्रारंभ से ही मशीनीकरण को भी अत्यधिक महत्व दिया गया।
32 वर्षों के दौरान, बैंक ने वैश्विक स्तर पर उन्नति की और वर्ष 1969 के अंत में बैंक ने 213 शाखाओं के माध्यम से रु.146 करोड़ के कारोबार का लेनदेन किया। बैंकिंग कंपनी (उपक्रमों का अधिग्रहण और अंतरण) अधिनियम, 1970 के तहत इस बैंक का राष्ट्रीयकरण किया गया। राष्ट्रीयकरण के बाद बैंक ने तीव्रगामी उन्नति की और कारोबार की मात्रा कई गुना बढ़ी।
बैंक के राष्ट्रीयकरण के बाद, बैंक की बैंकाक शाखा को आईओबी से अलग करके इसे नया नाम, भारत ओवरसीज़ बैंक लि. दिया गया। मार्च 2007 में भारत ओवरसीज़ बैंक का इण्डियन ओवरसीज़ बैंक में विलयन कर दिए जाने के साथ ही बैंकाक की शाखा फिर से आईओबी में शामिल हो गई।
दिनांक 30.09.2007 को भारत में हमारे बैंक की शाखाओँ की संख्या निम्न प्रकार से रही :
ग्रामीण             –     567
अर्ध-शहरी        –     447
शहरी               –     448
महानगरीय        –     360
कुल                  –     1822
विदेशों में स्थित हमारी शाखाओं के ब्यरे निम्न प्रकार से हैं :
सिंगापुर
श्रीलंका
हाँगकाँग
दक्षिण कोरिया
थाईलैंड
निम्नलिखित राष्ट्रों में हमारे प्रतिनिधि कार्यालय हैं :
मध्य पूर्व
मलेशिया
चीन
बैंक द्वारा तीन क्षेत्रीय ग्रामीण बैकों का प्रायोजन किया गया है, एक – तमिलनाडु राज्य में पांड्यन ग्राम बैंक, दो  उडी़सा राज्य में, पुरी ग्राम्य बैंक और ढेंकनल ग्राम्य बैंक। आगस्त 2007 में नीलांचल ग्रामीण बैंक का गठन करने के लिए उडी़सा राज्य के ग्रामीण बैंकों का विलयन कर दिया गया। इसमें, आइओबी प्रापर्टीस प्रा., सिंगापुर के नाम से एक संपूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी भी है।
देश के बैंकिंग परिदृश्य में आ रहे परिवर्तनों के अनुसार आइओबी द्वारा प्रौद्योगिकी आधारित सेवाओं को अपनाया गया है, संबंधित ब्योरे यहाँ संक्षेप में दिए जा रहे हैं :
v      फिलहाल, सभी शाखाएँ कंप्यूटरीकृत हैं। कोई भी नई शाखा खोली जाती है तो वह पूर्णतः कंप्यूटरीकृत होती है।
v      मौजूदा समय में बैंक की 716 सीबएस शाखाएँ हैं, 524 पूर्णतः कंप्यूटरीकृ शाखाएँ हैं और 664 शाखाएँ आंशिक रूप से कंप्यूटरीकृत हैं।
v      बैंक द्वारा, विभिन्न स्थानों में 400 एटीएण लगवाए गए हैं।
v      इंटरेनेट बैंकिंग (ई-सी बैंकिंग) ग्राहकों को अपना खाता देखने की सुविधा प्रदान करती है और यदि ग्राहक एक खाते से दूसरे खाते में निधियों का अंतरण करने की सुविधा के लिए बैंक में अपना अनुरोध पंजीकृत करवाते हैं तो इसकी भी सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। उपयोगिता बिल सुविधा के भुगतान की भी सुविधा उपलब्ध करवायी जाती है।
v      एटीएण नेटवर्क को व्यापक रूप देने के लिए बैंक द्वारा दो संघीय एटीएम के साथ गठबंधन किया गया है, जिनके नाम हैं, ‘कैश ट्री’ और ‘नेशनल फाईनैशियल स्विच’, (एनएफ़एस)। यह सुविधा देश भर में 12,000 एटीएम को कवर करती है।
v      बैंक द्वारा वीसा इन्टरनेशनल के साथ सौजन्य करके इंटरनेशनल क्रेडिट कार्ड और क्रेडिट कार्डों की शुरूआत की है, जिन्हें विश्व-भर में उपयोग में लाया जा सकता है।
v      बैंक द्वारा प्रातः 8 से सायं 8 बजे तक, बढ़े हुए बैंकिंग कार्य-समय वाली 14 शाखाओं की शुरूआत की है। बैंक की, रविवार को काम करनेवाली शाखाएँ भी हैं।
v      बैंक द्वारा देश भर की नेटवर्क से जुड़ी कई शाखाओं में इलक्ट्रॉनिक समाशोधन पद्धति (ईसीएस), इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण (एनएफटी), राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण (एनईएफटी) और आरटीजीएस, प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष करों के लिए ऑनलाइन टैक्स वसूली पद्धति लागू की गई है। ऑन लाइन ईक्विटी ट्रेडिंग सुविधा उपलब्ध है। विदेशी मुद्रा यात्री चेकों के अलावा, ओवरसीज़ ट्रैवेल-कार्ड भी परिचालन में हैं। इन्हें एटीएम-डेबिट कार्डों के रूप में उपयोग में लाया जा सकता है।
v      बैंक द्वारा, विदेशों से भारत को धन का ऑनलाइन प्रेषण करने की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाती है।
v      बैंक द्वारा, अपने कारोबार की निरंतरता और बैंकिंग सेवाओं को 24/7 आधार पर विस्तार देने के लिए पर्याप्त बैंक-अप और आंकड़ों के लिए बैक-अप पद्धति के साथ विशाल नेटवर्क की स्थापना की गई है।
वित्त वर्ष 2000-01 के दौरान पूँजी बाज़ार कमज़ोर होने के बावजूद, जनता से पूँजी एकत्रित करने के लिए प्रथम सफल प्रयास किया गया। रु.111.20 करोड़ एकत्रित करने के लिए दिनांक 25 सितंबर 2000 को यह निर्गम जारी किया गया और यह 1.87 से ओवरसबस्क्राइब हुआ। यह निर्गम, समापन दिवस क प्रारंभिक तारीख अर्थात् 29 सितंबर, 2000 को बंद हुआ। शेयर आबंटन अक्तूबर 2000 में किया गया। बैंक द्वारा दूसरी बार, सितंबर 2003 में रु.240 करोड़ मूल्य के लिए रु.14 /- प्रति शेयर के प्रीमियम के साथ शेयर पूँजी एकत्रित करने के लिए जनता से संपर्क किया गया। यह निर्गम सफल रहा और 6.14 से ओवरसबस्क्राइब हुआ। सार्वजनिक निर्गम के बाद बैंक की पूँजी में सरकार का अंश घट कर 61.25 % रह गया। बैंक के शेयरों को मद्रास स्टॉक एक्सचेंज (रीजनल), मुंबई शेयर बाज़ार और नेशनल स्टॉक एक्सचेंच ऑफ इंडिया लि.. में सूचिबद्ध किया गया।  
केन्द्रीय कार्यालय
संस्थागत संरचना
श्री.एस.ए. भट्ट 
 श्री.एस.ए. भट्ट

अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक
श्री.जी.नारायणन 
श्री.जी.नारायणन

कार्यपालक निदेशक
श्री.वाई.एल.मदान 
श्री.वाई.एल.मदान

कार्यपालक निदेशक
 कार्यालय के उच्च कार्यपालक

महा प्रबंधकगण
उप महा प्रबंधकगण
कर्नल बी एम पिळ्ळै
श्री.समीर बरुआ
श्री.आर.कृष्णन
श्री.पी.श्रधरन
श्री.वी.कृष्णस्वामी
श्री.एन.सुब्रमणियन
श्री.पी.के.त्रिपाठी
श्री.के.एस.कृष्णमूर्ती
श्री.वीआर.वीरशेखरन
श्री.एस.धनराज
श्री.जी.चन्द्रन
श्री.वी.एस.राजगोपालन
श्री.टी.वेंकटरेड्डी
श्री.पी.बालगोपाल कुरुप
श्री.एस.पलनिसामी
श्री.सी.बद्री
श्री.ए.रामस्वामी
श्री.एस.इलंगोवन
श्री.एन.कृष्णन
श्री.एम.एस.राघवन
श्री.पी.विजयराघवन
श्री.एम.एस.प्रकाश
श्री.के.साई कुमार
श्री.पी.एस.अंतल


केन्द्रीय कार्यालय के विभाग
एबीसी सर्वसेस
लेखा
आस्ति पुनर्निर्माण
बार/डीडीआर/कंपास
बैंकिंग परिचालन
सूचना प्रौद्योगिकी
ग्राहक समर्थन सेवाएँ
क्रेडिट कार्ड
ग्राहक सेवा
डिपॉज़िटरी सेवाएँ
विदेशी विनिमय
सरकारी लेखे
मानव संसाधन विकास
औद्योगिक सलाहकारी पुनर्वास
औद्यौगिक उधार
निरीक्षण
बीमा प्रभाग
आइओबी स्टार्स
विधि
अग्रणी बैंक
मर्चेंट बैंकिंग
विपणन एवं विकास
प्रबंधन सेवाएँ
विदेशी उधार
राजभाषा
कार्मिक प्रशासन
प्राथमिकता उधार (कृषि)
प्राथमिकता उधार (लघु-ऋण)
प्रायोजना
परिसर
जन-संपर्क
सुरक्षा
डाक
मुद्रण व लेखन सामग्री
जोखिम प्रबंधन
निधि
सतर्कता
सुरक्षा
लागत कक्ष
रिटेल बैंकिंग एवं विपणन
औद्योगिक संबंध
आचार एवं अनुशासनिक कार्रवाई कक्ष
स्टार नियंत्रण केन्द्र
स्टाफ़ कॉलज
परमार्श देने  के उद्देश्य से गठित दो या दो से अधिक व्यक्तियों वाले निदेशक मंडल, परिषद, समितियों और अन्य निकायों की विवरणियों, ऐसे निदेशक मंडलों, परिषदों और निकयों की बैठकें जनता के लिए खुले हैं अथवा ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त जनता की पहुँच में हैं।

निदेशक मंडल

बैंक का कारोबार निदेशक मंडल द्वारा किया जाता है। अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, कार्यपालक निदेशक इस निदेशक मंडल के पर्यवेक्षण, निर्देशन और नियंत्रण में कार्य करते हैं। बैंक का निदेशक मंडल द्वारा नीतिगत मामलों संबंधी व्यवहार देखे जाते हैं।

दिनांक 30.4.2008 की स्थिति अनुसार, निदेशक मंडल के मौजूदा सदस्यों के नाम निम्न प्रकार से है:
1.श्री.एस.ए.भट
2.श्री.जी.नारायणन
3.श्री.शशांक सक्सेना
4.श्री.चित्रा चन्द्रमौलीश्वरन
5.श्री.एन.श्रीधरन
6.श्री.जे.डी.शर्मा
7.श्री.एम.रवीन्द्र विक्रम
8.श्री.एम.एन.कंदस्वामी
9.श्री.अशोक कुमार भार्गव
10.श्री.सूरज प्रकाश खत्री
11.श्री.चिरंजीब सेन
12.श्री.एम.एन.वेंकटेशन
निदेशक मंडल की बैठकें

बैठक की तारीख और स्थान की सूचना तथा साथ ही कार्यसूची संबंधी कागज़ात, सभी निदेशकों को काफ़ी समय रहते उपलब्ध करवाई जाती है। निदेशक समस्त कार्यसूची पर अतिरिक्त जानकारियाँ प्राप्त कर सकते हैं। बैंक के कार्यपालकों को भी निदेशक मंडल की बैठकों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाता है और वे आवश्यक स्पष्टीकरण उपलब्ध करवाते हैं। निदेशक मंडल की बैठकें तिमाही में कम से कम एक बार और वर्ष में कम से कम छह बार आयोजित की जाती है।

निदेशक मंडल की समितियाँ

निर्णय प्रक्रिया को सुलभ रूप देने के उद्देश्य से निदेशक मंडल द्वारा निम्नलिखित समितियाँ गठित की गई हैं और उन्हें विशिष्ट अधिकार प्रदान किए गए हैं। प्रत्येक बैठक में पुष्टिकरण हेतु प्रस्तुत किए जाते हैं और इस प्रकार से अनुमोदित कार्यवृत्त निदेशक मंडल की जानकारी के लिए बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं।

निर्देशक मंडल की प्रबंधन समिति (एमसीबी) वित्तीय मंजूरियाँ देने का कार्य करती है। एमसीबी के मौजूदा सदस्यों के नाम निम्न प्रकार से हैं :
1.श्री.एस.ए.भट
2.श्री.जी.नारायणन
3.श्री.एम.रवींद्र विक्रम
3.श्रीमती चित्रा चन्द्रमौलीश्वरन
श्री.चिंरंजीब सेन
6.श्री.एन.श्रीधरन
श्री.एम.एन.कंदसामी

निदेशक मंडल की लेखा परीक्षा समिति, (एससीबी) बैंक में आंतरिक निरीक्षण और लेखा परीक्षा पद्धतियों का पर्यवेक्षण करती है।

एसीबी के मौजूदा सदस्यों के नाम निम्न प्रकार से हैं :
1.श्री.जी.नारायणन
2.श्री.शशांक सक्सेना
3.श्रीमती चित्रा चन्द्रमौलीश्वरन
4.श्री.रवीन्द्र विक्रम
6.श्री.सूरज खत्री


शेयर-धारकों की शिकायत समिति :

क)    दिनांक 07.06.2003 को बोर्ड स्तरीय समिति के रूप में गठित किया गया।

ख)    सदस्य

1.श्री.एस.एन.वेंकिटेशन – समिति के अध्यक्ष

2.श्री.जी.नारायणन    - कार्यपालक निदेशक

3.श्री.चिरंजीब सेन    - शेयर धारक निदेशक

ग)    समिति के कार्य-कलाप /कर्तव्य :

विशेष रूप से शेयरों का अंतरण न होना/अंतरण विलंब से होना, तुलन-पत्र प्राप्त न होना और लाभांश प्राप्त न होना जैसे शेयरधारकों और निवेशकों क शिकायतों संबंध माले देखना।

शेयर अंतरण समिति :

क)    दिनांक 23.12.2003 को इसे निदेशक मंडल स्तरीय समिति के रूप में पुनर्गठित किया गया।

ख)    सदस्य :

1.श्री.एस.ए.भट, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक अथवा इनकी अनुपस्थिति में श्री.जी.नारायणन, कार्यपालक निदेशक

2.श्री.एम.एन.वेंकटेशन – शेयरधारक निदेशक

3.श्री.जे.डी.शर्मा

ग) कार्य-कलाप /कर्तव्य :

निम्नलिखित मुद्दों पर विचार करना और अनुमोदन देना

1.शेयरों का अंतरण

2.शेयरों का हस्तांतरण

3.डुप्लिकेट शेयर प्रमण पत्र जार करना / कटे-फ़टे शेयर प्रमाण पत्रों के स्थान पर प्रतिस्थापन प्रमाणपत्र जारी करना।

4.नाम में परिवर्तन

5.डीमेट किए गए शेयर प्रमाणपत्रों को नष्ट करना।

जोखिम प्रबंधन समिति :

क)    दिनांक 23.12.2003 को इसे निदेशक मंडल स्तरीय समिति के रूप में पुनर्गठित किया गया।

ख)    सदस्य :

1.अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक                   - अध्यक्ष – (श्री.एस.ए.भट)

2.कार्यपालक निदेशक                          - सदस्य – (श्री.जी.नारायणन)

3.भारतीय रिज़र्व बैंक के नामिती निदेशक       - सदस्य – (श्रीमती चित्रा)

4.शेयर धारक निदेशक                                 - सदस्य – (श्री.एम.एन.वेंकटेशन)

ग)    कार्यकलाप /कर्तव्य :

बैंक की जोखिम प्रबंधन नीतियों की समीक्षा करना।
बड़े मूल्य की धोखाधड़ियों का प्रबोधन करने के लिए समिति क)    दिनांक 28.01.2004 को गठित – 24.01.2005 को पुनर्गठित

ख)    सदस्य :

1.अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक                   – (श्री.एस.ए.भट)

2.कार्यपालक निदेशक                 – (श्री.जी.नारायणन)

3.एससीबी से दो सदस्य              -  (श्री.शशांक सक्सेना एवं(श्री.एम.एन.वेंकटेशन)

4.   शेयर धारकों के निदेशक                   -  (श्री.अशोक कुमार भार्गव )                              

घ)    कार्यकलाप /कर्तव्य –

रु.1 करोड और इससे ऊपर की सभी धोखाधडि़यों का प्रबोधन और समीक्षा करना।

ग्राहक सेवा समिति :

क)    दिनांक 30.10.2004 को गठित

ख)    सदस्य :

1.अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक अथवा             - (श्री.एस.ए.भट)

  कार्यपालक निदेशक                      - (श्री.जी.नारायणन)

2.सरकार के निदेशक                       - (श्री.शशांक सक्सेना)

3.भारतीय रिज़र्व बैंक के निदेशक             - (श्रीमती चित्रा)

4.एक निदेशक                            - (श्री.एम.एन.वेंकटेशन)

5.अधिकारियों के निदेशक                         - (श्री.जे.डी.शर्मा)

6.कर्मकार निदेशक                               - (श्री.एन.श्रीधरन)

ग) कार्यकलाप /कर्तव्य  :

1) बैंक द्वारा उपलब्ध कराई गई ग्राहक सेवाओँ की गुणवत्ता में सुधार लाना।

2) बैंक की तदर्थ-समिति के कार्यकलापों की देखरेख करना।

3) जन-सेवाओं की प्रविधियों और कार्य-निष्पादन लेखा-परीक्षा पर समिति की सिफ़ारिशों का अनुपालन सुनिश्चित करना।

4) ग्राहक सेवा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नवोन्मेषी उपायों की सिफ़ारिश करना।

5) सभी संवर्गों के ग्राहकों को हमेशा ग्राहक-संतोष दिलाने के स्तर में सुधार लाना।

अन्य समितियाँ 

बैंकिंग कारोबार के विविध पक्षों पर, रोज़मर्रा के कार्यकलापों की समीक्षा और प्रबोधन करने के लिए आस्ति-देयता प्रबंधन समिति, निवेश समीक्षा समिति, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक और विभागीय कार्यकलापों के साथ महा प्रबंधकों को शामिल करते हुए उच्च प्रबंधन समिति जैसी अन्य विभिन्न समितियाँ गठित की गई हैं।

निपटान सलाहकारी समिति

न्यायालय से बाहर और एक बारगी निपटान /बट्टा खाते डाले जाने वाले प्रस्तावों पर मंजू़री के लिए एमसीबी के समक्ष रखे जाने वाले प्रस्तावों पर सिफारिशें करने के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश, बैंक के सेवानिवृत्त कार्यपालक और महा प्रबंधक, विधि विभाग को शामिल करते हुए निपटान सलाहकारी समिति का गठन किया गया है।

केन्द्रीय कार्यालय सरफ़ेसी समिति

केन्द्रीय कार्यालय के अनुवर्तन के अधीन आने वाली अनर्जक आस्तियों के संबंध में सरफ़ेसी अधिनियम की धारा 13(4) के तहत आगे की अन्य सभी प्रकार की कार्रवाइयाँ करने के लिए अनुमति देने हेतु विधि विभाग और प्रदेशों के महा प्रबंधकों और उप महा प्रबंधक अथवा सहायक महा प्रबंधक, विधि विभाग को शामिल करते हुए, केन्द्रीय कार्यालय में सरफ़ेसी समिति का गठन किया गया है।

क्षेत्रीय कार्यालय सरफ़ेसी समिति

क्षेत्रीय कार्यालय के अनुवर्तन के अधीन आने वाली अनर्जक आस्तियों के संबंध में सरफ़ेसी अधिनियम की धारा 13(4) के तहत आगे की अन्य सभी प्रकार की कार्रवाइयाँ करने के लिए अनुमति देने हेतु क्षेत्रीय प्रधान, मुख्य प्रबंधक, वरिष्ठ प्रबंधक और नज़दीकी शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक को शामिल करते हुए सरफ़ेसी समिति का गठन किया गया है। यह समिति केन्द्रीय कार्यालय के अनुवर्तन के अधीन आनेवाली अनर्जक आस्तियों के संबंध में, इस अधिनियम की धारा 13(4) के अधीन कार्रवाई की मंजूरी के लिए केन्द्रीय कार्यालय सरफ़ेसी समिति को सिफारिश करती है।

छूट

निदेशक मंडल की बैठकें अथवा ऊपर उल्लिखित कोई भी समिति जनता के लिए खुल नहीं हैं और ऐसी बैठकों के कार्यवृत्तों तक जनता की पहूँच उपलब्ध नहीं है।

क्षेत्रीय कार्यालय
चंडीगढ
नई दिल्ली
जयपुर
लखनऊ
लुधियाना
मेरठ
ब्रह्मपुर
भुवनेश्वर
हैदराबाद
कोलकाता (महा)
कोलकाता (गैर-महा)
पटना
विजयवाडा
विशाखपट्टणम
गुवाहाटी
अहमदाबाद
बैंगलूर
बड़ौदा
मुंबई (महा)
मुंबई (गैर-महा)
पणजी-गोवा
चैन्नै (महा)
चेन्नै (गैर-महा)
कांचीपुरम
कारैकुडी
नागपट्टिनम
पांडिचेरी
तंजाऊर
तिरुचिरापल्ली
कोयम्पत्तूर
एरणाकुळम
ईरोड
कोष़िक्कोट्
मदुरई
नागरकोइल
सेलम
तिरुवनन्तपुरम
तिरुनेलवेली
तूत्तुक्कुडी


क्षेत्रीय कार्यालयों में क्षेत्रीय प्रधान
क्र.
क्षेत्र
नाम
पदनाम
1.
अहमदाबाद
श्री.टी.के.बोस
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
2
बैंगलूर
श्री.आर.वैद्यनाथन
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
3
बड़ौदा
श्री.पी.के.साहा
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
4
ब्रह्मपुर
श्री.सत्यनारायण नायक
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
5
भुवनेश्वर
श्री.सत्यनारायण मिश्र
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
6
चण्डीगढ
श्री.मनोज कुमार दत्ता
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
7
चेन्नै -1
श्री.सुभाष चन्द्र
महा प्रबंधक
8
चेन्नै - 11
श्री.जी.रवीन्द्र कुमार गांधी
महा प्रबंधक
9
कोयम्बत्तूर
श्री.पी.रामरत्तिनम
महा प्रबंधक
10
दिल्ली
श्री.पी.के.चतुर्वेदी
महा प्रबंधक
11
एरणाकुळम
श्री.एस.राधाकृष्णन
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
12
ईरोड
श्री.केशवा.एस.एच
वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक
13
हैदराबाद
श्री.डी.के.पटेल
महा प्रबंधक
14
जयपुर
श्री.गुलाब सिंह राणा
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
15
कांचीपुरम
श्री.पी.एल.अलगप्पन
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
16
कारैकुडी
श्री.टी.वी.नागराजन
वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक
17
कोलकाता (महा)
श्री.सुबीर चक्रवर्ती
महा प्रबंधक
18
कोलकाता (गैर-महा)
श्री.असीम कुमार बोस
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
19
कोष़िक्कोट्
श्री.
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
20
लखनऊ
श्री.नरेश चौधरी
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
21
लुधियाना
श्री.राजेन्द्र प्रसाद भारती
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
22
मदुरै
श्री.बी.एस.केशव मूर्ती
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
23
मेरठ
श्री. मिलाप कपूर
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
24
मुंबई (महा)
श्री.सत्य नारायण मिश्र
महा प्रबंधक
25
मुंबई (गैर-महा)
श्री.अशोक शंकर
महा प्रबंधक
26
नागपट्टिणम
श्री.एस.मुत्तुस्वामी
वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक
27
नागरकोइल
श्री.सी.एस.दैववेल
वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक
28
पणजी-गोवा
श्री.लक्ष्मीनारायण.एम.
वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक
29
पटना
श्री.प्रवीण कुमार चतुर्वेदी
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
30
पांडिचेरी
श्रीमती.गीता.पी.शेट्टी
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
31
सेलम
श्री.आर.कल्याणरामन
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
32
तंजावूर
श्री.वीरप्पन.टी
वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक
33
तिरुनेलवेली
श्री.रामदास.एम.
वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक
34
तिरुच्चि
श्रीमती.रेणुका मोहन राव
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
35
तिरुवनन्तपुरम
श्री.ज़ेवियर थॉमस
वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक
36
तूत्तुक्कुडी
श्री.जी.वेणुगोपाल
वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक
37
विजयवाडा
श्री.के.सेतु
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
38
विशाखपट्टणम
श्री.मोटूरि अशोका
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
39
गुवाहाटी
श्री.देवेंद्र कुमार नंदा
वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक


शाखाएँ

जनता, शाखाओं की सूची केलिए बैंक के वेबसाइट पर शाका के क्षेत्र-वार ब्येरे देख सकती है।

अधिकारियों और कर्मचारियों की निर्देशिका। अपने प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी द्वारा प्राप्त मासिक पारितोषिक और अपने विनियमों में उपलब्ध क्षतिपूर्ति-पद्धति अनुसार

केन्द्रीय कार्यालय के कार्यपालकों और क्षेत्रीय प्रधानों के नाम ऊपर दिए गए हैं। मार्च 2005 के अंत में, भारत में बैंक स्टाफ की संख्या 24,366 थी, जिसमें 7654 अधिकारी, 12463 लिपिक और 4249 अधीनस्थ-स्टाफ थे, इनका समय-समय पर स्थानान्तरण हो सकता है। इसलिए अधिकारियों और कर्माचारियों की सूची प्रकाशित करना और इसे अद्यतन बनाए रखना संभव नहीं है, लेकिन, बैंक के किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी के बारे में ऐसी कोई जानकारी, वेतन एवं अन्य पारितोषिकों के बारे में जानना हो तो यह बैंक के केन्द्रीय जन-सूचना अधिकारी से प्राप्त की जा सकती है।

अधिकारी कर्मचारियों के लिए वेतनमान (दिनांक 01/11/2002 से लागू

अधिकारी कर्मचारियों के लिए मौजूदा वेतनमान निम्न प्रकार से प्रस्तुत हैं :

कनिष्ठ प्रबंधन श्रेणी
स्केल 1
=
रु.10000
-
470/6
-
12820
-
500/3
-
14320
-
560/7
-
18240
मध्यम प्रबंधन ग्रेड
स्केल II
=
रु.13820
-
500/1
-
14320
-
560/10
-
19920
स्केल III
=
रु.18240
-
560/5
-
21040
-
620/2
-
22280
 
 
 
 
वरिष्ठ प्रबंधन ग्रेड
स्केल IV = रु.20480 - 560/1 - 21040 - 620/5 - 24140
स्केल V = रु.24140 - 620/4 - 26620 -      
उच्च कार्यपालक ग्रेड
स्केल VI = रु.26620 - 680/4 - 29340        
स्केल VII = रु.29340 - 680/2 - 30700 - 900/1 - 31600 - 10000/1 - 32600




अधिकारी सेवा विनियम के अनुसार, हर महीने, सेशोधित महांगाई भत्ता, मकाना किराया भत्ता, नगर प्रतिकर भत्ता एवं अन्य भत्तों का परिकलन किया जाता है। अधिकारी सेवा विनियमों में संशोधन लंबित होने के कारण, पारितोषिकों में हुई वृद्धि के लगभग बराबर तदर्थ रकम का भुगतान, जुलाई, 2005 से किया जा रहा है।

कर्मचारियों केलिए वेतन के स्केल 

लिपिकीय और अधीनस्थ स्टाफ के वेतन के स्केल आठवें द्विपक्षीय समझौते के अनुसार संशोधित किए गए हैं जो 1 नवंबर 2002 से लागू हैं। ब्योरे निम्न प्रकार से हैं –

लिपिकीय स्टाफ़
4410
215/3
5055
335/3
6060
470/4
7940
500/3
9440
560/4
11680
970/1
12650
560/1
13210
20 वर्ष
अधीनस्थ स्टाफ़
4060
105/2
4270
115/2
4500
135/2
4770
165/3
5265
195/4
6045
235/3
6750
270/3
7560
20 वर्ष
संशोधित महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, नगर प्रतिकर भत्ता एवं अन्य भत्ते आठवें द्विपक्षीय समझौते के अनुसार अदा किए जाते हैं।

अधिकारियों और कर्मचारियों के अधिकार और कर्तव्य
शाखाओं में कार्यरत बैंक के सहायक प्रबंधक से लेकर सहायक महा प्रबंधक तक के सभी अधिकारियों को उनकी स्थ्ति अनुसार कुछ वित्तीय अधिकार प्रदान किए गए हैं। विभिन्न ग्रेड के अधिकारियों को वित्तीय अधिकार देने का निर्णय निदेशक मंडल द्वारा लिया जाता है। संश्ता की आवश्यकताओं और सरकार/भारतीय रिज़र्व बैंक के मार्गनिर्देशों के अनुसार इन अधिकारों को समय-समय पर संशोधित किया जाता है।   
 छूट
किसी ऋण की मंजूरी दी जाए अथवा नहीं, इस बात का संपूर्ण विवेकाधिकार, बैंक के संबंधित प्राधिकारी को होता है और ऐसे अधिकार का प्रयोग, प्रत्येक मामले के संबंधित तथ्यों और स्थितियों पर विचार करने के बाद किया जाता है। ऋणों की मंजूरी, ऋण खातों के ब्योरे और संबंधित जानकारी को प्रकटन से छूट प्राप्त है।
शाखाओं में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के अधिकार और कर्तव्यों के ब्योरे, जनता की सूचना के लिए निम्न प्रकार प्रस्तुत किए जाते हैं।
सहायक प्रबंधक 
अधिकार : 
1.समय-समय पर प्रबंधन द्वारा दिए गए मार्गनिर्देशों के अनुसार लेनदेन संपन्न करना।
2.उसको दिए गए विभाग (गों) से संबंधित कार्यों को लिपिकीय स्टाफ के बीच आबंटित / पुनःआबंटित / वितरित करना।
3.उसको सहबद्ध अधीनस्थ स्टाफ के बारे में आवधिक कार्यनिष्पादन मूल्यांकन रिपोर्टों में प्रतिवेदन प्रस्तुत करना।
4.मौजूदा समय में लागू नियमों के अनुसार उसके अधीनस्थ स्टाफ को कार्यालय में देरी से आने अथवा जल्दी जाने की अनुमति की मंजूरी देना।
5.शाखा प्रबंधन द्वारा समय-समय पर प्रदत्त कोई अन्य प्राधिकार।
 कर्तव्य :

  1. उसके विभाग (गों) द्वारा किए गए लेनदेनों की तकनीकी सत्यता और यथार्थता, सफाई को सुनिश्चित करना।
  2. उसके विभाग(गों) से संबंधित सही दस्तावेज़ों को प्राप्त करना और उनके प्रभावी होने को सुनिश्चित करना।
  3. उसके विभाग(गों) से संबंधित समस्त लेखा-बहियों का अद्यतन रूप से संतोलन करना सुनिश्चित करना।
  4. उसके विभाग द्वारा प्रस्तुत विवरणियों, अनुस्मारक, ब्योरे, आंकड़े आदि समयानुसार हों, साफ और यथार्थ हों, इसे सुनश्चित करना।
  5. उसके विभाग / कार्य-कलापों के संबंध में ग्राहक किसी प्रकार की शिकायत न करें, यह सुनिश्चित करना।
  6. उसके विभाग, शाखा या सामान्य तौर पर बैंक से संबधित किसी प्रकार की कमी / अनियमितता/चूक के बारे में शाखा प्रबंधक को सूचना देना।
  7. पूर्ण अनुशासन का पालन करना और उसके नियंत्रणाधीन विभाग में अनुशासन बनाए रखना।
  8. उसके अधीन काम कर रहे स्टाफ़ सदस्यों के अननुशासन/बदतमीज़ी, ग़ैर-निष्पादन/कम-निष्पादन और अच्छे व्यवहार, शानदार निष्पादन, संभाव्यताओं के साक्ष्यों आदि का भी रिकार्ड रखना और शाखा प्रबंधन को इसकी जानाकरी देनी ताकि इस पर उचित कार्रवाई की जा सके।
  9. उसके विभाग से संबंधित रिकार्डों, प्रतिभूतियों, लेखन सामग्री (सुरक्षेय फार्मों सहित), बिल्स, दस्तावेज़ और चाबियों की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना।
उप प्रबंधक  

अधिकार :

1.        प्रबंधन द्वारा समय-समय पर दिए गए मार्गनिर्देशों के अनुसार लेनदेन संपन्न करना।

2.       स्टाफ सद्स्यों को समय-समय पर कार्य आबंटित /पुनः आबंटित /वितरित करना।

3.       उसके साथ सहबद्ध स्टाफ़ के बारे में आवधिक कार्यनिष्पादन मूल्यांकन रिपोर्टों के माध्यम से रिपोर्ट देना।

4.       सभी सहायक प्रबंधकों और अन्य अधीनस्थों को विभाग –अधिकारी से परामर्श करके (जहाँ लागू हों), बैंक में लागू नियमों के अनुसार छुट्टी अथवा अनुमति की मंजूरी देना/सिफ़ारिश करना।

5.       जब कभी आवश्यक हो, शाखा के किसी भी अधीनस्थ स्टाफ़ के संबंध में अनुशासनिक कार्रवाई के बारे में प्रबंधक को सिफारिश करना।

6.       शाखा प्रबंधन द्वारा समय-समय पर प्रदत्त अन्य कोई प्राधिकार।

7.       नेमी पत्रों और विवरणियों पर हस्ताक्षर करना (जहाँ अन्य कोई उप प्रबंधक तैनात किए जाते हैं, यह कार्य उस उप प्रबंधक द्वारा किया जाएगा जो वरिष्ठ हैं।)

कर्तव्य

1.        सहायक प्रबंधकों और अन्य अधीनस्थों (जहाँ लागू हो) के माध्यम से और प्रत्यक्ष आवधिक जाँच-पड़ताल के माध्यम से निम्नलिखित को सुनिश्चित करना

क)शाखा में संपन्न समस्त लेनदेन बैंक में लागू नियमों के अनुसार हैं और समस्त लेखा-बहियों का अद्यतन तौर पर संतोलन कर लिया गया है।

ख) समस्त स्टाफ़ सदस्य, उन्हें सौंपा गया कार्य पूरा करते हैं और उन्हें अपने कैरियर विकास के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान किए जाते हैं।

ग) शाखा से संबंधित समस्त पत्राचार, विवरणियाँ, आंकड़े इत्यादि निर्धारित समय सीमा के भीतर भेज दिए जाते हैं।

घ) शाखा में ग्राहक सेवा का उच्चतर स्तर बनाए रखा जाता है।

2.  शाखा में सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंध वातावरण सुनिश्चित करना।

3.  शाखा में सुरक्षा विनियम / मार्गनिर्देशों का पालन सुनिश्चित करना।

4.  शाखा और सामान्य तौर पर बैंक से संबंधित किसी प्रकार की कमी, अनियमितता, चूक का रिकार्ड रखना और इसकी जानकारी शाखा प्रबंधक को देना या उसके माध्यम से क्षेत्रीय प्रबंधक को सूचित करवाना।

5. परिसर, लेखन सामग्री मदों और पुराने रिकार्डों की अभिरक्षा, सुरक्षा और अनुरक्षण करना और निर्धारित प्रविधियों का पालन करते हुए पुराने रिकार्डों को नष्ट करना।

6. क्लीन कैश-बुक को प्रतिदिन संतोलन, जाँच करना और उस पर हस्ताक्षर करने को सुनिश्चित करना।

7. संयुक्त रूप से अथवा वैयक्तिक तौर पर उसे सौंपी गई शाखा की चाबियों को सुरक्षित करना।

8.शाखा में उपस्थिति और समय-पालन को सुनिश्चित करना (जहाँ कहीँ एक से अधिक उप प्रबंधक दिए गए हैं वहाँ इनकी जिम्मेदारियाँ अपने से संबंधित कार्यक्षेत्र से संबंधित होंगी।)

प्रबंधक

अधिकार

  1. प्रबंधन द्वारा समय-समय पर प्रदत्त वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार।
  2. कार्य-निष्पादन मूल्यांकन के लिए रिपोर्टिंग प्राधिकारी/समीक्षा- प्राधिकारी।
  3. मौजूदा समय में लागू नियमों के अनुसार आकस्मिक छुट्टी/उप प्रबंधक /अन्य प्रबंधक को अनुमति की मंजूरी देना और अन्य प्रकार की छुट्टियों के लिए क्षेत्रीय कार्यालय को सिफ़ारिश भेजना।
  4. विशेष पत्रों, नियंत्रक कार्यालय को भेजे जा रहे पत्रों और ग़ैर-नेमी प्रकृति के महत्वपूर्ण पत्रों पर हस्ताक्षर करना और विवरणियों तथा कारोबार प्रस्तावों पर हस्ताक्षर करना।
  5. किसी भी स्तर पर मंजूर की गई उधार सुविधाओं को, वैध कारणों से रिलीज़ करना अथवा रोक रखना।
  6. अपने को प्रदत्त अधिकारों के अंतर्गत अनुशासनिक कार्रवाई करना अथवा प्रबंधक ( IIलाइन) / उप प्रबंधक से परामर्श करके क्षेत्रीय प्रबंधक को सिफारिश भेजना।
  7. शाखा के हित को ध्यान में रखते हुए, शाखा में कार्यरत किसी भी स्टाफ सदस्य के स्थानान्तरण के लिए क्षेत्रीय प्रबंधक को सिफारिश करना। 
कर्तव्य 

1.        शाखा की बहियों में बकाया सभी अग्रिम, मंजूरी की शर्तों/निबंधनों के अनुसार होने को सुनिश्चित करना।

2.       बैंक को बकाया रकमों की वसूली सुनिश्चित करना।

3.       आंतरिक रख-रखाव, ग्राहक सेवा और सुरक्षा को उप प्रबंधक द्वारा, पूर्णतः अपेक्षित स्तर पर बनाए रखा गया है, इसे सुनिश्चित करना।

4.       सुनिश्चित करना कि शाखा के स्टाफ अपना कर्य पूरा करते हैं और उन्हें अपने कैरियर के विकास के लिए भरपूर अवसर मिलते हैं।

5.       उप प्रबंधक से विचार-विमर्श करके, शाखा के किसी भी अधीनस्थ स्टाफ के विरुद्ध किसी भी प्रकार की अनुशासनिक कार्रवाई की क्षेत्रीय प्रंबधक को सिफारिश करना। 

जहाँ तक पंचाट स्टाफ का संबध है, उनके कर्तव्य और जिम्मेदारियाँ द्विपक्षीय समझौते द्वारा नियंत्रित होती हैं। 

पर्यवेक्षण और जवाबदेही के चैनलों सहित, निर्णय-प्रक्रिया में अपनाई जाने वाली प्रविधि 

निर्णय प्रक्रिया के संबंध में, बैंक में सुपरिभाषित पद्धति मौजूद है। वित्तीय निर्णय, शाखा से लेकर निदेशक मंडल की प्रबंधन समिति तक, विभिन्न स्तरों पर लिए जाते हैं। शाखाओं द्वारा आवेदन पत्र दिए जाते हैं और शाखा स्तर पर ही निर्णय लिए जाते हैं। यदि यह उनके विवेकाधिकार में आता है और यदि यह उनके अधिकारों से ऊपर हो तो इसे क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा विचार करने केलिए अग्रेसरित किया जाता है। यदि ऐसे प्रस्ताव उनके अधिकारों के तहत हों तो क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा निर्णय लिए जाते हैं और यदि उनके अधिकारों से भी ऊपर हों तो ऐसे प्रस्ताव वे अपनी सिफारिशों के साथ केन्द्रीय कार्यालय द्वारा विचार करने अथवा अन्यथा निर्णय लेने के लिए अग्रेसरित करते हैं। 

इसके अलावा, बैंक में सुपरिभाषित संस्थागत संरचना और जवाबदेही की स्पष्ट पद्धति मौजूद है जिसमें भारतीय रिज़र्व बैंक /सीवीसी मार्गनिर्देश भी शामिल हैं। प्रत्येक अधिकारी को ऋण प्रस्तावों पर विचार करना होता है और उन्हें प्रदत्त विवेकाधिकारों के अनुसार निर्णय लेना होता है। उनके द्वारा मंजूर किए गए सभी ऋणों पर नियंत्रण रखे जाने के लिए ऐसी जानकारी अगले उच्च प्राधिकारी को देनी होती है। विवेकाधिकारों का उचित प्रयोग और नियंत्रक विवरणियों की प्रस्तुति की पद्धति का प्रबोधन, नियंत्रक कार्यालयों और लेखा-परीक्षा एवं निरीक्षण के माध्यम से किया जाता है। 

नीति निर्धारण करने अथवा उस पर कार्रवाई करने के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श करने अथवा उनका प्रतिनिधित्व प्राप्त करने केलिए मौजूद व्यवस्था के ब्योरे। 

बैंक द्वारा किन्हीं नीतियों का निर्धारण करने के लिए जनता के सदस्यों के साथ परामर्श की कोई व्यवस्था करने की आवश्यकता नहीं है। तथापि, शिकायोतों का निवारण करने के लिए प्रत्येक क्षेत्रीय कार्यालय में ग्राहक सेवा विभाग हैं, और बैंक के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों और केन्द्रीय कार्यालय में जनता की शिकायतों का निवारण करने के लिए नोडल अधिकारी को नामित किया गया है। 

जनता के उपयोग के लिए अनुरक्षित कोई पुस्तकालय अथवा वाचनालय के कार्य-समय की जानकारी प्राप्त करने सहित, नागरिकों को उपलब्ध सुविधाओं के ब्योरे

जनता के उपयोग के लिए किसी प्रकार के पुस्तकालय अथवा वाचनालय की व्यवस्था नहीं की गई है। तथापि प्रत्येक क्षेत्रीय कार्यालय और केन्द्रीय कार्यालय में ग्राहक सेवा विभाग मौजूद हैं। बैंक द्वारा जुलाई 2002 में नागरिक अधिकार पत्र नाम से संशोधित संस्करण का प्रकाशन करवाया गया है जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के विभिन्न संवर्गों के ग्राहकों और नागरिकों को उपलब्ध करवाए जानेवाले बचत खातों, चालू खातों, विभिन्न जमा योजनाओं और उधार सुविधाओं के बारे में जानकारी प्रस्तुत की गई है। नागरिक अधिकार पत्र में प्रतिक्रियाशीलता, कौशल में सुधार लाने और ग्राहकों की शिकायतों का निवारण करने के मामले में विभिन्न पद्धतियों के ब्योरे दिए गए हैं। आईओबी के नागरिक अधिकार पत्र के संपूर्ण कथ्य को जानने के लिए नागरिकों से अनुरोध कियाजाता है कि वे  iob.com  को लॉग-ऑन करें।

बैंक के कार्यकलापों को संपन्न करने के लिए कर्मचारियों द्वारा प्रयुक्त, बैंक द्वारा पारित अथवा उसके नियंत्रण के तहत आने वाले नियम,विनियम, अनुदेश, नियम-पुस्तक और रिकार्ड

विभिन्न प्रकार के कार्यों को संपन्न करने के लिए कर्मचारियों द्वारा प्रयुक्त, दस्तावेज़ीकरण पर मैनुअल, अनुदेश पुस्तक, स्थाई परिपत्र, विवेकाधिकार प्रदान करना, निदेशक मंडल और विभिन्न समितियों की कार्यवाहियाँ और आवधिक परिपत्र जैसे दस्तावज़ों की बडी संख्या है जो कि बहुत बड़ी मात्रा में है । अतः जनता जिस सूचना तक पहुँच सकती है और जो उनके उपयोग की है, उसे निम्न प्रकार से प्रस्तुत किया जा रहा है। 

खाता खोलना 

किसी भी प्रकार का जमा खाता खोलने केलिए, सामान्य तौर पर जो व्यक्ति शाखा में स्वयं आते हैं, ऐसे प्रत्येक आवेदक से उचित खाता खोलने के फॉर्म में लिखित आवेदन पत्र प्राप्त किया जाना चाहिए। खाता खोलने के फॉर्म पर आवेदक के आवास और कार्यालय/कारोबार स्थल का पता लिया जाना चाहिए। शाखाओं द्वारा, आवेदक के पेशे के ब्योरे प्राप्त किए जाने चाहिए और आवेदन पत्र में निर्धारित स्थान पर पेशा कोड संख्या में इसे रिकॉर्ड भी किया जाना चाहिए। पेशा कोड संख्या में ऐसी जानकारी रिकॉर्ड करना भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित निबंधनों के अनुसार आवश्यक है और जमा राशियों के स्वामित्व के सर्वेक्षण से संबंधित आधारभूत सांख्यिकीय विवरणों का समेकन करने में इससे मदद मिलती है।

विभिन्न प्रकार के खातों को खोलने के लिए आवश्यक फ़ार्मों के ब्योरे उपलब्ध करवाए गए हैं। किसी भी खाते को खोलने का अनुमोदन शाखा प्रबंधक द्वारा दिया जाना चाहिए। तथापि, जहाँ खाता खोलने के लिए परिचय अथवा स्थितियों की, शाखा प्रबंधक द्वारा जाँच करना आवश्यक हो ऐसे मामलों के अलावा, वैयक्तिक नामों पर सावधि जमा और बचत बैंक जमा खाता खोलने के लिए संबंधित विभाग के प्रभारी अधिकारी द्वारा अनुमोदन दिया जाए। अन्य सभी मामलों में, शाखा प्रबंधक का अनुमोदन ज़रूर प्राप्त किया जाना चाहिए।

किसी खाते को खोलने का प्राधिकार देनेवाले अधिकारी द्वारा इस बात का संतोष कर लिया जाना चाहिए कि खाता खोलने के लिए निर्धारित सभी पूर्वोपायों का अनुपालन किया गया है। शाखा प्रबंधक के अलावा किसी अन्य अधिकारी द्वारा खाता खोलने का अनुमोदन दिया गया हो तो दिन की समाप्ति पर, शाखा प्रबंधक द्वारा इनकी जाँच की जानी चाहिए और संबंधित खाता खोलने के फॉर्म पर निर्धारित स्थान में अपने आद्यक्षर करके इसकी पुष्टि की जानी चाहिए। 

फ़ोटोग्राफ प्राप्त करना 

हमारे बैंक में लागू किए गए, भारतीय रिज़र्व बैंक के मार्गनिर्देशों के अनुसार, निम्नलिखित संवर्गों के तहत आने  वाले ग्राहकों से, शाखाओं द्वारा दो फोटोग्राफ़ प्राप्त किया जाना चाहिए।

क)    सभी प्रकार के जमा खाते, अर्थात, बचत खाता, चालू खाता, सावधि जमा, आवर्ती जमा इत्यादि।

ख)    निवासी और अनिवासी ग्राहक

ग)     पर्दानशीन महिलाएँ

प्रत्येक संवर्ग की जमाओं के लिए अलग-अलग फ़ोटोग्राफ़ प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है। विभिन्न प्रकार के जमा खातों के आवेदन पत्रों को उचित ढंग से संदर्भित किया जाना चाहिए। शाखाओं द्वारा यह बात ध्यान में रखी जानी चाहिए कि फ़ोटोग्राफ़ नमूना हस्ताक्षर का विकल्प नहीं हो सकता।

खाता खोलने के  बाद फ़ोटोग्राफ़ खाता खोलने के फ़ॉर्म पर और दूसरा फ़ोटोग्राफ़ नमूना हस्ताक्षर शीट पर चिपकाया जाना चाहिए।

छूट प्राप्त ग्राहक

निम्नलिखित खातों के मामले में फोटोग्राफ प्राप्त करने पर जोर देने की आवश्यकता नहीं है –

  1. स्टाफ़ के खाते
  2. बैंक, स्थानीय प्राधिकरण और सरकारी विभाग
  3. नए बचत खाते, जिनमें चेक सुविधा नहीं दी गई है।
  4. रुपए दस हज़ार मात्र तक की रकम के लिए सावधि जमाएँ। 
खातों का परिचय 

समस्त जमा खाते, इनके खोले जाने से पहले, बैंक के नियमों के अनुसार उचित ढ़ंग से परिचित करवाया जाना चाहिए। परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत, संग्रहकर्ता बैंकर के रूप में बैंक को सुरक्षा प्रदान करने को सुनिश्चित करने के लिए संतोषप्रद परिचय प्राप्त करना एक कानूनी बाध्यता है और इस संबंध में भारतीय रिज़र्व बैंक के निदेशों का पालन करना भी है। यह बदमाश व्यक्तियों द्वारा की जानेवाली धोखाधड़ियों से बचने का भी एक उपाय है।

खाता खोलने के लिए परिचय देना निम्नलिखित में से किसी के द्वारा भी संपन्न किया जा सकता है।

            I.      कोई भी मौजूदा खाताधारक जो कम से कम छह महीनों की अवधि से अपने खाते में संतोषजनक लेनदेन संपन्न कर रहा है।

        II.      जनता में से कोई भी सम्माननीय सदस्य जिसकी सदाशयता बैंक को स्वीकार्य हो और वह शाखा से अच्छी तरह परिचित हो। ऐसे खाते खोलने के लिए केवल शाखा प्रबंधक द्वारा अनुमोदन दिया जाना चाहिए।

नोट – शाखा द्वारा यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि परिचयकर्ता, भावी ग्राहक को अच्छी तरह से जानता है और जमाकर्ता का उस व्यक्ति के साहचर्य की अवधि का पता लगाया जाना चाहिए तथा यह जानकारी, खाता खोलने के फॉर्म में उपलब्ध निर्धारित स्थान पर अंकित की जानी चाहिए।

    III.      हमारे बैंक स्टाफ़ में से कोई भी स्थाई सदस्य, जो खाते का परिचय देने से उत्पन्न प्रभावों की ऐसी परिचय को स्टाफ़ सदस्य की ओर से व्यक्तिगत हैसियत से दिया गया परिचय माना जाना चाहिए, न कि कार्यालयीन हैसियत से।

        IV.      बैंक की किसी अन्य शाखा से, ऐसे मामलों में अन्य शाखा में खाता खोलने के कारणों को स्पष्ट करते हुए एक प्रावरण पत्र के साथ उस शाखा द्वारा, सामान्यतया पूरी तरह से भरा हुआ खाता खोलने का फार्म और नमूना हस्ताक्षर शीट भेज जाएँगे। तथापि, यदि आवेदक किसी अन्य शाखा द्वारा अथवा उस शाखा में कार्यरत किसी अधिकारी द्वारा दिए गए परिचय के साथ खाता खोलने का फार्म स्वयं लाकर जमा करता है तो खाते का परिचय देने वाले, अन्य शाखा के अधिकारी के हस्ताक्षरों की जाँच करने के बाद और उस अन्य शाखा से प्रत्यक्ष जानकारियाँ प्राप्त करने के बाद ही खाता खोला जाना चाहिए।

            V.      वैध पासपोर्ट अथवा डाक पहचान कार्ड (यह केवल उस स्थिति में स्वीकार किया जाना चाहिए जब कि पारपोर्ट धारक अथवा डाक पहचान कार्ड धारक का सावधि जमा खाता और बचत जमा खाता खोलना हो) जब किसी खाते का परिचय किसी अन्य बैंक द्वारा दिया जाता है तो हमारे बैंक में खाता खोलने के लिए उस बैंक द्वारा परिचय दिए जाने को लेकर विशिष्ठ तौर पर पता लगाया जाना चाहिए और इसे रिकॉर्ड किया जाना चाहिए तथा साथ ही, खाते का परिच देने वाले प्राधिकारी के हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता की भी जाँच की जानी चाहिए। इस प्रकार के परिचय की स्वीकार्यता या अस्वीकार्यता खाते के प्रकार और उसकी प्रकृति तथा परिचयकर्ता की हैसियत पर निर्भर करेगी। किसी खाते के लिए इस प्रकार से दिए गए परिचय को स्वीकार अथवा अस्वीकार कने का निर्णय पूर्णतः बैंक द्वारा ही लिया जाएगा। दिए गए ऐसे परिचय को अस्वीकार करने के कारण आवेदक अथवा परिचयकर्ता के समक्ष प्रस्तुत करना ज़रूरी नहीं होगा, यह अपेक्षा करना उचित होगा कि किसी विशिष्ट परिचय को अस्वीकार्य मानते हुए उसे लौटाने के लिए जो कारण हैं, बैंक उनके प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण रखता है।

परियचकर्ता से सामान्यतया यह अपेक्षा की जाती है कि वह अवेदक के साथ बैंक में आए और खाता खोलने के फार्म पर मुद्रित आवश्यक प्रमाण पत्र (त्रों) को पूरा करते हुए खाते का परिचय दें और बैंक के किसी अधिकारी की मौजूदगी में उन पर हस्ताक्षर भी करें।

अनिवासी (बाह्य) और विदेशी मुद्रा अनिवासी खातों के संबंध में औपचारिक परिचय प्राप्त करने पर जोर दिए बिना खाते खोले जा सकते हैं, बशर्तें खाता खोलने के लिए प्रारंभिक धन-प्रेषण, किसी अनुमोदित रूप में बैंकिग चैनलों से प्राप्त होता हो और इस पर जमाकर्ता के हस्ताक्षर हों और विदेशी बैंक, भारतीय दूतावास अथवा नोटरी पब्लिक द्वारा जमाकर्ता के हस्ताक्षर सत्यापित किए गए हों।

एसे मामलों में भी, बाद में जब से जमाकर्ता व्यक्तिगत तौर पर बैंक आते हैं तो उनके मौजूदा वैध पासपोर्ट मँगा कर उसकी जाँच करके जमाकर्ता की पहचान की पुष्टि कर ली जानी चाहिए। खाता खोलने के फार्म में निर्धारित स्थान पर पासपोर्ट की संख्या और तारीख दर्ज करके किसी अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर किए जाने चाहिए। अधिकारी द्वारा यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पासपोर्ट पर उपलब्ध, ग्राहक के हस्ताक्षर, खाता खोलने के फार्म में दिए गए हस्ताक्षरों से मेल खाते हैं।

सेना के कार्मिकों के खाते – परिचय

सेना के कार्मिक जिस इकाई से संबद्ध होते हैं उसके कमान अधिकारी द्वारा शाखा प्रबंधक को परिचयात्मक पत्र भेजा जाना चाहिए। सैनिकों के कार्ड, जिन पर कि उनकी तस्वीर, व्यक्तिगत ब्योरे और पहचान चिह्न अंकित होते हैं, उसकी जाँच करने के बाद, कमान अधिकारी के उपर्युक्त पत्र के आधार पर खाता खोला जा सकता है। खाता खोलने के बाद कमान अधिकारी को धन्यवाद देते हुए पत्र भेज कर पुष्टि प्राप्त कर ली जानी चाहिए। पुष्टि प्राप्त हो जाने तक, खाते में की गई नकद जमाओं के लिए ही, डेबिट की अनुमति दी जानी चाहिए।

प्रारंभिक धन-प्रेषण

पूर्ण एहतियात के रूप में, यह बेहतर होगा कि खाता प्रारंभिक नकदी प्रेषण के साथ खोला जाए। तथापि आवेदक को देय बैंक ड्राफ्ट की रकम अथवा किसी अन्य बैंक पर उसके स्वयं के चेक की रकम के साथ खाता खोलने के संबंध में कोई प्रतिबंध नहीं है, बशर्ते परिचय स्वीकार्य हो।

बचत बैंक संबंधी नियम

1.बैंक द्वारा अनुमोदित कोई भी व्यक्ति बचत खाता खोल सकता है यदि वह निम्नलिखित नियमों का पालन करने के लिए सहमत हो –

1.क. बचत बैंक खाता निम्नलिखित द्वारा खोला जा सकता है –

क. किसी व्यक्ति द्वारा अपने स्वयं के नाम पर

ख. दो अथवा अधिक व्यक्तियों द्वारा संयुक्त नाम पर, जो निम्नलिखित को देय हगा –

i.दोनों अथवा उनमें से सभी को अथवा उनमें से उत्तरजीवी अथवा उत्तरजवियों को

या

ii.किसी एक को अथवा उनमें से एक अथवा अधिक को अथवा उनमें से उत्तरजीवी अथवा उत्तरजीवियों को।

ग.नैसर्गिक अभिभावक अर्थात नाबालिग और स्वयं के संयुक्त नाम पर पिता अथवा माता द्वारा, किसी एक अथवा उत्तरजीवी को देय

ङ.किसी नाबालिग के नाम पर किसी व्यक्ति द्वारा, जिसे कि न्यायालय द्वारा, उस नाबालिग के अभिभावक के रूप में नियुक्त किया गया हो;

च.दस वर्ष और इससे अधिक आयु के नाबालिग के नाम में और उसी के द्वारा परिचालित

2.उपर्युक्त 1.क (ख) (i एवं ii)  के तहत खोले गए संयुक्त खाता धारकों में से किसी एक या उससे अधिक की मृत्यु हो जाने की स्थिति में, मृत व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के प्रतिनिधियों को संदर्भ में लिए बिना, खाते की शेष रकम उत्तरजीवी अथवा उत्तरजीवियों को देय हो जाएगी। 1.क (ख) (ii) के तहत खोले गए खातों के मामले में, किसी एक अथवा एक से अधिक खाताधारकों द्वारा किसी समय, किसी एक रकम की अदायगी पर रोक लगाई जाती है तो ऐसी रकम की अदायगी तब ही की जाएगी, जब सारे खाताधारक अथवा उनके उत्तरजीवी अथवा उत्तरजीवियों द्वारा डिस्चार्ज किया जाएगा।

2.क.1.क (ग) एवं (घ) के तहत खाते तब खोले जाएँगे जब जमा की जाने वाली निधियाँ, अभिभावक की निजी निधियाँ होंगी और 1.क (ग) के मामले में उनका इरादा, नाबालिग के लाभ हेतु उपयोग में लाना हो और उस खाते में रखा जाने वाला शेष नाबालिग के बालिग हो जाने पर उसे उपलब्ध होगा और 1.क (घ) के मामले में यह प्रावधान होगा कि जिस तारीख को नाबालिग, बालिग हो जाएगा, ऐसे खाते का परिचालन नाबालिग द्वारा भी किया जा सकेगा।

ऐसे मामलों में, जहाँ उपहार, उत्तराधिकार इत्यादि के माध्यम से मिली निधियों से नाबालिग के नाम में खाता खोला जाना हो अथवा जहाँ बैंक अपने विवेकाधिकार में, आवश्यक समझता हो तो नियम 1.क(ङ) के अनुसार, केवल न्यायालय द्वारा नियुक्त अभिभावक द्वारा, नाबालिग का खाता खोलने की अनुमति दी जाएगी और अभिभावकत्व-प्रमाण पत्र में बैंक  में खाता खोलने और परिचालित करने संबंधी प्राधिकार शामिल हो।

2.ख.नियम 1.क (ग) एवं (ङ) के तहत खोले गए खातों के मामले में, नाबालिग जैसे ही बालिग हो जाता है, अभिभावक द्वारा खाते का परिचालन करने का अधिकार स्वतः ही समाप्त हो जाता है। खाते में उपलब्ध शेष रकम पूर्णतः नाबालिग की संपत्ति मान ली जाती है जो कि बालिग हो चुका है और खाते में से निकासियों के लिए केवल उसी को अनुमति दी जाएगी, न कि अभिभावक को।

नियम 1.क (घ) के तहत खोले गए खातों के मामले में, नाबालिग जब बालिग हो जाता है तो कुछ आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद उसे भी खाते का परिचालन करने की अनुमति दी जा सकती है।

नाबालिग के बालिग होने से पहले अभिभावक की मृत्यु हो जाने की स्थिति में, खाते में उपलब्ध रकम बालिग हो जाने पर उस नाबालिग को प्रतिदेय होगी अथवा नाबालिग के बालिग होने से पहले, सक्षम न्यायालय द्वारा, नाबालिग की संपत्तियों के अभिभावक के रूप में नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति अथवा न्यासी को नाबालिग की ओर से प्रतिदेय होगी।

नोट – किसी नाबालिग के लिए न्यायालय द्वारा कोई अभिभावक नियुक्त किया जाता है तो वह इक्कीस वर्ष की आयु पूरी कर लेने पर ही बालिग माना जाएगा। अन्यथा वे अठारह वर्ष की आयु पूरी कर लेने पर बालिग माना जाएगा।

2.ग. नियम 1.क (च) के तहत, आनेवाले खातों के मामले में, पालन किए जाने वाले नियमों में उल्लिखित तथ्यों के बावजूद, केवल चेकों के माध्यम से की गई निकासियों के लिए अनुमति दी जाएगी। नियम 9 में उल्लिखित परिचय के संबंध में औपचारिकताओं का पालन करना अनिवार्य होगा और खाते में अधिकतम शेष रुपए पचास हज़ार तक के लिए प्रतिबंधित होगा।

3.क्लबों, संघों, सोसाइटियों, शैक्षणिक संस्थाओँ और हिन्दु संयुक्त परिवार के नामों पर खाते खोले जा सकते हैं जब तक कि ऐसे खाते व्यापार-कार्य  संपन्न करने के लिए प्रयोग में न लाए जाते हों और बैंक को इस बात का संतोष हो कि खाता वास्तव में बचत के उद्देश्य से खोला गया है।

4.बचत बैंक खातों को चालू खातों के रूप में उपयोग में नहीं लाया जाना चाहिए।

5.पेन्शनरों को छोड़ कर, चेक सुविधा युक्त सहित खातों के मालों में रुपए पाँच सौ के न्यूनतम शेष के साथ और, पेन्शनरों के अलावा, अन्य मामलों में रुपए एक सौ के न्यूनतम शेष के साथ खाते खोले जा सकते हैं। पेंशनरों के खातों के मामले में रखा जाने वाला न्यूनतम शेष रुपए दो सौ पचास और रुपए पाँच होगा जो क्रमश चेक सुविधा के साथ और चेक सुविधा के बिना वाले खातों पर लागू होगा। इसके बाद, ग्रामीण शाखाओँ में रुपए पच्चीस से कम रकम और अन्य शाखाओं में रुपए पचास से कम रकम की जमाएँ स्वीकार नहीं की जाएँगी। जब चेक द्वारा निकासी की अनुमति दी जाती है तो, बचत खाता नियम 1-क (च) के तहत नाबालिगों द्वारा खोले गए खातों के मामलों को छोड़ कर अन्य खातों में निर्धारित न्यूनतम शेष का हमेशा अनुरक्षण किया जाना होगा। किसी भी प्रकार का कारण दिए बिना ऐसी सुविधा देने से इनकार करने का बैंक को अधिकार होगा।

5.क.बचत बैंक खातों के लिए निर्धारित न्यूनतम शेष रखने में चूक करने पर शाखाओँ द्वारा दण्ड प्रभारित किया जाना चाहिए।

दण्ड की रकम

i.                  ग्रामीण और अर्धशहरी शाखाओं के लिए प्रत्येक चूक के लिए रुपए पाँच मात्र।

ii.              शहरी और महानगरीय शाखाओं के लिए प्रत्येक चूक के लिए रुपए दस मात्र।

5.ख.जमाकर्ता जितनी बार चाहें रकम जमा कर सकते हैं। बचत खाते में ब्याज-धारित अधिकतम शेष  की सीमा निर्धारित की कोई सीलिंग नहीं है।

6.केवल जमाकर्ता को प्रतिदेय चेकों, ड्राफ्टों, लाभांश वारंटों और अन्य लिखतों को वसूली के लिए स्वीकार किया जाएगा। तथापि, सार्वजनिक क्षेत्र के बांडों के प्रथम क्रेता के नाम में लाभांश वारंट, जो द्वितीय क्रेता के नाम में पृष्ठांकित और अपने बचत बैंक खाते में वसूली के लिए द्वितीय क्रेता द्वारा उगाही के लिए प्रस्तुत किए जाते हैं, उन्हें स्वीकार किया जाएगा, बशर्तें कि जमाकर्ता द्वारा उस जमा पर्ची (पर्चियों) पर निम्नलिखित घोषणा पर हस्ताक्षर किए जाते हों। जब तक इनकी उगाही नहीं हो जाती, इन पर किसी प्रकार की निकासी की अनुमति नहीं दी जाती है।

मैं / हम घोषणा करता /करते  हूँ कि मैं / हम वसूली के लिए आपको ब्याज वारंटों में उल्लिखित मूल्य के लिए यथाविधि धारक हूँ/हैं।

किसी खाते पर आहरित कोई चेक जब निधियाँ न होने के कारण लौटाया जाता है तो तीन बार तक के लिए अर्थात प्रथम तीन बार लौटने के लिए, प्रत्येक वापस लौटाए गए चेक हेतु, चेक वापसी की तारीख को लागू प्रभार लगाए जाएँगे और इसके बाद उचित नोटिस देकर खाता बंद कर दिया जाएगा।

कोई भी व्यक्ति जो जमाओँ पर ब्याज दरें, सोवा प्रभार जैसे उत्पादों और सेवाओं से संबंधित जानकारी और आइओबी जीवन –भारतीय जीवन बीमा निगम के सहयोग से समूह जीवन बीमा योजना, आइओबी हेल्थ केयर – समूह मेडिक्लेम बीमा योजना और ग्राहक सेवा के लिए आइओबी – कोड और देनदारों के लिए आइओबी –कोड जैसे नए उत्पादों की सूचना चाहता है तो वह iob.com पर लॉग-ऑन कर सकता है।

ऋण नीति

ऋण नीति दस्तावेज़ हमारी ऋण नीतियों के विभिन्न आयामों का आधार है और यह विभिन्न उधार निर्णयों के लिए आधार की भूमिका निभाता है। यह दस्तावेज़, बैंक और इसके अधिकारियों को ऋण नीतियों की आधारभूत जानाकारियाँ प्राप्त करने में सहायता करता है और व्यापक नीतिगत मार्गनिर्देशों के अनुसार उधार प्रशासन के प्रयासों को आकार देता है। साकार करता है।

नीति उद्देश्य

इस ऋण नीति को बनाने को लेकर हमारे उद्देश्यों की जानकारी निम्न प्रकार से प्रस्तुत है :

  1. पूँजी पर्याप्तता, उधार-जमा अनुपात, विवेकपूर्ण मानदण्ड, आस्ति-वर्गीकरण मार्गनिर्देश, जोखिम प्रबंधन मार्दनिर्देशों इत्यादि पर सरकार / भारतीय रिज़र्व बैंक के विनियमों का पालन करना।
  2. निर्यातों, आवास इत्यादि के साथ-साथ प्राथमिकता क्षेत्र के अग्रिमों के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करना।
  3. अनर्जक आस्तियों के पोर्टफ़ोलियो में कमी लाना।
  4. निधियों को लाभप्रद ढंग से प्रयोग में लाना।
  5. जब कभी आवश्यक हो, पुनर्वित्त प्राप्त करना।
  6. उधार प्रदान करने के मामले में तत्काल निर्णय लेना।
  7. ऋण-संवितरणोत्तर अनुवर्तन को प्रभावशाली बनाना।
  8. ऋण पोर्टफ़ोलियो को विविधतापूर्ण बनाना।
नीति का कवरेज

यह नीतिगत दस्तावेज़ निम्नलिखित पक्षों को कवर करता है –

1.       संसाधन प्रबंधन

2.     विवेकपूर्ण मानदण्ड

3.     ऋण के प्रकार और ऋण परिपाक का पैटर्न

4.     जोखिम प्रबंधन

5.     उधार विस्तारण – परामर्शित क्षेत्रीय / औद्योगिक ऋण

6.     अपेक्षित क्षेत्र

7.     सहोयोग की शर्तें

8.     मूल्यांकन, प्रबोधन, और अनुवर्तन

9.     वसूली

विस्तृत नीति दस्तावेज़, जनता के संदर्भ के लिए बैंक के वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है।

इसके द्वारा धारित अथवा उपलब्ध सूचना के ब्योरे इलक्ट्रॉनिक रूप में संचित है।

इलक्ट्रॉनिक रूप में धारित सूचना हमारे वेबसाइट iob.com पर उपलब्ध हैं। जनता इसे देख सकती है। 

जन-सूचना अधिकारियों के नाम, पदनाम और अन्य ब्योरे

इस अधिनियम के तहत हमारे बैंक से सूचनाओं के लिए अनुरोध करने वाले व्यक्तियों को सूचनाएँ उपलब्ध करवाने के लिए हमारे बैंक द्वारा पहले से ही अपने अधिकारियों का जन-सूचना अधिकारियों के रूप में पदनामित किया गया है और बैंक के वेबसाइट iob.com पर इनके नाम, पदनाम, पते, टेलिफोन नंबर, फैक्स नंबर, ई-मेल पते उपलब्ध करवाए गए हैं। बैंक के जन-सूचना अधिकारियों के ब्योरे निम्नानुसार है प्रकार से हैं।

सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत सूचना के लिए अनुरोध करने वाले

व्यक्तियों को सूचना प्रदान करने के लिए जन-सूचना अधिकारियों के रूप में पदनामित अधिकारी

केन्द्रीय कार्यालय में केन्द्रीय जन सूचना अधिकारी
(फोटो)
श्री.ए.रामस्वामी
उप महा प्रबंधक
 विधि विभाग
केन्द्रीय कार्यालय
इण्डियन ओवरसीज़ बैंक
763 अण्णा शालै
चेन्नै 600 002
टेलिफोन – 044 28519433
ई मेल – 1sd@iobnet.co.in
अपील अधिकारी
(फोटो)
श्री.आर.कृष्णन
महा प्रबंधक
विधि विभाग
केन्द्रीय कार्यालय
इण्डियन ओवरसीज़ बैंक
763 अण्णा शालै
चेन्नै 600 002
टेलिफोन – 044 28524278

ई मेल – 1sd@iobnet.co.in
केन्द्रीय सूचना अधिकारी के निर्णय के विरुद्ध यदि किस प्रकार की अपील की जानी हो तो 30 दिन के भीतर इसे निम्नलिखित को भेज दिया जाना चाहिए।
आरटीआइ अधिनियम, 2005 के तहत अपील अधिकारी
इण्डियन ओवरसीज़ बैंक
763 अण्णा शालै
चेन्नै 600 002
टेलिफोन – 044 28524278

ई मेल – 1sd@iobnet.co.in

क्षेत्रीय कार्यालयों में केन्द्रीय सहायक जन-सूचना अधिकारियों के नामों व पतों की सूची
क्षेत्र
पदनाम एवं मौजूदा अधिकारी
पता
टेलिफोण नंबर
ई-मेल पता
अहमदाबाद
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.अशोक शंकर
चीनुभाई टावर्स, हैंडलूम हाउस के सामने, आश्रम रोड, अहमादाबाद पिन 380 009
079-26587568
regmgr@ahmsco.iobnet.co.in
बेंगलूर
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.आर.वैद्यनाथन
10य1 पैलेस रोड
लक्ष्मीनारायण कॉम्प्लेक्स, वसंत नगर, बैंगलूर पिन 560 052
080-22250258
regmgr@bansco.iobnet.co.in
बड़ौदा
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.पी.के.साहा
तीसरी मंजिल, एरीस कॉम्प्लेक्स, बीपीसी रोड, अलकापुरी, बड़ौदा पिन 390 005
0265-2331554
regmgr@barsco.iobnet.co.in
ब्रह्मपुर
वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.नरेश चौधरी
वीओएस कैंपस, दूसरी मंजिल, विजय भवन, इंजी स्कूल रोड, ब्रह्मपुर, पिन – 760 010
0680-2290404
regmgr@bersco.iobnet.co.in
 भुवनेश्वर
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.सत्यनारायण मिश्र
बी /2 वेस्ट शहीद नगर, भुवेश्वर, पिन 160 019
0172 -  2792548
regmgr@bhusco.iobnet.co.in
चण्डीगढ़
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.एम.के.दत्ता 
एससीओ -11, मध्य मार्ग, सेक्टर 7 सी चण्डीगढ़ – 160 019
0172-2792548
regmgr@chasco.iobnet.co.in
चेन्नै (महा)
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.एम.एस.प्रकाश
तीसर मंजिल
आइओबी केन्द्रीय कार्यालय बिल्डिंग (अनेक्स) 763 अण्णा शालै, चेन्नै पिन – 600 002
044-28521800
regmgr@chemrc01.iobnet.co.in
चेन्नै (गैर-महा)
मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
तीसरी मंजिल, आईओबी केन्द्रीय कार्यालय बिल्डिंग (अनेक्स) 763 अण्णा शालै, चेन्नै पिन – 600 002
044-28521129
regmgr@chemrc02.iobnet.co.in

कोयम्बत्तूर

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.एम.आर.तेनप्पन

11/952, क्रोस कट रोड, गाँधीपुरम, कोयम्बत्तूर पिन 641 012

0422- 2493783

regmgr@coisco.iobnet.co.in

दिल्ली

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.एस.चन्द्रशेखरन

2 तीसरी मंजिल
रचना बिल्डिंग, राजेन्द्र प्लेस,
पूसा रोड, पटेल नगर पोस्ट
नई दिल्ली पिन 110 018

011-25730568

regmgr@delsco.iobnet.co.in

एरणाकुळम

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.एस.राधाकृष्णन

वेट्टुकाट्टिल बिल्डिंग
जोस जंशन, महात्मा गांधी एऱणाकुळम 682 016

0484-2375896

regmgr@ernsco .iobnet.co.in

ईरोड

वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.एस.एच.केशव

164/3 मुत्तुमारि अम्मन  कोइल स्ट्रीट, तिरुनगर कोलोनी, ईरोड
पिन 638 003

0424-2220776

regmgr@erosco.iobnet.co.in

गोवा

वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.आर.लक्ष्मी नारायणा

दूसरी मंजिल
सालगावकर सेंटर
रुआ-दे-ओरेम, पणजी
पिन 403 001

0832-2430642

regmgr@goasco.iobnet.co.in

हैदराबाद

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.एम.एस.राघवनन

5-9-299, तीसरी मंजिल, सूर्यलोक कॉम्प्लेक्स, गनफ़उंड्री आबिड्स
हैदराबाद पिन 500 001

040-23234959

regmgr@hydsco.iobnet.co.in

जयपुर

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.यु.डी.शर्मा

डी-26/ए, पृथ्वीराज मार्ग, चन्द्रा निवास, सी स्कीम, जयपुर पिन 302 005

0141-2224757

regmgr@jaisco.iobnet.co.in

कांचीपुरम

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.पी.एल.अलगप्पन

69.70 शेख पेट
नडु स्ट्रीट, कांचीपुरम पिन 631 501

04112-223560

regmgr@kansco.iobnet.co.in

कारैकुडि

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.टी.वी.नागराजन

26/7 कॉलेज रोड, पहली मंजिल, सुब्रमणियपुरम
 कारैकुडी पिन 630 002

04565-226801

regmgr@karsco.iobnet.co.in

कोलकाता (महा)

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.आदर्श पाल सिंह

119,पहली मंजिल, पार्क स्ट्रीट कोलकाता पिन – 700 016

033-222623000

regmgr@
calmsco. iobnet.co.in

कोलकाता (गैर-महा)

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
----

119,वाइट हाउस, पार्क स्ट्रीट कोलकाता पिन – 700 016

033-22175819

regmgr@calnsco.iobnet.co.in

कोष़िक्कोट्

वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक
-----------

11/41 तीसरी मंज़िल, एमसन्स आर्केड्, चेरूट्टि रोड,
कोष़िक्कोट् पिन 673 001

0495-2367200

regmgr@kozsco.iobnet.co.in

लखनऊ

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक  श्री.जोगिन्दर पॉल

10, नवचेतना केन्द्र, तीसरी मंज़िल, आशोक मार्ग, लखनऊ पिन 226 001

0522-2287165

regmgr@lucsco.iobnet.co.in

 लुधियाना

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.राजेन्द्र प्रसाद भारती

550/1 फ़ाउंटेन चौक, कॉलजन रोड, सिविल लाइन्स, लुधियाना पिन 141 001

01061-2445000

regmgr@ludsco.iobnet.co.in

मदुरै

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.बी.एस.केशव मूर्ति

प्लॉन नं.40, 80 फीट रोड, अरिज्ञर अण्णा नगर, मदुरै पिन 625 020

0452-2532854

regmgr@madsco.iobnet.co.in

मेरठ

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.मिलाप कपूर

एलआईसी बिल्डिंग, मंगल पांडे चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सामने, मेरठ पिन 250 005

0121- 2761656

regmgr@meesco.iobnet.co.in

मुंबई (महा)

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.एस.एन.मिश्रा

मेकर टावर ई
पांचवीं मंज़िल, कफ़ परेड
मुंबई पिन 400 005

022-22183837

regmgr@mummco.iobnet.co.in

मुंबई (गैर-महा)

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.टी.के.बोस

मेकर टावर ई
पांचवीं मंज़िल, कफ़ परेड
मुंबई पिन 400 005

022-22165484

regmgr@mumnco.iobnet.co.in

नागपट्टिण

वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक श्री.एस.मुत्तुस्वामी

584 पब्लिक ऑफीस रोड,
वेलिपाळयम, नागपट्टिणम
पिन.6611 001

04365-242115

regmgr@
nagasco.iobnet.co.in
नागरकोइल

वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रंबधक
श्री.एस.दैववेल

552/1 पहली मंज़िल
एसएस रोड, वेट्टूर्णिमठम्
नागरकोइल पिन 629003

04652-231916

regmgr@nagesco.iobnet.co.in
 पटना

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.प्रवीण कुमार चतुर्वेदी

II & III मंजिल, नसीमा हाउस
गाँधी मैदान का पश्चिम
पटना 800001

0612-2223409

regmgr@patsco.iobnet.co.in
पांडिचेरी

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
सुश्री.गीता पी शेट्टी

42/1 ब्राह्मिन्स स्ट्रीट
मुदलियारपेट
पांडिचेरी, पिन 605 004

0413-2280866

regmgr@pondrc01.iobnet.co.in
 सेलम

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.सी.टी.चेक्कलिंगम

7/54 दूसरी मंज़िल,
आइडियल गार्डन कॉम्प्लेक्स जंक्शन रोड, फाइव रोड्स के पास, सेलम -636 004

0427 - 2443911

regmgr@salsco.iobnet.co.in
तंजावूर

वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.टी.वीरप्पन

85 पी, मार्केट रोड एक्स्टेन्शन, तंजावूर
पिन 613 001

04362 - 231945

regmgr@tansco.iobnet.co.in
तिरुच्चिऱप्पळ्ळि

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.आर.चन्द्रन

4 भारतीदासन शालै, कन्टोनमेन्ट, तिरुच्चिऱप्पळ्ळि 620 001

0431 - 2410744

regmgr@tri1sco.iobnet.co.in
तिरुनेलवेली

वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.रामदास एम

131 ईस्ट कार स्ट्रीट तिरुनेलवेली टाउन
तिरुनेलवेली 620 001

0462-2322030

regmgr@tirsco.iobnet.co.in
तूत्तुक्कुटि

वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.जी.वेणुगोपाल

65/ए पहली और दूसरी मंजिल, षण्मुखम कॉम्प्लेक्स, आइओबी बिल्डिंग, ईस्ट कार स्ट्रीट, तूत्तुक्कुटि पिन 628 002

0461-2325367

regmgr@tutsco.iobnet.co.in
तिरुवनन्तपुरम

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.एन.ज़ेवियर थॉमस

आइओबी भवन, 26/170
महात्मागांधी रोड, तिरुवनन्तपुरम
695001

0471 -2463383

regmgr@trisco.iobnet.co.in
विजयवाडा

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.ए.जे.प्रसाद

40.9.27, रिंग रोड, पहली व दूसरी मंजिल, टेल्को यार्ड के पास, विजयवाडा पिन 520 008

0866 - 2474820

regmgr@vijsco.iobnet.co.in
विशाखपट्टणम

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक
श्री.एन.सी.दास

13.26 अपुरूपा आर्केड
महारानिपेट्
विशाखपट्टणम
पिन 530 002

0891 - 2567547

regmgr@vizsco.iobnet.co.in
गुवाहाटी

वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक श्री.देवेन्द्र कुमार नन्दा

दूसरी मंजिल, जूपिटर पैलस, एबीसी पुलिस पाइंट, जी.एस.रोड, दोना प्लैनट के सामने, गुवाहाटी 781 005


सूचना कौन मांग सकता है?

कोई भी नागरिक, निर्धारित शुल्क के साथ अग्रेज़ी/हिन्दी/क्षेत्र की राजभाषा, जिसमें आवेदन पत्र तैयार किए गए हैं, उनकी सहायता से लिखित रूप में अथवा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम का उपयोग करते हुए आवेदन पत्र का उपयोग करते हुए सूचना प्राप्त करने हेतु अनुरोध कर सकता है।

सूचना किसके द्वारा दी जाएगी

यह सूचना कानून के तहत की गई अनुमति के अनुसार जनता को आवश्यक सूचनाएँ 30 दिनों के भीतर, केन्द्रीय जन-सूचना अधिकारी और केन्द्रीय सहायक जन-सूचना अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। यदि किसी व्यक्ति को सूचना दिए जाने के लिए निर्धारित अवधि की समाप्ति से 30 दिनों के भीतर अथवा निर्णय की प्राप्ति की तारीख से 30 दिनों के भीतर सूचना अथवा अस्वीकृति के रूप में केन्द्रीय सूचना अधिकारियों से निर्णय प्राप्त नहीं होता है तो वे, बैंक द्वारा पदनामित अपील-प्राधिकारियों को अपील कर सकते हैं।

जन सूचना अधिकारियों की भूमिका

  1. केन्द्रीय सहायक जन-सूचना अधिकारी (सीएपीआइओ)
केन्द्रीय सहायक जन सूचना अधिकारी इस अधिनियम के तहत सूचना अथवा अपील के लिए प्रस्तुत आवेदनपत्रों / अनुरोधों को प्राप्त करेंगे। इन केन्द्रीय जन-सूचना अधिकारियों द्वारा, ऐसे अनुरोध प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर सूचना प्रदान करने के बारे में विचार किया जाएगा और इस अनुरोध का निपटान, सूचना प्रदान करके अथवा अनुरोध को अस्वीकृत करके किया जाएगा।

केन्द्रीय सहायक जन-सूचना अधिकारियों द्वारा ऐसे अनुरोध प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर सूचना प्रदान करने के बारे में विचार किया जाएगा और सूचना प्रदान करके अथवा अनुरोध को अस्वीकृत करके इनका निपटान किया जाएगा यदि माँगी गई जानकारी उनके पास हो और उनके क्षेत्र की शाखाओँ से संबंधित हो और उनके क्षेत्राधीकार में हो और यदि अन्यथा हो तो जैसा मामला बनता हो, ऐसे आवेदनपत्र/अपील तत्काल सीपीआइओ को भेज दिए जाएँगे।

2.केन्द्रीय जन-सूचना अधिकारी (सीपीआइओ)

केन्द्रीय जन सूचना अधिकारियों द्वारा, ऐसे अनुरोध प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर सूचना प्रदान करने के बारे में विचार किया जाएगा और सूचना प्रदान करके अथवा अनुरोध को अस्वीकार करके इनका निपटान किया जाएगा।

3.अपील अधिकारी

केन्द्रीय जन-सूचना अधिकारी के निर्णय के विरुद्ध प्रस्तुत अपीलों पर अपील-प्राधिकारी द्वारा विचार किया जाएगा और इस अधिनियम के तहत निर्धारित अपेक्षाओं के अनुसार इनका निपटान किया जाएगा।

सूचना का अधिकार –शुल्क और लागत का विनियम –नियम

धारा 6 की उप-धारा (1) के तहत सूचना प्राप्त करने के लिए किए जानेवाले अनुरोध के साथ आवेदन शुल्क रुपये दस अदा करके उचित रसीद के साथ अथवा माँग ड्राफ्ट अथवा बैंकर्स चेक जमा किया जाना चाहिए, जो कि केन्द्रीय जन-सूचना अधिकारी, इण्डियन ओवरसीज़ बैंक के पक्ष में, चेन्नै में देय होना चाहिए।

धारा 7 की उपधारा 1 के तहत सूचना उपलब्ध करवाने के लिए उचित रसीद के साथ नकद रकम के रूप में अथवा केन्द्रीय जन-सूचना अधिकारी, इण्डियन ओवरसीज़ बैंक के पक्ष में, चेन्नै में आहरित ड्राफ्ट अथवा बैंकर्स चेक के माध्यम से शुल्क देय होगा। निम्नलिखित ब्योरों के अनुसार शुल्क प्रभारित किया जाएगा।

क.    तैयार किए गए अथवा कॉपी किए गए प्रत्येक पृष्ठ (ए-4 अथवा ए-3 आकार में) के लिए दो रुपए।

ख.   बड़े आकार के कागज़ में कॉपी लेने पर उसका वास्तविक शुल्क अथवा लागत मूल्य।

ग.     नमूनों और मॉ़डल्स के लिए वास्तविक लागत अथवा कीमत और

घ.     अभिलेखों का निरीक्षण करने के लिए प्रारंभिक घंटे के लिए कोई शुल्क नहीं और उसके बाद, प्रत्येक घंटे अथवा इसके अंश के लिए पाँच-पाँच रुपये का शुल्क।

धारा 7 की उपधारा 5 के तहत सूचना उपलब्ध करवाने के लिए उचित रसीद के साथ नकद रकम के रूप में अथवा केन्द्रीय जन-सूचना अधिकारी, इण्डियन ओवरसीज़ बैंक के पक्ष में आहरित माँग-ड्राफ्ट अथवा बैंकर्स चेक के माध्यम से देय, निम्नलिखत ब्योरों के अनुसार, शुल्क प्रभारित किया जाएगा।

क.    किसी डिस्केट अथवा फ़्लॉपी में उपलब्ध करवाई गई सूचना के लिए प्रति डिस्केट अथवा फ़्लॉपी के लिए रुपए पचास।

ख.   मुद्रित रूप में उपलब्ध करवाई गई सूचना के लिए, ऐसे प्रकाशन के लिए नियत मूल्य अथवा ऐसे प्रकाशन के अंशों के लिए की गई फोटो कॉपी के लिए प्रति पृष्ठ दो रुपए।

विद्या ज्योति -शिक्षण ऋण योजना

इण्डियन ओवरसीज़ बैंक इस बात को गहराई से महसूस करता है कि लायक और कड़ी मेहनत करनेवाले विद्यार्थियों को उच्चशिक्षा प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

विद्या ज्योति शिक्षा ऋण - यह कोई पाठ्यचर्या हो अथवा कंप्यूटर अध्ययन, पढ़ाई भारत में करनी हो या विदेश में, आपके पुत्र अथवा पुत्री की शिक्षा में सहायता के लिए हमारी विद्या ज्योति है। विदेशी शिक्षा के मामले में हवाई यात्रा का एक अंश भी हम प्रदान करते हैं।

ऋण की मात्रा

भारत में पाठ्यचर्या अथवा कंप्यूटर अध्ययन के लिए अधिकतम रु.7.50 लाख और विदेश में अध्ययन के लिए रु.15.00 लाख।

अध्ययन की लागत पर मार्जिन - रु. 4 लाख तक के ऋणों के लिए - शून्य

रु.4 लाख से ऊपक के ऋणों के लिए  - 5% (भारत में अध्ययन के लिए) एवं -15% (विदेश में अध्ययन के लिए)

ब्याज दर आवधिक परिवर्तन के अनुसार होगी। (ताज़ा ब्याज दर की जानकारी के लिए कृपया हमारी निकटतम शाखा से संपर्क करें।)

प्रतिभूति

             I.      रु.4 लाख तक के लिए - कोई प्रतिभूति नहीं।

         II.      रु.4 लाख से ऊपर और रु.7.5 लाख तक - संतोषजनक अन्य पक्ष गारंटी के रूप में संपार्श्विक प्रतिभूति

      III.      रु.7.5 लाख से ऊपर - उचित मूल्य की संपार्श्विक प्रतिभूति और किस्तों का भुगतान करने के लिए विद्यार्थी की भावी आय का समनुदेशन करने के साथ-साथ माता-पिता अभिभावकों /अन्य पक्ष की सह-बाध्यता।

विशेष स्थिति

ऋण, माता-पिता /अभिभावकों को सह-बाध्यकारी बनाते हुए विद्यार्थी के नाम पर दिए जाएँगे। यह ऋण, विद्यार्थी के स्थाई निवास की निकटतम शाखा में दिए जाएँगे।

चुकतान

एक वर्ष की सामान्य अध्ययन अवधि अथवा नौकरी प्राप्त कर लेने के छह महीने बाद, इनमें से जो पहले हो। चुकतान की शुरूआत के बाद यह ऋण 5-7 वर्षों में अदाकर दिया जाना चाहिए। इस योजना के तहत ब्याज चुकतान के लिए जब चुकतान हॉली-डे विराम अवधि विनिर्दिष्ट किया जाता है। अध्ययन अवधि के दौरान समय पर ब्याज चुकाए जाने की स्थिति में आधा प्रतिशत ब्याज कटौती की अनुमति दी जाएगी।

अधिक जानकारी केलिए कृपया इण्डियन ओवरसीज़ बैंक की अपनी निकटतम शाखा से संपर्क करें।

पद्धतियाँ  एवं प्रविधियाँ
रिकॉर्ड अनुरक्षण नीति (संशोधित 2003)
सूचना प्रौद्यौगिकी अधिनियम 2002 के प्रावधानों, सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित रिकार्डों पर नीतिगत मार्गनिर्देश (इंटरनेट बैंकिंग, एमआइएस, सूचना पद्धति लेखा परीक्षा /सुरक्षा , डाटा वेयरहाउस इत्यादि) और शाखाओं /बैंकों का निरीक्षण करते समय भारतीय रिज़र्व बैंक की अपेक्षाओँ को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक (बैंकिंग पर्यवेक्षण, केन्द्रीय कार्यालय, मुंबई संदर्भ/डीबीएस/सीओ.ओएसएमओएस.बी.सी.14/34.02.831/2001-02 दिनांक 27जून 2002) द्वारा सभी बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी रिकॉर्ड अनुरक्षण नीति की समीक्षा करें। बैंक की मौजूदा रिकॉर्ड धारिता अवधि की बारीकी से समीक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की अपेक्षाओँ को पूरा करने तथा शाखाओं/क्षेत्रीय कार्यालयों के कंप्यूटर-परिवेश को ध्यान में रखते हुए ताज़ा मार्दनिर्देशों की रचना की गई है।  “रिकॉर्ड अनुरक्षण नीति (संशोधित 2003)” के रूप में नामित, मार्गनिर्देशों के नए पैकेज को हमारे बैंक के नदेशक मंडल द्वारा अपनी 25 अप्रैल को संपन्न बैठक में पारित किया गया और भारती रिज़र्व बैंक द्वारा स्वीकृत किया गया। (संदर्भ-डीबीएस.सीओ.ओएसएमओएस. 19/31.21.01/2003-04 दिनांकित 30 जूलाई 2003)।
परिचालनात्मक अनुदेश
रिकॉर्ड अनुरक्षण नीति (संशोधित 2003) के उद्देश्य और शाखाओं/क्षेत्रीय कार्यालयों/केन्द्रीय कार्यालय के विभागों द्वारा अनुपालन की जानेवाली अनुसूची को संक्षेप में निम्न प्रकार से प्रस्तुत किया जा रहा है।
क.बैंक रिकार्डों का अनुरक्षण और संरक्षण
शाखाओं/क्षेत्रीय कार्यालयों/केन्द्रीय कार्यालय के विभागों को सूचित किया जाता है कि अनदेश पुस्तक में दिए गए अनुदेशों से वे मार्गदर्शित हों( 2000 संस्करण - भाग IV, अध्याय क 4स पैरा 8, पृष्ठ 249-पंजियों/लेजरों/फाइलों/वाउचरों और अन्य रिकार्डों का सुरक्षित और रिकार्ड पंजियों के अनुरक्षण से संबंधित।
ख.जाँच/विवाद के तहत आने वाले मामलों के संबंध में रिकार्डों का संरक्षण
शाखाओँ और क्षेत्रीय कार्यालयों को सूचितकिया जाता है कि उपर्युक्त अनुसूची में उल्लिखित संबंधित धारिता अवधि की समाप्ति के बाद, ऐसे सभी रिकार्डों, लेखा-बहियों और फाइलों को नष्ट कर दिया जाए, बशर्तें वे किसी विशिष्ट कारण से ज़रूरी न हो। जहाँ कहीं जाँ. / विवाद लंबित हैं, ऐसे रिकार्डों की पंजियों, वाउचरों इत्यादि को जाँच/विवाद संबंधी कार्रवाई पूरी हो जाने तक, निर्धारित अवधि बीत जाने के बावजूद अनुरक्षित रखना चाहिए और ऐसे रिकार्डों को नष्ट करने का अनुमोदन क्षेत्रीय कार्यालय / केन्द्रीय कार्यालय द्वारा दिया जाएगा।
ग.सरकारी लेनदेनों से संबंधित रिकार्डों का संरक्षण
सरकारी लेनदेनों से संबंधित रिकार्डों को तब ही नष्ट किया जाना चाहिए जबकि इस संबंध में सरकारी लेखे और मुद्रा तिजोरी विभाग, केन्द्रीय कार्यालय द्वारा पूर्व अनुमति प्राप्त कर ली जाती है।
घ.कानूनी और नियामक आवश्यकताएँ
बैंकर्स बुक्स एविडेंस ऐक्ट, 1891,सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 एवं परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 में किए गए संशोधनों के परिप्रेक्ष्य में कानूनी और नियामक आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्यों से, शाखाओं/क्षेत्रीय कार्यालयों/केन्द्रीय कार्यालयों के विभागों द्वारा पालन किए जाने के लिए अतिरिक्त अनुदेश जारी किए गए हैं।
किसी भी रिकार्ड को, उसके लिए निर्धारित धारिता अवधि पूरी होने से पहले नष्ट न करने के लिए शाखाओं/क्षेत्रीय कार्यालयों/केन्द्रीय कार्यालय के विभागों द्वारा अत्यधिक सावधानी बरती जानी चाहिए।
लेखा बहियों और फाइलों की सूची
शाखाओं द्वारा इनके संरक्षण की अवधि
अनुभाग - ख शाखाएँ
1.क.          शाखाएँ :: जिनका संरक्षण दो वर्ष के लिए किया जाना है।
1.क.i. लेखा बहियाँ :
1.        पास बुक प्रेषण पंजी
2.       प्रोग्रसिव शेष बही
3.       पासबुक देय पंजी
4.       उगाहे गए /वापस किए गए बिलों की पंजी
5.       स्टीमर आगमन दैनिकी डायरी
6.       स्टेशनरी मांग बही
7.       विवरणियों की पंजी
8.       लंबित पत्रों की पंजी
9.       लेखन सामग्री कार्ड बही
10.    स्थानीय सुपर्दगी बही
1.ख.          शाखाएँ : :  जिनका संरक्षण तीन वर्षों के लिए किया जाना है।
1.ख.(i)        लेखा बहियाँ :
1.        विवरणियों के प्रेषण की पंजी
2.       मुद्रा नोट (उच्च मूल्यवर्ग ) पंजी
3.       जावक नकदी प्रेषण पंजी (स्टाफ के माध्यम से)
4.       जावह नकदी प्रेषण पंजी (डाक द्वारा)
5.       आवक नकदी प्रेषण पंजी
6.       कारोबार संदर्भ पंजी
7.       पोस्ट डाक-पार्सल पंजी
8.       जीआर/पीपी फॉर्म प्रेषण पंजी
9.       वसूली के लिए बिलों पर अग्रिम के लिए डीपी पंजी
10.    लेखन सामग्री स्टॉक पंजी
11.     एमओ प्राप्ति पंजी
12.    टोक जारी करने की पंजी
13.    लघु-रोकड़ बही
14.    स्टाफ उपस्थिति पंजी
15.    छुट्टी की पंजी
16.    दैनिक सूचियाँ
1.ख.ii            फाइलें : :
1.वर्तमान में जो सेवारत नहीं हैं, ऐसे स्टाफ सदस्यों के छुट्टी के आवेदन पत्र और अन्य सामान्य पत्राचार
2.लेखन सामग्री की माँग और बीजक
3.बंद किए गए आभूषण ऋणों के आवेदन पत्र (खाता बंद करने की तारीख से)
4.अनिवार्य जमा योजना (आईटीपी) 1974
जमाकर्ता / नामांकिती को जहाँ कहीं भुगतान किया गया हो, ऐसे बंद किए गए खातों से संबंधित सभी मूलभूत रिकार्ड
1.ग.       शाखाएँ : जिनका संरक्षण पाँच वर्षों के लिए किया जाना है।
1.ग.i. लेखा बहियाँ :
1.        स्थाई अनुदेश दैनिक सूची
2.       रोके गए चेकों की पंजी
3.       चेक बुक पंजी
4.       संदर्भित चेक पंजी
5.       चेक वापसी पंजी
6.       भुगतान आदेश /बीसी पंजी
7.       काउँटर नकदी प्राप्ति पंजी
8.       काउँटर भुगतान पंजी
9.       नकदी शेष पंजी
10.    वॉल्ट पंजी
11.     शेयर और प्रतिभूतियों संबंधी सुरक्षित अभिरक्षा पंजी
12.    कारोबार प्रस्ताव पंजी
13.    पैडलॉक पंजी
14.    सुपुर्दगी आदेश बही
15.    बिल स्वीकृति पंजी
16.    पत्र प्राप्ति पंजी
17.    पत्र प्रेषण पंजी
18.    केन्द्रीय कार्यालय से प्राप्त और प्रेषित पत्र
19.    ओबीटी उचंत खाता
20.   समासोधन गृह पंजी
21.    मुद्रा खाता पंजी
22.   निदेशकों को अग्रिम के तहत दैनिक बाकाया की पंजी
23.   संतोलन बहियाँ
24.   तार और तारों की पुष्टियाँ
25.   पास-बुक पंजी
1.ग.ii. फाइलें :
1.        धन-प्रेषण अनुसूचियाँ
2.       जावक तार संदेश
3.       टीटी डुप्लिकेट प्राप्तियाँ
4.       चेक-बुक पावती
5.       व्यपगत बीमा पॉलिसियाँ
6.       विवरणियाँ (कार्यालय प्रतियाँ)
7.       साप्ताहिक विवरणियों के सारांश
8.       क्षेत्रीय प्रबंधक को प्रेषित रिपोर्टें
9.       क्षेत्रीय कार्यालय/केन्द्रीय कार्यालय को शाखाओं द्वारा प्रेषित विविध विवरणियाँ
10.    चेक साइफ़र फाइल (पुरानी और जो प्रयोग में न हो)
11.     उधार खातों को बंद किए जाने की तारीख से ऋण-प्रस्ताव फ़ाइलें
12.    तार-संदेश प्राप्तियाँ
13.    चेकों की माँग संबधी पत्र
14.    शिकायतों का पत्राचार
15.    प्रबंधकों के प्रमाण पत्र
16.    चाबियाँ खो जाने, नकदी में कमी आने, टोकन गुम होने इत्यादि संबंधी पत्राचार
17.    अनिवार्य जमा योजना (आइटीपी) योजना, जहाँ कानूनी वारिसों को भुगतान किया गया है, ऐसे सभी मूलभूत रिकार्ड
1.घ. शाखाएँ जिनका संरक्षण छह वर्षों के लिए किया जाना है।
1.घ.ii. फ़ाइलें
1.भारतीय रिज़र्व बैंक की शाखाओं से प्राप्त आवधिक प्रगति रिपोर्टें- निरीक्षण रिपोर्ट
2.विविध पत्राचार (प्रविधि और नेमी) (रूटीन)
1.ङ. शाखाएँ - जिनका संरक्षण आठ वर्षों  के लिए किया जाना है।
1.ङ.i. लेखा बहियाँ
1.              नकदी स्क्रोल
2.             अंतरण स्क्रोल
3.             प्रतिभूतियों पर उगाहा गया ब्याज पंजी
4.             वसूली के लिए प्राप्त स्थानीय चेकों की पंजी
5.             एफ.डी.ब्याज पंजी
6.             ड्राफ़्टों और एमटी संसूचनाओं के प्रेषण की पंजी (संशोधन पूर्व)
7.             ड्राफ़्टों और एमटी संसूचनाओं के प्राप्ति की पंजी (संशोधन पूर्व)
8.             ऋण एवं अग्रिम पंजी /लेजर (यदि इनमें रिकार्ड किए गए सभी ऋण खाते बंद नहीं किए गए हों तो इन्हें खाते बंद होने तक संरक्षित किया जाना चाहिए।)
9.             धन-प्रेषण पंजी
10.          बिल-पंजी
11.           माँग देयता पंजी
12.          डीडी, एमटी और टीटी पंजी (संशोधन-पूर्व)
13.          प्रतिदेय डीडी पंजी (संशोधन-पूर्व)
14.          विवेकाधिकार पंजी
15.          स्टॉक-पंजी
16.          स्टॉक्स एवं शेयर पंजी
17.          अधिविकर्ष/ऋण पंजी
18.          सुरक्षित अभिरक्षा पंजी
19.          क्लीन-नकदी पंजियाँ
20.         डेबिट अनुसूचियाँ रिस्पॉण्डिंग पंजी (संशोधन-पूर्व)
21.          क्रेडिट अनुसूचियाँ रिस्पॉण्डिंग पंजी (संशोधन-पूर्व)
22.         क्रेडेट अनुसूचियाँ कार्यालय पंजी (संशोधन-पूर्व)
1.ङ.ii. फाइलें

  1. ओवरड्राफ्ट/ऋण और अग्रिम के लिए आवेदन पत्र
  2. धन-प्रेषण अनुसूचियाँ
  3. टी.टी.पुष्टिकरण (जावक)
  4. वाउचर और अदा किए गए चेक
  5. बंद किए खातों के खाता खालने के फार्म- खाता बंद करने की तारीख से (यदि अन्वेषण के विवाद लंबित न हो)
  6. जालू जमाओं से संबंधित स्थाई अनुदेश
  7. कार्यमुक्त करने वाले अधिकारी का प्रमाण पत्र
  8. बंद किए गए अन्य दस्तावेज़ ( बंद किए जाने की तारीख से)
1.ङ.iii.  अन्य रिकार्ड

1.अदा किए गए चेक

2.वाउचर

1.च. शाखाएँ - जिनका संरक्षण दस वर्षों के लिए किया जाना है।

1.च.i. लेखा बहियाँ

1.        खाते खोलने और बंद करने संबंधी पंजी

2.       चाबियों की पंजी

3.       लॉकर देय-तारीख डायरी

4.       देय लॉकर किराया नोटिस-पंजी

5.       ऋण-सीमा बही

6.       बीमा पॉलिसी

7.       गोदाम पंजी

8.       गोदाम निरीक्षण पंजी

9.       खरीदे गए और बट्टाकृत बिल पंजी

10.    एलसी प्राप्य -बिल पंजी

11.     खालो गए साख पत्र की पंजी

12.    आवक साख-पत्र पंजी

13.    आवक साख-पत्र पंजी

14.    वसूली के लिए बिल पंजी

15.    वायदा खरीदी अनुबंध पंजी

16.    वायदा बिक्री अनुबंध पंजी

17.    वायदा बिक्री पंजी

18.    टोकन रिकार्ड बही

19.    अनुपूरक नकदी बही

1.च.ii.  फाइलें

1.        गोपनीय अभिमत

2.       बंद किए गए अग्रिमों से संबंधित दस्तावेज़

3.       अर्ध-वार्षिक शेष विवरणियाँ

4.       भारतीय रिज़र्व बैंक और संयुक्त स्टाक कंपनियों के रजिस्टर को प्रेषित केन्द्रीय कार्यालय विवरणियाँ

5.       कंपनी तुलन-पत्र

6.       ए.आर.डी.आर.एस. 1990 के तहत किए गए खातों के दस्तावेज़

7.       सभी निरीक्षण रिपोर्टें (किसी जाँच को अभी समाप्त होना हो, ऐसी रिपोर्टों को जाँच समाप्त होने तक/सतर्कता विभागा द्वारा लिखित रूप में अनुमति दिए जाने तक संरक्षित रखना है।)

8.       अग्रिमों से संबंधित स्टॉक विवरणियाँ

1.छ शाखाएँ - जिनका संरक्षण बीस वर्षों के लिए किया जाना है।

1.छ.i. लेखा बहियाँ

1.        स्थाई अनुदेश पंजी

2.       लॉकर किराया पंजी

3.       दस्तावेज़ निष्पादन पंजी

4.       लाभ-हानि अनुपूरक (संशोधन-पूर्व)

5.       क्लीन नकदी बही

6.       उचंत खाता पंजी

7.       विविध लेनदार खाता पंजी

8.       बैंकर लेजर

9.       प्रभार पंजी (संशोधन-पूर्व)

1.छ.ii. फाइलें

1.        मर्चेंट व्यापारी बैंकिंग क्रियाकलापों से संबंधित सारी फाइलें

2.       संघटकों द्वारा निष्पादित वचन-पत्र

3.       विशेष पत्र फाइल

4.       बंद किए गए खातों के नमूना हस्ताक्षर कार्ड

5.       सौंपी जा चुकी सुरक्षित अभिरक्षा पंजी

6.       सौंपी जा चुकी सुरक्षित जमा रसीदें

7.       सुरक्षा तिजोरी और सुरक्षित अभिरक्षा आवेदन पत्र

8.       बैंक के पंचाट स्टाफ/अधिकारियों के विरुद्ध की गई अनुशासनात्मक कार्रवाइयाँ

9.       मृत-संघटकों के दवा-कागज़ और कागज़ात

10.    स्थाई परिपत्रों और भारतीय रिज़र्व बैंक के परिपत्रों वाली फाइलें