सूक्ष्‍म, लघु एवं मीडियम एण्टरप्राइजेज

IOB
बैंक में उधार देने के लिए '' उद्यम '' को बड़ी संख्‍या में रोजगार सृजन- कर्मचारी एवं नियोक्‍ता दोनों के लिए - समझा जाता है। इस प्रकार के संस्‍थान निम्‍नानुसार वर्गीकृत किए गए हैं:

1 किसी उद्योग से संबंधित वस्‍तुओं के निर्माण/ उत्‍पादन से संबंधित उद्यम

2 सेवा प्रदाता/उपलब्‍ध करवाने वाले उद्यम

सूक्ष्‍म, लघु मध्‍यम सेक्‍टर का वर्गीकरण, उत्‍पादन एवं निर्माण इकाई में प्‍लान्‍ट एवं मशीनरी में किए गए मूल निवेश एवं सेवा इकाइयों में प्रणालियों से संबंधित निवेश पर आधारित है।

सेक्‍टर
एमएफजी/सर्विस
निवेश की सीमा


प्‍लॉन्‍ट व मशीनरी/ उपकरण
माइक्रो लेवल I
उत्‍पादन
रू5 लाख तक

सेवा
रू2 लाख तक



माइक्रो लेवल I I
उत्‍पादन
रू5 लाख से रु 25 लाख तक

सेवा
रू2 लाख से रु 10 लाख तक

उत्‍पादन
रू25 लाख से रु 500 लाख तक
लघु
सेवा
रू10 लाख से रु 200 लाख तक



मध्‍यम
उत्‍पादन
रू500 लाख से रु 1000 लाख तक

सेवा
रू200 लाख से रु 500 लाख तक

रू 10 लाख तक ऋण सुविधा हेतु- एस एम ई 5
रू 10 लाख से अधिक एवं रु 50 लाख तक ऋण सुविधा हेतु - एस एम ई 6
रू50 लाख से अधिक एवं रु200 लाख तक ऋण सुविधा हेतु - एस एम ई 7
रू 200 लाख से अधिक ऋण सुविधा हेतु -एस एम ई 8
रु 5 लाख तक माइक्रो एवं लघु क्षेत्र ऋण के लिए संपार्श्विक प्रतिभूति आवश्‍यक नहीं हैं। बैंक, अच्‍छे व्‍यवसाय एवं रिकॉर्ड तथा एस एम ई इकाइयों की वित्‍तीय स्थिति के आधार पर संपार्श्विक प्रतिभूति /तृतीय प्रतिभूति की सीमा को रु 50 लाख तक के ऋणों के लिए बढ़ा सकता है यदि यह माइक्रो लघु इकाई हेतु ऋण गारण्‍टी फण्‍ड ट्रस्‍ट (सी जी टी एम एस ई ) के अन्‍तर्गत सुरक्षित है।

आइ ओ बी मध्‍यम एवं लघु इकाई हेतु ऋण गारण्‍टी फण्‍ड ट्रस्‍ट (सी जी टी एम एस ई ) का सदस्‍य है।
लघु मध्‍यम इकाइयों को बिना संपार्श्विक प्रतिभूति / तृतीय पक्ष की प्रतिभूति के स्‍वीकृत ऋण मध्‍यम एवं लघु इकाई हेतु ऋण गारण्‍टी फण्‍ड ट्रस्‍ट (सी जी टी एम एस ई ) के अन्‍तर्गत सुरक्षा प्राप्‍त करने के पात्र हैं।
आइ ओ बी मध्‍यम एवं लघु इकाई हेतु ऋण गारण्‍टी फण्‍ड ट्रस्‍ट (सी जी टी एम एस ई ) के अन्‍तर्गत ऋण स्‍वीकृत करता है।
अ- अधिकतम रु 50 लाख का ऋण
आ- योजना के अधीन सावधि ऋण/कार्यशील पूँजी अथवा दोनों पर विचार किया जा सकता है
इ- निर्माता एवं सेवा प्रदाता पात्र
ई- अधिकतम रु 37.50 लाख तक की गारण्‍टी सुरक्षा उपलब्‍ध

ऋण गारण्‍टी फण्‍ड ट्रस्‍ट (सी जी टी एम एस ई ) के अन्‍तर्गत ऋणों को कवर करने हेतु रु 5 लाख के ऋणों के लिए 1% की दर से तक एवं रु 5 लाख से अधिक के ऋणों के लिए 1.5% की दर से अधिक के ऋण पर गारण्‍टी शुल्‍क देय है। यह शुल्‍क एक बार ही देय होगा ।

आगे रु. 5 लाख तक के ऋणों के लिए 0.50 % की दर पर और रु. 5 लाख से अधिक ऋणों के लिए 0.75% की दर से वार्षिक सेवा शुल्‍क अदा किया जाना है।

प्रौद्योगिकी उन्‍नयन निधि (टी यू एफ एस)

वस्‍त्र एवं जूट उद्योग में तकनीकि उन्‍नयन एवं आधुनिकीकरण के उद्देश्‍य से भारत सरकार ने 1999 में ''प्रौद्योगिकी उन्‍नयन निधि'' योजना प्रारंभ की है। इस योजना के अन्‍तर्गत प्राथमिक ऋणदात्री संस्‍था से प्राप्‍त ऋण पर 5% का ब्‍याज उपदान एवं अस्थिर विनिमय के प्रति अधिकतम 5% प्रति वर्ष कवर किया जाता है। पात्र उधारकर्ता इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

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