विशेष कुवैत दाव
संयुक्त राष्ट्र क्षतिपूर्ति आयोग (यूएनसीसी) , जेनीवा ने 1990-91 के खाडीयुद्ध के पीडितों में से उपयुक्त दावेदारों को क्षतिपूर्ति के भुगतान का अनुमोदन दिया। जिन आवेदकों के दावों को यूएनसीसी द्वारा मान्य माना गया , उन्हेंव्यक्तिगत रुप से विशेष कुवैत सेल , विदेश मंत्रालय, -एमईए/एसकेसी - नई दिल्ली द्वारा व हमारे द्वारा भी समय समय पर विभिन्न
संप्रेषणों द्वारा सूचित किया गया । तथापि कई सफल दावेदारों ने अनुमोदित दावे की रकम की प्राप्ति हेतु निर्धारित औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए विदेश मंत्रालय/ विशेष कुवैत कक्ष/ हमसे संपर्क नही किया। अत: रकम यूएनसीसी को वापस कर दी गयी। यूएनसीसी द्वारा अनुमोदित रकम को प्राप्त नहीं करनेवाले दावेदारों के लिए इस प्रकाशन को पुन: जारी किया जा रहा है ताकि वे निर्धारित औपचारिकताओं को पूरा कर अपनी रकम प्राप्त कर सके।
तदनुसार निम्नलिखित व्यक्ति अपने नाम के साथ साथ अपने बैंक / शाखा , अपने वर्तमान पते का उल्लेख करते हुए अपने पुराने व नये पासपोर्ट / एस के सी कार्ड और सिविल आइडी कार्ड के प्रथम चार पृष्ठों की प्रति संलग्न करते हुए श्री ए के पांड्या , निदेशक, विशेष कुवैत कक्ष , द्वितीय तल, आइसीआइएल बिल्डिंग , नं.9, भगवानदास रोड(उच्च न्यायालय के सामने) नई दिल्ली-110001 को लिखे। यदि निम्न लिखित सूची मे से किसी व्यक्ति का निधन हो गया हो , तो दिवंगत व्यक्ति के कानूनी वारिस आवश्यक कदम उठा सकते हैं और आगे की कार्रवाई उनके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच के बाद ही सूचित की जोयगी। लिफाफे पर " लापता दावेदार" अंकित करें। उपयुक्त पहचान किये जाने के बाद संबंधित विस्तृत औपचारिकताओं को हमारे बैंक द्वारा उन्हें सूचित किया जायेगा और उन औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद ही उनके अनुमोदित दावों के वितरण का संसाधन बैंक द्वारा किया जायेगा।
यहां स्पष्ट कर देना आवश्यक है कि सूची में दावेदार का नाम आ जाने मात्र से ही वह दावे की रकम का पात्र नहीं हो जाता, जो कि यूएनसीसी से निधियों की प्राप्ति पर ही देय होगी। बैंक या भारत सरकार पर दावे की रकम का भुगतान करने की कोई बाध्यता नहीं होगी क्योंकि बैंक भारत सरकार के द्वारा रकम का वितरण करने के लिए नियुक्त एजेंसी मात्र है । सफल दावेदारों के नामों और पासपोर्ट नंबरों को सही रुप में व्यक्त करने के प्रति पूरी सावधानी बरती गयी । फिर भी असावधानीवश हुई किसी भूल-चूक के लिए बैंक जिम्मेदार नहीं होगा ।
यह भी स्पष्ट किया जाता है कि आगे और कोई नयी मंजूरी या अनुमोदन नही है और नये दावों के लिए कोई आमंत्रण भी नहीं है। संबंधित सूची पूर्ववत सफल दावेदारों में से लापता रहने वालों की मात्र ही है।