निर्यातकों हेतु आइ ओ बी एक्स्पो गोल्ड कार्ड
इण्डियन ओवरसीज़ बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा तैयार की गई योजना के आधार पर अपने निर्यातक ग्राहकों हेतु गोल्ड कार्ड योजना बनायी है । योजना का उद्देश्य है कि अच्छी साख वाले निर्यातकों को जिनका ट्रैक रिकार्ड अच्छा हो , को बेहतर शर्तों पर आसानी से उधार उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जा सके। आइ ओ बी द्वारा दिया जाने वाला गोल्ड कार्ड "आइ ओ बी एक्स्पो गोल्ड कार्ड " के रूप में जाना जाएगा। योजना की प्रमुख विशेषताऍं निम्न भांति हैं:
योजना के अन्तर्गत पात्रता
- वे निर्यातक जिन्हें बैंक के क्रेडिट रेटिंग के अनुसार एए+ या ए दिया गया है वे इस योजना के तहत पात्र हैं।
- वे निर्यातक जिनके खाते पिछले तीन वर्षों से सतत " मानक " के रूप में वर्गीकृत किए गए हैं और जहॉं पर खाते में कोई अनिमितताऍं / विपरीत टिप्पणियॉं न हों उन्हें प्रदान किया जाएगा
- जिन निर्यातकों को ई सी जी सी द्वारा काली सूची में या भारतीय रिज़र्व बैंक की चूककर्ता सूची / सावधान सूची में या बैंक की निगरानी श्रेणी खाता में रखा गया हो उनके लिए यह योजना लागू नहीं है। निर्यातक जो पिछले तीन वर्षों से नुकसान उठा रहे हों या वर्तमान वर्ष के टर्न ओवर के 10 प्रतिशत से अधिक अतिदेय निर्यात बिल हों , वे इसके पात्र नहीं है।
ऋण सीमा का निर्धारण
- अधिकतम ऋण सीमा 3 वर्षों के लिए स्वीकृत की जाएगी । जिसमें इस योजना के तहत स्वत: नवीकरण का प्रावधान होगा बशर्ते स्वीकृति के सभी नियम व शर्तों का पालन हो।
- विदेशी मुद्रा उपलब्ध होने पर उन्हें अन्य निर्यातक उधारकर्ता की तुलना में प्राथमिकता देकर, गोल्ड कार्डधारकों के लिए अपेक्षित पी सी एफ सी को प्राप्त कराने हेतु प्रयत्न किए जाऍंगे। उसी प्रकार बैंक गोल्ड कार्ड धारकों को प्राथमिकता के आधार पर विदेशी मुद्रा सावधि ऋण भी प्रदान करवाएगा।
- योजना के अंतर्गत निर्यात उधार की स्वीकृति के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों के निपटान के लिए अधिकतम निर्धारित समय सीमा निम्नभांति होगी।
नए आवेदन पत्रों के निपटान हेतु
25 दिन
सीमा का नवीकरण / समीक्षा
15 दिन
तदर्थ सीमा की मंजूरी
07 दिन
- गोल्ड कार्डधारकों की तुरन्त उधार आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निर्धारित सीमा का 20% अतिरिक्त तत्काल सीमा के रूप में उपलब्ध कराया जा सकता है।
- यह तय किया गया है कि गोल्ड कार्ड धारकों को उधार सीमा की स्वीकृति / नवीकरण के अनुरोध को एक सरल आवेदन पत्र में प्रस्तुत करना होगा - संलग्नक देखें ।
- निर्यातकों के निष्पादन प्रक्षेपण की समीक्षा वार्षिक आधार पर की जाएगी ताकि यह तय किया जा सके कि गोल्ड कार्ड धारकों को बेहतर शर्तों और नियमों पर दी गई सुविधा को जारी रखा जाए/ संशोधित किया जाए/ वापस ले लिया जाए।
ब्याज दर / सेवा प्रभार
- निर्यातकों की क्रेडिट रेटिंग के आधार पर रुपये निर्यात उधार पर अधिकतम ब्याज दर में छूट 0.25 % है जिसे रियायती ब्याज दर पोत लदानोत्तर रुपया निर्यात ऋण पर 90 दिनों तक लागू है , को बढ़ाकर 365 दिन किया जा सकता है। इस पर अतिदेय बिल लागू नहीं होगा ।
- विभिन्न सेवाओं / लेनदेन के लिए निर्धारित फीस एवं शुल्कों में बैंक 10% की छूट प्रदान करेगा ।
- विदेशी मुद्रा में निर्यात उधार प्राथमिकता के आधार पर लिबोर + 0.75 % प्रतिवर्ष तथा सेवा प्रभार एक समान दर 0.10% प्रति लेनदेन पर, प्रदान किया जाएगा। इन निर्यातको को बैंक प्राथमिकता के आधार पर विदेशी मुद्रा सावधि ऋण देने के लिए भी विचार करेगी, कर अतिरिक्त होंगे । लिबोर की वृद्धि में परिवर्तन हो सकता है ।
कार्ड की अवधि
सामान्यतया गोल्ड कार्ड 3 वर्षों की अवधि के लिए जारी किए जाते हैं और उनका स्वत: नवीकरण अगले 3 वर्षों के लिए हो जाता है , जब तक कि खाते में कोई प्रतिकूल लक्षण / अनियमिताऍं न हों। आगे कार्ड के किसी प्रकार के दुरूपयोग के मामले में या शर्तों व नियमों में उल्लंघन पाए जाने पर बैंक को अधिकार होगा कि वह कार्ड वापस ले ले।
आवदेन पत्र डाउनलोड करें ( डॉक प्रारूप में )
अनुबंध I
अनुबंध II
अनुबंध III
अनुबंध IV
अधिक जानकारी के लिए निर्यातकों से अनुरोध है कि आइ ओ बी की शाखाओं से संपर्क करें।