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हमारे बैंक के पास प्रतिक्रियात्मकता पारदर्शिता व लोक शिकायतों के त्वरित निवारण के प्रति सुस्पष्ट दिशा-निर्देश मौजूद हैं।
प्रतिक्रियात्मकता :
सभी स्टाफ सदस्यों को अनुदेश दिया गया है कि वे कारोबार समय से पंद्रह मिनट पूर्व काउंटर में उपस्थित रहें। सभी शाखाओं में -क्या मैं सहायता करूँ - बोर्ड रखा गया है ताकि उस काउंटर की मदद से नागरिकगण अपने लेन-देन को यथा शीघ्र पूरा कर सकें।
हमारी शाखाऍं कार्य समय की समाप्ति से एक घंटे पहले तक स्थानीय समाशोधन के चेक और बाहरी चेक स्वीकार करेंगी।
चेकों का नकदीकरण, मॉग ड्राफ्टों का निर्गमन, नकद की जमा आदि जैसे विशिष्ट लेनदेनों के लिए विभिन्न समय सीमाऍं निर्धारित की गयी हैं। हमारी अधिकतर शाखाओं में चेकों के त्वरित नकदीकरण/निकासी तथा रु.10,000/- तक की रकम की नकद जमा हेतु टेलर काउंटर कार्यरत हैं।
शाखा में ग्राहक सेवा में सुधार लाने तथा साफ-सफाई बनाये रखने तथा परिसर के रख-रखाव के उद्देश्य से शाखाओं में स्टाफ समितियॉं गठित की गयी हैं।
क्षेत्रीय प्रबंधक और क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारीगण प्रत्यक्ष मूल्यांकन हेतु शाखाओं का दौरा करते हैं और स्टाफ सदस्यों को इस बारे में मार्गदर्शन देते हैं।
पारदर्शिता :
शाखा के परिसर में चेकों के नकदीकरण, मांग ड्राफ्ट के निर्गमन, नकद प्राप्ति व भुगतान, चेकों के समाहरण जैसे विभिन्न प्रकार के लेन-देनों की समयावधि दर्शानेवाले सूचना पट्ट प्रदर्शित किये गये हैं। चेकों के समाहरण में निर्धारित समयावधि से अधिक विलंब होता है तो तदनुसार ब्याज दिया जाता है। बैंक की विभिन्न योजनाऍं बतानेवाली विवरणिकाऍं ग्राहकों को वितरित की जाती हैं।
कृषि ऋण, लघु उद्योग ऋण, निर्यात वित्त और सरकार प्रायोजित पीएमआरवाई, आइआरडीपी आदि जैसी योजनाओं के संबंध में ऋणों की मंजूरी के लिए समयावधि निर्धारित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। शाखा के दैनंदिन लेन-देनों की लेखापरीक्षा हेतु 269 बडी शाखाओं में, जो कि बडी, बहुत बडी तथा अपवाद स्वरुप बडी शाखाऍं हैं, समवर्ती लेखा परीक्षक नियुक्त किये गये हैं। प्रतिवेदनों, विवरणियों, विवरणों आदि की जॉंच हेतु नियंत्रक कार्यालय को भेजा जाता है, ताकि बैंक द्वारा निर्धारित मानदंडों और प्रक्रियाओं का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
लोक शिकायतों का त्वरित निवारण:
हर महीने 15वीं तारीख को शाखाओं/क्षेत्रीय कार्यालयों/केन्द्रीय कार्यालय में खुली बैठक आयोजित की जाती है, जिसमें ग्राहक अपनी कठिनाइयों और शिकायतों को त्वरित निवारण हेतु पेश कर सकते हैं। सामान्य परिस्थितियों में ऐसी शिकायतों का निवारण तीन दिनों के अन्दर हो जाता है। केंद्रीय कार्यालय में महा प्रबन्धक के नेतृत्व में ग्राहक सेवा विभाग का गठन हुआ है और सहायक महा प्रबन्धक उनकी सहायता करते हैं। यह विभाग ग्राहक की शिकायतों, ग्राहक सेवा और इनसे संबंधित विषयों की देखभाल करता है। ग्राहक सेवा विभाग, केन्द्रीय कर्यालय द्वारा आवधिक सर्वेक्षण आयोजित किये जाते हैं जिसमें ग्राहकों से अभिमत/सुझाव/विकल्प आदि आमंत्रित किये जाते हैं।
वर्ष में एक बार ग्राहक पखवाडा मनाया जाता है जिस दौरान केन्द्रीय कार्यालय के कार्यपालक, क्षेत्रीय प्रबन्धक और क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारी शाखाओं का दौरा करते हैं और ग्राहकों के विचारों/शिकायतों का पता लगाने के लिए ग्राहकों की बैठक आयोजित करते हैं। सभी शाखाओं में शिकायत/सुझाव पेटी व शिकायत रजिस्टर उपलब्ध रहते हैं , जिसके द्वारा ग्राहक अपनी शिकायत /सुझाव/विचार आदि प्रकट कर सकते हैं। केन्द्रीय कार्यालय में महा प्रबन्धकके नेतृत्व में सतर्कता विभाग सतर्कता संबंधी विषयों पर ध्यान देता है।
शाखाओं में छमाही अंतराल पर ग्राहकों की बैठक बुलायी जाती है और ग्राहकों से अनुरोध किया जाता है कि वे ग्राहक सेवा के बारे में अपनी राय/शिकायत आदि पेश करें। एसएसआई, निर्यातक, उद्योगपति, महिला उद्यमी जैसे विशिष्ट प्रकृति के ग्राहकों के लिए परिचालन स्तर पर उनको होनेवाली समस्याओं , कठिनाइयों आदि की जानकारी हेतु केंद्रीय कार्यालय द्वारा विशेष बैठकें आयोजित की जाती हैं। सभी प्रकार के ग्राहकों को बिना किसी भेद-भाव के शिष्ट, सक्षम व तत्परसेवा प्रदान करने के उद्देश्य से सभी स्टाफ सदस्यों को गहन प्रशिक्षण दिया जाता है। शिष्ट और तत्पर सेवा की आवश्यकता पर जोर देते हुए समय - समय पर कई परिपत्र जारी किये जाते हैं । अभी हाल ही में हमारे बैंक ने प्रमुख शहरी शाखाओं में गुणवत्ता आश्वासन अधिकारी को नामित किया है जो कारोबार समय के दौरान बैंकिंग हाल में उपलब्ध रहेंगे ताकि ग्राहकों की विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करने में समन्वय किया जा सके।
शिकायतों के त्वरित निवारण व तत्पर कार्रवाई हेतु केंद्रीय कार्यालय में टेलेक्स, फैक्स, ई-मेल और टेलीफोन की सुविधाऍं उपलब्ध करायी गयी हैं। कभी-कभार केन्द्रीय कार्यालय के अधिकारी गण को शिकायतों/मामलों की जॉंच-पडताल करने व उनको वहीं का वहीं निपटाने के लिए शाखाओं को प्रतिनियुक्त किया जाता है।
ग्राहक सेवा के प्रति स्टाफ की प्रतिबद्धता :
स्टाफ सदस्यों को विभिन्न स्तरों पर मार्गदर्शन दिया गया है ताकि वे सभी प्रकार के ग्राहकों को शिष्ट, तत्पर तथा सक्षम सेवाऍं प्रदान कर सकें। अधिकारियों के लिए बैंक में वार्षिक कार्य-निष्पादन मूल्यांकन की प्रणाली विद्यमान है जो उनके द्वारा प्रदान की जानेवाली ग्राहक सेवा से संबद्ध होती है। बैंक सभी सटाफ सदस्यों, चाहे वे किसी भी संवर्ग के हों, को ग्राहक सेवा और उससे संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण देता है। क्षेत्र की उत्तम शाखा को पुरस्कार प्रदान करने का विधान भी बैंक ने स्थापित किया है और पुरस्कार राशि उत्तम शाखा के स्टाफ सदस्यों के कल्याण के लिए प्रयोग की जाती है।
केन्द्रीय कार्यालय के निरीक्षकों के दल द्वारा सभी शाखाओं का निरीक्षण आवधिक रुप से किया जाता है। अपने निरीक्षण के दौरान जमा, अग्रिम, लाभप्रदता, आंतरिक लेखा कार्य आदि जैसे कारोबारी मानदंडों के साथ साथ वे ग्राहक सेवा के पहलुओं पर भी ध्यान देते हैं। रेटिंग यानि क्रम-निर्धारण के लिए ग्राहक सेवा की गुणवत्ता महत्वपूर्ण मापदंड है और कार्य-निष्पादन के समग्र क्रम-निर्धारण को परिकलित करने में अन्य कारोबारी मापदंडों के साथ -साथ ग्राहक सेवा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
बैंक कर्मचारियों की सेवा-शर्तें प्रबन्धन तथा यूनियन के बीच समय-समय पर हुए अधिनिर्णयन और समझौते के आधार पर तैयार की जाती हैं। इस शर्त का उल्लंघन दुराचार समझा जाता है और द्विपक्षीय समझौते के प्रावधान के अनुसार यह दण्डनीय है और पथभ्रष्ट कर्मचारी के विरुद्ध उचित कार्रवाई भी की जा सकती है।
इसी प्रकार अधिकारियों का आचरण इण्डियन ओवरसीज बैंक (अधिकारी) सेवा विनियम 1979 के अधीन शासित है जिसके अनुसार सभी अधिकारियों को सदाचार और अनुशासनयुक्त होना चाहिए और सभी प्रकार के ग्राहकों के साथ सभी लेन-देनों में शिष्टता और सतर्कता बरतनी चाहिए। यह भी बताया गया है कि हर अधिकारी ग्राहकों के लेन-देन को गोपनीय रखेगा और किसी भी अपात्रगत व्यक्ति को कोई भी सूचना प्रकट नहीं करेगा। इन विनियमों का कोई भी उल्लंघन अनाचार माना जाएगा और उक्त विनियम के तहत दण्डनीय होगा।
बैंकिंग लोकपाल योजना 2006 :
भारतीय रिजर्व बैंक ने भी बैंकिंग लोकपाल योजना 2006 का प्रतिपादन किया है ताकि ग्राहक कोई वकील रखे बिना ही , कोई शुल्क दिये बिना ही अपनी शिकायतों के निवारण हेतु लोकपाल से संपर्क कर सके। वर्तमान में लोकपाल कार्यालय अहमदाबाद, बैंगलूर, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ, चेन्नई (तमिलनाडु, पॉंडिच्चेरी, अंडमान -निकोबार के लिए) , दिल्ली (दिल्ली, हरियाणा और जम्मू कश्मीर के लिए) गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, कानपुर, कोलकाता (पश्चित बंगाल और सिक्किम के लिए) मुंबई (महाराष्ट्र व गोवा के लिए) पटना और त्रिवेन्द्रम में कार्यरत हैं। ग्राहक संबंधित लोकपालों से अपनी शिकायतें ई-मेल द्वारा भी दायर कर सकते हैं।
ग्राहक सेवा केन्द्र, चेन्नइ ने हमारे बैंक को नगर स्थित सरकारी बैंकों के बीच सहयोग स्थापित करने के लिए और शिकायतों को जल्दी निपटाने के लिए संयोजक बनाया है। तिमाही में एक बार समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं जिसमें रिजर्व बैंक और अन्य सदस्य बैंकों के प्रतिनिधि भाग लेकर विचार - विमर्श करते हैं। शिकायतों के शीघ्र निपटान के लिए उपचारात्मक कार्रवाई के सुझाव दिये जाते हैं। बैठक के कार्यवृत्त और शिकायतें प्राप्त/निपटायी/लंबित विवरण हर महीने वित्त मंत्रालय को भेजे जाते हैं।
सूचना के अधिकार से सम्बन्धित अधिनियम 2005 :-
सूचना के अधिकार से संबंधित अधिनियम को कार्मिक लोक शिकायतें और पेंशन से जुडे केन्द्रीय मंत्रालय ने 11 05 2005 को प्रवेश किया और इसे भारत के राष्ट्रपति ने 15 06 2005 को अपनी मंजूरी दे दी। यह अधिनियम 12 10 2005 से प्रभावी है।
इस अधिनियम के मुख्य उद्देश्य है:-
1. लोक प्राधिकार के नियंत्रण के तहत सूचना को प्राप्त करना और पारदर्शिता और जिम्मेदारी को बढावा देना। हमारे बैंक के निदेशक मंडल ने उक्त अधिनियम पर दिनांक 29 07 2005 को एक संकल्प पारित किया जिसमें केंद्रीय कार्यालय के ग्राहक सेवा विभाग को सूचना के अधिकारवाले अधिनियम के तहत पूछ-ताछ/जानकारी प्रदान करने से जुडे कार्य को संभालने की जिम्मेदारी सौंपी गयी और ग्राहक सेवा विभाग के महा प्रबन्धक को सीबीआइओ (केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी) के रुप में पदनामित किया गया। सभी क्षेत्रीय प्रमुख केंद्रीय सहायक लोक सूचना अधिकारी होंगे । अधिनियमों के तहत प्राप्त आवेदनों के जवाब केवल केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी ही देगा। अधिनियम के तहत निर्धारित समय सीमा के भीतर ही जवाब भेजे जाते हैं। यदि आवेदक दिये गये उत्तर से संतुष्ट नहीं होता, तो वह मामले पर पुनर्विचार करने के लिए तीन महा प्रबन्धकों को मिलाकर बनाये गये अपील प्राधिकरणसे अपील कर सकता है। अनुरोध के प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर ही संबंधित सूचना या अनुरोध को अस्वीकार करने की बात बिना विलम्ब किये संप्रेषित कर देनी चाहिए । प्रति पूछ-ताछ के लिए देय शुल्क रु.10/- है।
हमारे बैंक ने अपने वेब साइट पर जनसामान्य के लिए उपलब्ध सूचना के विवरण दर्शा दिये है।
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