पात्रता
आप को भारतीय नागरिक होना चाहिए।
आपने भारत या विदेश में व्यावसायिक/तकनीकी पाठ्यक्रम (कोर्स) में प्रवेश ले लिया हो ।
उद्देश्य
राज्य/केन्द्र सरकार के किसी भी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में स्नातक / स्नातकोत्तर / डिप्लोमा/ कम्प्यूटर शिक्षण के लिए; इंजीनियर मेडिकल, कृषि, पशु-चिकित्सा, विधि, दंत-चिकित्सा, प्रबंधन, आइ सी डब्ल्यू ए, सी ए, सी एफ़ ए जैसे वृत्तिक पाठ्यक्रमों के लिए; आइ आइ एम, आइ आइ अस सी, एक्स एल आर आई, निफ्ट आदि द्वारा चलाए जाने वाले पाठ्यक्रमों के लिए; प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालयों द्वारा भारत में चलाए जाने वाले पाठ्यक्रमों / अनुमोदित संस्थानों के सायंकालीन पाठ्यक्रमों के लिए; नागरिक विमानन / जहाज़रानी के महा निदेशक द्वारा अनुमोदित एरोनॉटिकल, पायलट प्रशिक्षण, शिप्पिंग आदि जैसे नियमित डिग्री / डिप्लोमा पाठ्यक्रमों, यदि वे भारत में पढ़ाये जाते हो, के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है। यदि ये पाठ्यक्रम विदेश में लिए जाते हों तो वह संस्थान सक्षम स्थानीय विमानन / जहाज़रानी प्राधिकारी द्वारा मान्यता प्राप्त हो। विदेशों में पढ़ाई करने के लिए, प्रतिष्ठित विष्वविद्यालयों द्वारा चलाये जाने वाले केवल स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए ही ऋण प्रदान किया जाएगा न कि डिप्लोमा कोर्सों के लिए ।
ऋण की मात्रा
भारत में अध्ययन के लिए अधिकतम रु.10 लाख और विदेशों में अध्ययन के लिए अधिकतम रु.20 लाख।
ब्याज दर
कृपया "रिटेल उधार ब्याज दरें" को क्लिक करें ।
अधिस्थगन/अवकाश अवधि के दौरान लिए साधारण आधार पर मासिक ब्याज नामे किया जाएगा।
| मार्जिन |
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रु.4 लाख तक के लिए |
शून्य |
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रु.4 लाख से अधिक के लिए |
भारत में पढाई करने पर 5 % |
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विदेश में पढाई करने पर 15% |
छात्रवृत्ति/सहायतार्थ राशि को मार्जिन राशि में जोड़ा जाएगा।
| प्रतिभूति |
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रु.4 लाख तक के लिए |
अभिभावकों की सह-बाध्यता। कोई प्रतिभूति नहीं। |
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रु.4 लाख से अधिक और रु.7.50 लाख तक |
माता-पिता की सह-बाध्यता के साथ जमानती प्रतिभूति जो किसी अन्य व्यक्ति की समुचित गारंटी रूप में हो। |
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रु. 7.50 लाख से अधिक के ऋण के लिए |
माता-पिता की सह-बाध्यता के साथ मूर्त प्रतिभूति। संपार्श्विक प्रतिभूति यथा एनएससी/केवीआईसी, एलआईसी पॉलिसी, सोना, शेयर/डिबेंचर या अचल संपत्ति, बैंक जमाएँ जो या तो विद्यार्थी, माता-पिता/संरक्षक या अन्य व्यक्ति के नाम पर पर्याप्त मार्जिन सहित हों। जहाँ कहीँ भी भूमि /भवन पहले से ही बंधक रखा गया हो वहाँ अ-भारित अंश, द्वितीय प्रभार के आधार पर, प्रतिभूति के रूप में स्वीकार किया जा सकता है, बशर्तें वह अपेक्षित-ऋण-रकम को कवर करता हो। कंप्यूटर की ख़रीद के लिए ऋण दिये जाने की स्थिति में, उस को कंप्यूटर बैंक के पक्ष में दृष्टिबंधक रखना होगा। |
अवकाश अवधि
नौकरी प्राप्त होने के 6 महीने बाद अथवा पाठ्यक्रम की समाप्ति के 12 महीने बाद , जो पहले हो।
चुकतान
यह ऋण, अवकाश अवधि को छोड़ कर अधिकतम 5-7 वर्ष की अवधि में, समान मासिक किस्तों में चुकाया जाना होगा।
ब्याज की अदायगी
विद्यार्थी विकल्पानुसार, या तो अध्ययन अवधि के दौरान ब्याज चुकाया जा सकता है अथवा अध्ययन अवधि समाप्त होने के बाद 12 वें महीने से प्रारंभ होने वाली 5-7 वर्ष की अवधि में मूल रकम के साथ ब्याज भी अदा किया जा सकता है।
ब्याज की अदायगी - रियायत
योजना के तहत जब ब्याज/चुकतान के लिए निर्दिष्ट चुकतान अवकाश में अध्ययन अवधि के दौरान सभी महीनों के लिए नियमित रूप से ब्याज अदा किया जाता है तो 1.00% की दर से ब्याज में रियायत दी जाएगी। इस तरह से परिकलित ब्याज-रियायत, मूल रकम का चुकतान प्रारंभ किए जाते समय ऋण खाते में वापस जमा कर दी जाएगी।
आवेदन पत्र फॉर्म एम.एस.वर्ड फोर्मेट में डाउनलोड करें ।
इसे अपने कंप्यूटर में सेव कर लें, मुद्रित करें और संसाधन के लिए आइओबी की किसी भी नज़दीकी/सुविधाजनक शाखा को भेजें।
ऑनलाइन आवेदन के लिए यहाँ क्लिक करें