अनुबंध - VI
फ़ॉर्म - जी
(परिच्छेद 13 का उप-परिच्छेद (1) देखें)
जमाकर्ता द्वारा प्रस्तुत किया जाना है
..................................................
(जमा कार्यालय का नाम)
क्रम सं.....................
जमाकर्ता द्वारा पूँजीगत अभिलाभ खाता योजना 1988
के तहत खाता बंद करने के लिए आवेदन
सेवा में
प्रबंधक
...................................
...................................
(जमा कार्यालय का नाम व पता)
1. मैं ................................... (*जमाकर्ता/*आवेदक का नाम) आयु ..................... वर्ष, सुपुत्र ............................ निवासी ........................................ (जमाकर्ता/*आवेदक का पता) एतद्द्वारा योजना के परिच्छेद 13 के उप परिच्छेद (1) के अनुसार निम्नलिखित *खाता / *खातों को बंद करने के लिए आवेदन करता हूँ जो *मेरे नाम से / ........................ (जमाकर्ता का नाम व पता) के नाम से आपके कार्यालय में *है / *हैं।
2. खाते / खातों का ब्योरा :
(i) खाता-ए सं..................................... पास-बुक सं...........................
(i)
(ii) खाता-बी सं.................................... जमा रसीद सं........................
(ii)
3. मैं उपर्युक्त *पास-बुक / *जमा रसीद एतद्द्वारा प्रस्तुत करता हूँ।
4. उपर्युक्त नाबालिग जमाकर्ता की तरफ से उसके अभिभावक के रूप में यह आवेदन मेरे द्वारा किया जाता है, और उसकी जन्म-तिथि ................... है।
4.
5. उपर्युक्त जमाकर्ता *, फर्म ........................... / कंपनी, व्यक्तियों के संघ ........................... व्यक्तियों के निकाय ................................... के प्राधिकृत अधिकारी के रूप में मेरे द्वारा आवेदन किया जाता है।
5.
6. उपर्युक्त जमाकर्ता ................................, हिन्दू अविभक्त परिवार के कर्ता के रूप में मेरे द्वारा आवेदन किया जाता है।
6.
जमाकर्ता / अभिभावक / कर्ता /
प्राधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर / अंगूठे का निशान
तारीख:
स्थान:
अतिरिक्त नमूना
......................
...................................................................................................................
अनुमोदित
(उस क्षेत्र के कर निर्धारण अधिकारी के हस्ताक्षर (तारीख सहित) और मोहर। )
...................................................................................................................
जमा कार्यालय के प्रयोगार्थ
(बंद किए गए *खाते / *खातों का ब्योरा और अदा की गई कुल रकम को रिकार्ड किया जाए)
1. ..................................................
2. ..................................................
3. .................................................
4. .................................................
5. .................................................
प्रभारी अधिकारी
दिनांक: ............................
नोट:
1. *जो लागू न हो काट दें।
2. स्तंभ 4, 5 और 6 नाबालिग, कंपनी, फ़र्म, अ-विभक्त हिन्दू परिवार, व्यक्तियों के संघ, व्यक्तियों के निकाय की ओर से की गई जमाओं से संबंधित हैं। अत: व्यक्तियों द्वारा जमा के मामले में इन स्तंभों को काट दिया जाए और अन्य मामलों में जो स्तंभ लागू है उसे छोड़कर बाकी दो स्तंभों को काट दिया जाए।
बचत बैंक खाता संबंधी नियम
बी सी एस बी आइ को दिए गए वचन के अनुसार हमारे बैंक को बचत बैंक संबंधी नियमों को वेब-साइट में डालना है और मुद्रित प्रति हर ग्राहक को उपलब्ध कराना है। इन नियमों की मुद्रित प्रतियॉं शाखाओं में परिचालित की गई हैं। साथ-साथ इसे पुस्तिका के रूप में किट में रखकर बचत बैंक - विशेष उत्पादन के ग्राहकों में वितरित करते हैं। शाखाओं को पुष्टि करनी है कि इन नियमों को सूचना बोर्ड में ग्राहकों की जानकारी हेतु लगाया गया है।
शाखाओं की जानकारी हेतु इन नियमों को प्रस्तुत करते हैं।
बचत बैंक नियम (2007)
1. अ) बैंक द्वारा अनुमोदित कोई भी व्यक्ति निम्नलिखित नियमों का पालन करने से सहमत हो, बचत बैंक खाता खोल सकता है:
क) कोई भी व्यक्ति अपने निजी नाम से बचत बैंक खाता खोल सकता है;
क)
ख) दो या दो से अधिक व्यक्ति अपने संयुक्त नामों में खोल सकते हैं। खाते की शेष राशि निम्नलिखित प्रकार से देय होगी:
(i) दोनों को या सभी व्यक्तियों को अथवा उनके उत्तरजीवी या उत्तरजीवियों को,
अथवा
(ii) कोई या किसी एक को या अधिक व्यक्तियों को अथवा उनके उत्तरजीवी या उत्तरजीवियों को दी जा सकती है।
ग) नैसर्गिक अभिभावक (यानी) पिता या माता नाबालिग के नाम पर खाता खोल सकते हैं;
ग)
घ) नैसर्गिक अभिभावक (यानी) पिता या माता अपने और नाबालिग के साथ संयुक्त नाम से खोल सकते हैं। खाते की शेष राशि इनमें से किसी एक को या उत्तरजीवी को दी जा सकती है;
ङ) किसी नाबालिग के नाम पर न्यायालय द्वारा नियुक्त कोई भी अभिभावक खाता खोल सकता है;
ङ)
च) 10 वर्ष या उससे अधिक आयु का नाबालिग अपने नाम से, स्वयं परिचालन करने हेतु खोल सकता है / सकती है।
च)
2. संयुक्त नामों से 1-अ (ख) (i & ii) के अंतर्गत खोले गए खातों के खातेदार / खातेदारों की मृत्यु हो जाने की हालत में खाते की शेष राशि उस खाते के उत्तरजीवी या उत्तरजीवियों को मृत व्यक्ति या व्यक्तियों के प्रतिनिधियों को सूचित किए बिना ही दी जाएगी। 1-अ (ख) (ii) के अंतर्गत खोले गए खातों के मामले में यदि किसी भी समय खातेदारों में से किसी एक या अधिक द्वारा अदायगी मना की जाती हो तो सभी खातेदारों के अथवा उत्तरजीवी या उत्तरजीवियों के संयुक्त हस्ताक्षरों पर ही रकम अदा की जाएगी।
ग. 1. किसी एक या उत्तरजीवी द्वारा परिचालनों की अनुमति उनके जीवनकाल के दौरान उनमें से किसी एक के द्वारा दी जायगी तथा जब उनमें से एक की मृत्यु होती है तब उत्तरजीवी द्वारा खातों की बंदी तथा / या दूसरी शाखा में अंतरण की अनुमति, जब दोनों जीवित हों, दोनों खाता धारकों के लिखित अनुरोध पर ही, दी जायगी। जब उत्तरजीवी खाता बंद करना चाहता है उसे दूसरे खाताधारक का मृत्यु प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना चाहिए।
ग.2. एकल या उत्तरजीवी परिचालनों की अनुमति किसी एक जमाकर्ताओं द्वारा ही जायगी, उनमें से सभी के जीवनकाल के दौरान तथापि खातों की बंद तथा / या दूसरी शाखाओं में अंतरण की अनुमति सभी खाता धारकों के लिए अनुरोध पर ही दी जायगी। जमाकर्ताओं में से किसी एक की मृत्यु हो जाने पर, मृतक के कानूनी प्रतिनिधि को बिना संदर्भ के, जमाराशि उत्तरजीवी को देय होगी। जब उत्तरजीवी खाता बंद करना चाहता हो उसे मृत खाताधारक का मृत्यु प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना चाहिए।
ध. पूर्ववर्ती व्यक्ति या उत्तरजीवी खाते का परिचालन पहले व्यक्ति द्वारा अनुमत किया जायगा पूर्ववर्ती व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर ही, उत्तरजीवी द्वारा खाते के परिचालन की अनुमति दी जायगी। खाते की बंदी तथा अन्य शाखा को अंतरण की अनुमति दोनों खाता धारकों के लिखित अनुरोध पर ही दी जायगी। जब उत्तरजीवी खाता बन्द करना चाहते हों उसे पूर्ववर्ती व्यक्ति के मृत्यु प्रमाणपत्र को प्रस्तुत करना चाहिए।
2.क. 1.क(ग) तथा (घ) के तहत खाता वहीं खोला जायगा जहॉं अभिभावकों की अपनी निधि होगी तथा 1.क(ग) के मामले में उनका मतलब राशि का उपयोग नाबालिग के फायदे के लिए तथा अन्तत: उसके बालिग होने पर नाबालिग के खातों में उपलब्ध जमाराशि को हस्तान्तरीत करना है तथा 1.क(च) के मामले में नाबालिग जिस तिथि के बालिग होते है उस तिथि से नाबालिग भी खाते का परिचालन कर सकता है। नाबालिग को उपहार, विरासत आदि के रूप में प्राप्त निधि से खोले जानेवाले खाते, या जहॉं बैक अपने विवेक से, इसे आवश्यक समण्ता हो, केवल न्यायालय द्वारा नियम 1.क(ई) के ज़रिए नाबालिग के नाम से खाता खोले जाने की अनुमति दी जायगी, तथा अभिभावक प्रमाणपत्र में बैंक में खाता खोलने तथा परिचालन करने संबंधी सुस्पष्ट प्रधिकार उल्लिखित होना चाहिए।
2.ख. नियम 1.क.ग. तथा इ. के तहत खातों के मामले में नाबालिग के बालिग होने पर, अभिभावक का खाता परिचालन का अधिकार स्वत: खत्म हो जाएगा। खाते की जमा राशि नाबालिग की अनन्य सम्पत्ति मानी जायगी जिसने वयस्कता प्राप्त कर ली है तथा आगे से केवल उसी के द्वारा निकासी की अनुमति होगी तथा अभिभावक द्वारा नियम 1.क(द) के तहत खुले खातों के मामले में आवश्यक औपचारिकताओं को पूरे करने पर वयस्कता प्राप्त होने पर नाबालिग को भी खाते के परिचालन की अनुमति मिलेगी। नाबालिग के बालिग होने के पूर्व हो अभिभावक की मृत्यु होने की अवस्था में, खाते की जमाराशि नाबालिग को बालिग होने पर देय होगा या सक्षम न्यायालय द्वारा नाबालिग की सम्पत्ति के अभिभावक के रूप में नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति या बालिग होने के पहले नाबालिग की ओर से ट्रस्टी को देय होगी। नोट: न्यायालय द्वारा जिस नाबालिग के लिए अभिभावक नियुक्त किया जाता है वइ इक्कीस वर्ष आयु होने पर बालिग होता है। अन्यथा वह अठारह वर्ष की आयु का होने पर बालिग माना जाता है।
2.ग.नियम 1.क(फ) के तहत खातों के मामले में पालन किये जाने वाले नियमों के बावजूद, केवल चेकों के द्वारा निकासी की अनुमति दी जायगी, नियम 9 में संदर्भिदत परिचय से संबंधित औपचारिकताएं के अनिवार्य अनुपालन तथा खाते में अधिकतम जमा राशि रु.पचास हज़ार मात्र तक प्रतिबंधित होंगी।
3. खाते क्लबों , संघों, समितियों, शैक्षिक संस्थानों तथा हिन्दू अविभाजित परिवार के नाम से खोले जा सकते हैं जबतक कि खातों का प्रयोग व्यापार प्रयोग के लिए न हो तथा बैंक संतुष्ट से कि खाता सही बचत उद्देश्य से खोला जाता जा रहा है।
3.क. दृष्टिहीन व्यक्तियों या निरक्षर व्यक्तियों के लिए भी, अंगूढे के निशान लेकर खाता खोले जा सकते हैं। ऐसे व्यक्तियों को रुपये की निकासी के लिए पासबुक के साथ स्वयं बैंक में आना चाहिए। ऐसे व्यक्तियों को चेक बुक जारी नहीं किये जायेंगे।
4. बचत बैंक खातों का प्रयोग चालू खातों के रूप में नहीं होगा, वह व्यापार के प्रयोजन से है। इसका प्रयोग केवल बचत प्रयोजन के लिए ही होना चाहिए।
5. न्यूनतम जमा राशि तथा न्यूनतम राशि नहीं रखने पर दंड प्रभार:
कोटि चेक सुविधा सहित चेक सुविधा रहित
रु.500/ रु.100/ रु.7/ प्रति माह , अन्य शाखाऍं रु.100/ रु.500/ रु.14/ प्रति माह
पेंशनरों का बचत बैंक खाता रु.250/ रु.5/ यथोपरि
जब चेक द्वारा निकासी की सुविधा की अनुमति दी जाती है, तो, बैंक नियम 1.क (एफ) के तहत नाबालिगों द्वारा खोले गये खातों के मामलों को छोड़कर खातों में निर्धारित न्यूनतम शेष राशि हमेशा जमा रहना चाहिए। तथापि बैंक को बिना कोई कारण बताए इस सुविधा को बन्द करने का अधिकार सुरक्षित है।
5.3 जमाकर्ता जब भी चाहें रुपये जमा कर सकते हैं। बचत खाते में ब्याज वाली अधिकतम जमा राशि पर कोई अधिकतम सीमा नहीं है। रु.50000/ से अधिक की नकद जमा के लिए जमा पर्ची में ग्राहक को पैन संख्या लिखना चाहिए। अगर खाताधारी को पैन संख्या आबंटन नहीं किया गया हो तो उसे फार्म 60 (गैरकृषि) फार्म 61 (कृषि) जैसी स्थिति हो, जमा करना चाहिए। जमा किये जाने वाले नकदी तथा चेकों को संबंधित काउंटर पर सौंपना चाहिए तथा संबंधित काउंटर के अलावा किसी भी अन्य व्यक्ति को उसे प्राप्त करने का अधिकार नहीं है। ग्राहक चेक जमा करने हेतु ड्रॉप बॉक्स सुविधा उटा सकते हैं तथा अगर पावती लेता हो तो उन्हें चेक को केवल काउंटर पर ही जमा करना चाहिए।
6. जमाकर्ताओं को देय आहरित चेकों, ड्राफ्टों, लाभांश पत्रों तथा अन्य लिखतों को लौट गया जाता है तो वापसी की तिथि को लागू प्रभार ऐसे लौटाये गये सभी चेकों पर तीन बार तक लगाए जाऍंगे अर्थात् पहली तीन वापसी के लिए तथा उसके बाद, यथोचित नोटिस के साथ खाता बन्द कर दिया जाएगा।
7. खाता कैसे खोलें
बचत बैंक खाता खोलनेवाले व्यक्ति को बैंक में आना चाहिए, जहॉं उन्हें इसके नियमों की प्रति तथा खाता खोलने के लिए एक आवेदन पत्र का फार्म दिया जाएगा।
7.(क) बैंक में खोले गये सभी जमा खाते में नामांकन होना चाहिए तथा जमाकर्ता(ओं) द्वारा खाता खोलते समय किसी व्यक्ति को नामांकित किया जाना चाहिए। नाबालग को छोडकर तथा विधिवत भरे हुए व हस्ताक्षरित नामांकन पत्र (खाता खोलने के फार्म में संलग्न) के साथ आवेदन पत्र जमा करेंगे। दो या अधिक नामों / आनुपातिक नामांकन का नामांकन संभव नहीं है। सभी खाता धारकों द्वारा बैंक को आवेदन करके किसी भी समय नामांकन को बदला जा सकता है।
8. जब आवेदनकर्ता लिखने में सक्षम न हो तो वह बैंक द्वारा परिचित एक गवाह के समक्ष अपने बायें हाथ के अंगूठे का निशान लगायेगा / गी। ऐसे खाते से निकासी केवल निकासी पत्रों द्वारा ही होगी।
9. आवेदनकर्ता का परिचय बैंक की संतुष्टि के अनुरूप होना चाहिए। बहरहाल, अगर एक ग्राहक अपने परिचय का कोई दस्तावेज तथा पता का प्रमाण प्रस्तुत कर सकता है जो बैंक को संतुष्ट कर सकें तो बैंक अपने विवेक पर खाता खोल सकता है।
10. सभी जमाकर्ता को अभिलेख के लिए हाल के पासपोर्ट आकार के दो फोटो तथा दो प्रतियों में अपना नमूना हस्ताक्षर देना अपेक्षित है। हस्ताक्षर सुपाठ्य अच्छी तरह किया हुआ होना चाहिए। बैंक में सभी निकासी पत्रों, चेकों तथा पत्रों पर नमूना हस्ताक्षर के अनुरूप ही हस्ताक्षर किए जाने चाहिए।
10.क. आवेदन पत्र के साथ, प्रत्येक जमाकर्ता द्वारा विधिवत भरा हुआ व हसताक्षरित क्रॉप (कस्टमर्स रिकार्ड ऑफ प्रोफाइल) फार्म भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा यथा निर्धारित अपने ग्राहकों जानिए मानदंड का पालन करने के लिए प्रस्तुत करना अपेक्षित है। ग्राहक द्वारा हर साल यह फार्म अद्यतन किया जाना है।
बैंक सामान्यत: पहचान व पता के प्रमाण के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों को स्वीकार करते हैं:
· हाल का गैस कनेक्शन पेपर
· टेलीफोन बिल
· बिजली बिल
· मतदाता पहचान पत्र
· ड्राइविंग लाइसेंस
· पासपोर्ट
· बैंकद्वारा अनुमोदित कोई अन्य दस्तावेज
(मूल प्रमाणपत्रों का एक छायाप्रति के साथ प्रस्तुत करना चाहिए। परिचालन के बाद बैंक द्वारा मूल पत्र लौटा दी जाएगी)
सभी ग्राहक खाता खोलने के फार्म में पैन संख्या का उल्लेख करेंगे। अगर पैन सं. उनको आबंटित नहीं हुई तो फार्म 60 (गैर कृषि) में घोषणा करनी चाहिए। संबंधित फार्म बैंक में उपलब्ध हैं।
हिन्दु अविभाजित परिवार (एचयूएफ)
एचयुएफ के कर्ता तथा सभी बालिग सहदायियों द्वारा हस्ताक्षरित बैंक के मानक प्रपत्र में एचयूएफ ट्रस्ट / न्यास :
क. ट्रस्ट डीड की प्रमाणित प्रति
ख. जहॉं याय धर्मार्थ न्यास हो, धर्मदाय आयुक्त के प्रमाणपत्र की प्रमाणित प्रति
ग. जहॉं ट्रस्ट डीड न हो, सक्षम न्यायालय के आदेश की प्रमाणित प्रति
घ. खाते के खोलने तथा संचालन के संबंध में प्रस्ताव की प्रमाणित प्रति
ई. सभी व्यक्तियों के जीवन वृत्त सहित वर्तमान न्यासियों की सूची
· क्लबों, समितियों (सहकारी सहित), संघों, शैक्षित संस्थाऍं
क. नियमों, विनियमों, स्व;नियमों (जैसी भी स्थिति हो) की प्रमाणित सही प्रति
ख. पंजीकृत निकाय होने पर पंजीयत या समामेलन प्रमाणपत्र की प्रमाणित सही प्रति (मूलपत्रों को जॉंच कर लौटा दिया जायगा)
ग. संकल्प की एक प्रमाणित सही प्रति (शासी निकास / बोर्ड की प्रबंध समिति सदृश निकाय की बैठक के अध्यक्ष द्वारा प्रमाणित, जिसमें यह पारित हुआ था) जिसमें बैंक में खाता खोलने के लिए अधिकृत किया गया हो तथा निकाय के नियमों, उपनियमों के अनुसार खाते के परिचालन हेतु पदाधिकारियों की सूची दी गयी हो।
घ. सहकारी समिति होने पर तुलन पत्र की एक प्रति यदि उपलब्ध हो।
ई. कुछ राज्यों में सहकारियों को सहकारी बैंक से भिन्न बैंक में खाता खोलने के लिए सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार से अनुमति लेनी होती है। ऐसे मामलों में उक्त अनुमति की प्रति।
11. किसी खाताधारी को जोड़ना / हटाना
सभी खाता धारकों द्वारा हस्ताक्षरित एक अनुरोध पत्र उचित कार्रवाई हेतु बैंक को प्रस्तुत की जानी चाहिए। जोड़ने के मामले में, जोडे जाने वाले व्यक्ति हेतु अपने ग्राहक को जानिए प्रक्रिया का पालन करना होगा।
12. प्रारंभिक जमा राशि के साथ विधिवत संपूरित आवेदन पत्र बैंक में प्रसतुत किए जाने पर जमा की गयी राशि जमाकर्ता को दी जाने वाली पासबुक में अंकित की जायगी। बैंक के अधिकृत अधिकारी द्वारा प्रविष्टि पर आद्यक्षर किया जायगा।
13. पास बुक
पास बुक में जमाकर्ता का खाता संख्या, नाम तथा पता उल्लिखित होगा। इसे चेक द्वारा किए जाने निकासी को छोडकर अन्य सभी आहरणों के समय प्रस्तुत किया जाना है।
18. स्थायी अनुदेश
ग्राहकों से बीमा किश्तों आदि के प्रेषण हेतु स्थायी अनुदेश स्वीकार किये जाते हैं तथा उसके तहत प्रत्येक नामे एवं निकासी के रूप में माना जाएगा। बैंक, खाते में इसीएस नामे हेतु अधिदेश को भी पंजीबद्ध करेगा।
डाक खर्च, टेलेक्स / तार / फोन प्रभारों, प्रदत्त धनादेश कमीशन, इत्यादि जैसे किये गये खर्चों की वसूली के अतिरिक्त जमाकर्ता के स्थायी अनुदेशों के अनुसार दी गयी सेवाओं हेतु यथा प्रयोज्य प्रभारों की वसूली की जायगी।
19. निकासियॉं
नाबालिग की ओर से खोले गये खाते में जमा राशि की अभिभावक द्वारा, नाबालिग के अवयस्कता के दौरान, निकासी लिये जाने की अनुमति होगी। नाबालिग द्वारा वयस्कता प्राप्त करने के बाद अभिभावक को निकासी का अधिकार नहीं होगा। अवयस्कता के दौरान अवयस्क की मृत्युकी स्थिति भी अभिभावक को निकासी का अधिकार नहीं होगा, सिवाय नियम1 क(ग) के तहत प्राकृतिक / नैसर्गिक अभिभावक द्वारा खोले गये खाते के मामले में जहॉं आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने पर अभिभावक द्वारा जमाराशि निकालने की अनुमति दी जा सकती है।
20. खाते को बन्द करने के समय के अलावा जमाकर्ता एक रुपये से कम की राशि नहीं निकाल सकते है। और ऐसे मामले में खाते भी पूरी राशि निकाली जाएगी। रुपये पॉंच मात्र से कम की राशि के लिए चेक आहरित नहीं होंगे।
21. अगर जमाकर्ता लिखने में समर्थ नहीं है, तो उसे अपने खाते से राशि निकालने के लिए स्वयं बैंक का आना चाहिए। उम्रदराज या रूग्ण व्यक्ति के मामले में, बैंक जमाकर्ता के खर्च पर एक व्यक्ति या अधिकारी को विधिवत साक्ष्यांकित हस्ताक्षर / अंगूठे का निशान लेने के लिए बैंक से प्रतिनियुक्त करेगा।
ग्राहक के खातों में चेक के अलावे निम्नलिखित परिस्थितियों मे नामे प्रभावित होंगे:
· स्थायी अनुदेशों का पालन करने
· ब्याज सेवा प्रभारों, कमीशन इत्यादि की वसूली करने
· ऋणों पर किश्तों की वसूली करने
· ग्राहकों के खातों में गलत जमा या गलत चूक पर नामे लिखे जाने हेतु राशि की वसूली करने
चेक
22. बैंक द्वारा आपूर्ति किये गये चेक द्वारा निकासी की जा सकती है। बैंक किसी चेक के भुगतान का मना करने का अधिकार सुरक्षित रखता है जो ग्राहकों को जारी किये गए चेक बुक सामान्यत: जारी किये जायेंगे; यदि किसी कारण से यह संभव नहीं है । चेक बुक रजिस्टर्ड डाक से भेजे जायेंगे तथा डाक खर्च की वसूली खाते से होगी। खाताधारक विधिवत हस्ताक्षरित मॉंग पर्ची सहित अन्य पक्ष द्वारा चेक बुक का अनुरोध करने पर बैंक द्वारा जारी किया जा सकता है, बशर्ते ऐसे अन्य पक्ष की विश्वसनीयता से बैंक संतुष्ट हो।
22. i. किसी एक समय में 20 चेक पन्नों वाले एक चेक बुक से अधिक जारी नहीं किये जायेंगे। अगर 20 चेक पन्नों से अधिक की आवश्यकता हो, एक विशिष्ट आवेदन उसके कारणों सहित शाखा प्रबंधक को दिया जाना चाहिए, जिसमें उल्लिखित चेक बुक है कारणों का हो, जो क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा अनुमोदित (नामंजूर किया जायगा)
22.ii. प्रति वर्ष 60 से अधिक संख्या में जारी किये गये चेक पनों के लिए रु.2.25/ की दर से प्रति एमआइसीआर चेक हेतु तथा रु.1.15/ की दर से प्रति गैर एमआइसीआर चेक पन्नों की वसूली की जायगी।
22.iii. बैंक से चेक बुक प्राप्त करने के समय, खाताधारक को चेक पन्नों की गिनती करनी चाहिए तथा अगर कोई चेक पन्ना नहीं तो बैंक के ध्यान में इसे लाना चाहिए।
22.क. बैंक, खोये, चोरी हुए आदि चेकों के संबंध में आहर्ता के अनुदेशों को पंजीकृत करेगा् ; किन्तु चेक के भुगतान हो जाने की स्थिति में, जमाकर्ताओं को ऐसे मामलों मे हानि के विरूद्ध गारंटी नहीं दे सकता। प्रति चेक रु.20/ के शुल्क के साथ भुगतान रोका जा सकता है।
डाक द्वारा जमा / निकासी
24. जब कोई राशि डाक धनादेश या बीमित डाक द्वारा भेजी जाती है, तो धन प्रेषण के साथ एक पत्र भेजना चाहिए जिसमें जमा की राशि तथा खाते की संख्या उल्लिखित हो।
25. जब कोई जमाकर्ता डाक द्वारा राशि निकालना चाहता हो, तो उसे अपने पासबुक के साथ एक पत्र भेजना चाहिए जिसमें उसके खाते की संख्या तथा निकाले जाने वाली रकम का उल्लेख (शब्दों तथा अंकों में) होना चाहिए। उस रकम डाक धनादेश द्वारा भेजी जायगी, धनादेश कमीशन तथा प्रासंगिक खर्चे, अगर कोई हो, जमाकर्ता के खाते के नामे लिखा जाएगा। किसी भी हालत में अन्य पक्षों को धन प्रेषण नहीं किया जायगा, कितु जमाकर्ताओं के लिए या उनके पुत्रों / पुत्रियों के लिए स्कूल / कॉलेज के शुल्क जीवन निर्वाह आदि हेतु भेजे जायेंगे।
26. ब्याज
बचत बैंक खातों पर देय वर्तमान ब्याज दर की जानकारी बैंक से मिल सकती है। मात्र विज्ञापन द्वारा अधिसूचना के तहत यह दर परिवर्तित हो सकती है। हर छमाही में जुलाई की अंतिम दिन को तथा जनवरी की अंतिम तिथि को हर कलेंडर माह हेतु दसवीं तिथि तथा अंतिम तिथि के बीच खाते में जमा न्यूनतम राशि पर ब्याज की राशि की गणना की जायगी। यदि छमाही के दौरान उपचित ब्याज की राशि न्यूनतम एक रूपया नहीं होगी तो ब्याज नहीं मिलेगा।
अधिदेश
अधिदेश एक साधारण प्राधिकार पत्र है, ग्राहक द्वारा हस्ताक्षरित, जिसके द्वारा वह अपनी ओर से अपने खाते के परिचालन हेतु किसी खास नाम के व्यक्ति (एजेंट) को अनुमति देने के लिए बैंक को अधिकृत करता है। यदि अधिदेश पत्र में खाते से अधिक राशि निकालने का प्राधिकार विशिष्ट रूप से उन्नतीकृत न हो तो, खाते को परिचालित करने के अधिदेश के तहत खाते से अधिक राशि निकालने की अनुमति नहीं होगी। बैंक द्वारा निर्धारित प्रपत्र का प्रयोग किया जाना चाहिए। संयुक्त खातों के मामले में खाते के सभी पार्टियों को अधिदेश पत्र पर हस्ताक्षर करना जरूरी है। संयुक्त खाताधारकों में से कोई भी एक इस प्राधिकार का निरसन कर सकता है। एचयूएफ के मामले में कर्ता तथा सभी वयस्क सहदायिकों को अधिदेश पर हस्ताक्षर करना जरूरी है। यदि एचयूएफ किसी अन्य पक्ष के लिए अधिदेश जारी करना चाहता है तो बैंक में उपलब्ध मानक प्रपत्र में कर्ता तथा वयस्क सहदायिकों द्वारा क्षतिपूर्ति निष्पादित करनी चाहिए।
मुख्तारनामा
मुख्तारनामे पर भारतीय स्टाम्प अधिनियम तथा विभिन्न राज्यों के संशोधन अधिनियमों के प्रावधानों के अनुसार स्टाम्प लगाया जाना चाहिए तथा विधिवत प्रमाणीकृत किया जाना चाहिए। बीमा रजिस्ट्रार के साथ इसको पंजीकृत कराना जरूरी नहीं है। भारत में प्रयोग के लिए भारत से बाहर निष्पादित मुख्तारनामा जहॉं वह निष्पादित किया जाता है उस देश में भारतीय दूतावास / उच्चायोग के समक्ष निष्पादित किया जाना चाहिए तथा भारत में इसकी प्राप्ति के तीन माह के भीतर भारतीय स्टाम्प अधिनियम के अनुसार इसपर स्टाम्प लगाया जाना चाहिए।मुख्तारनामा निश्चित होना चाहिए तथा ''भारत से मेरी अनुपस्थिति के दौरान'' या ''मेरी बीमारी के दौरान'' जैसे अस्थायी या सशर्त वाक्यांश स्वीकार्य नहीं होंगे। सभी मामलों में, जहॉं मुख्तारनामे के साथ खाते खोले जाते हैं, प्रधान को लिखित में यह वचन देना चाहिए कि वह, सार्वजनिक सूचना के अतिरिक्त, मुख्तारनामे के निरसन / विखंडन के विषय में बैंक को अधिसूचित करेगा।
27. खातों का अंतरण
खातों को बैंक के किसी कार्यालय से दूसरे में नि:शुल्क अन्तरित किया जा सकता है। यदि जमाकर्ता अपना खाता अन्तरित करना चाहता हो तो उसे अन्तरण के लिए जहॉं उसका खाता हो वहॉं लिखित आवेदन देना चाहिए तथा उसे पास बुक तथा अप्रयुक्त चेक पन्नों के साथ, अगर कोई हो, उस शाखा या जहॉं वह खाता अन्तरित करवाना चाहता है, उस शाखा में उसे भेज देना चाहिए।
28. अप्रचलित खाता:
पूर्ववर्ती 12 माह के दौरान यदि खातों का परिचालन नहीं हुआ है तो उसे निष्क्रिय खाता माना जायगा। हर साल मार्च में सभी निष्क्रिय खातों, जिसमें 2 वर्षों या अधिक की कुल अवधि के दौरान परिचालित नहीं हुआ है (निष्क्रिय कोटि में उसे वर्गीकृत करने की अवधि सहित), को अप्रचलित खातों में अन्तरित कर दिया जायगा। अगर शेष जमाराशि न्यूनतम जमाराशि की अपेक्षा से कम है, तो ऐसे खातों में छमाह ब्याज भुगतान जमा नहीं होगा। खाते को प्रचलित बनाने के लिए, खाता धारकों को (अधिदेश पर आधारित) बैंक को एक अनुरोध पत्र देना चाहिए। अप्रचलित खातों पर सेवा प्रभार लगेंगे, जिसे बैंक से पता किया जा सकता है।
अप्रचलित खाते में जमा शेष राशि, जो पॉंच वर्षों या अधिक से अप्रचलित है, निष्क्रिय खातों के शेष में अन्तरित कर दी जायगी।
29. खाते की बन्दी
जो जमाकर्ता अपना खाता बन्द करना चाहते हों उन्हें अपना पासबुक प्रस्तुत करना चाहिए ताकि खाते में देय ब्याज की प्रविष्टि की जा सके तथा अंतिम शेष राशि प्रविष्ट की जा सके। तत्पश्चात जमाकर्ता को उनकी पावती पर राशि का भुगतान किया जायगा। एटीएम / क्रेडिट कार्ड सहित, अप्रयुक्त चेक पन्नों को बैंक को लौटा दिया जाएगा।
30. अगर कोई जमाकर्ता खाता खोलने के तीन माह के अन्दर ही खाता बन्द करना चाहते हों तो रु.बीस मात्र का प्रभार लगेगा।
31. अगर निधि के अभाव में बाराबर चेक वापसी देखी जाती है तो बैंक के पास खाते को बन्द करने का अधिकार सुरक्षित है।
32. एटीएम सह डेबिट कार्ड / इंटरनेट बैंकिंग / कोर बैंकिंग सेवा / मल्टीसीटी चेक / क्रेडिट कार्ड/ बीमा उत्पाद / अस्थायी ओवरड्राफ्ट खाताधारक बैंक में उचित आवेदन देकर तथा संबंधित शर्तों को पूराकर उपर्युक्त सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। वेतनभोगी खाताधारक बैंक के साथ पूर्व प्रबन्ध करके अस्थायी ओवरड़ाफ्ट की सुविधा का उपयोग कर सकते हैं।
33. मूल्य संवर्धन
बचत बैंक खाते, जिसमें पूर्ववर्ती तिमाही के दौरान रु.दस हजार तथा अधिक मात्र की औसत तिमाही शेष लगातार कायम रही हो, वर्तमान तिमाही में निम्नलिखित रियायत / छूट के पात्र हैं:
क. रु.10,000/- से अनधिक एकसाथ डीडी तथा या / एमटी की कुल राशि हेतु माह में दो बार देशी मॉंग ड्राफ्ट तथा / या अन्तरण विनिमय / कमीशन प्रभार से पूर्णतया मुक्त हैं।
ख.चेक, मॉंग ड्राफ्ट, लाभांश पत्र ब्याज पत्र, धनवापसी आदेश आदि (दस्तावेजी) निर्बन्ध हुंडी, हुंडीसंपूर्ति बिलों को छोडकर ) जैसे बाहरी लिखतों पर वसूली प्रभार नहीं वसूले जायेंगे। हर माह के दौरान बिना सेवा प्रभार के वसूली कुल राशि रु.10000/- से अधिक नहीं होनी चाहिए। बहरहाल प्रतिमाह वसूली गयी लिखतों की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं है। लिखतों की वसूली के लिए वास्तविक डाक प्रभार पर हुए खर्चे की वसूली जमाकर्ता से की जाएगी। यदि लिखतों को हमारे स्टार केन्द्रों (त्वरित वसूली) पर भेजने का अनुरोध किया जाता है तो सामान्य सेवा प्रभारों की वसूली की जायगी।
33.1. बैंक ने दो नये उत्पादों को शुरू किया है। आइओबी - एसबी गोल्ड तथा आइओबी - सिल्वर। खाते में कायम जमाराशि के आधार पर ग्राहक कतिपय अतिरिक्त सेवाओं के हकदार हैं। ग्राहक इसका ब्यौरा शाखा से पता कर सकते हैं।
34. नो- फ्रिल खाता
खातों के लिए लेनदेन प्रक्रिया का स्वरूप :
i. शाखाएं जहौं खाते खोले जा सकते है। सभी ग्रामीण तथा अर्ध- शहरी शाखाऍं। विशेष परिस्थितियों के तहत खाते शहरी / महानगरीय शाखाओं में खोले जा सकते हैं।
i.
ii. परिचय: ऐसे व्यक्ति से परिचय जो केवाइसी प्रक्रियाओं को पूरा किए हुए हैं। वैकल्पिक रूप में मतदता पहचान पत्र पर आधारित।
ii.
iii. न्यूनतम जमाशेष रु.5/-
iii.
iv. न्यूनतम शेष कायम नहीं रखने पर अर्थदंड - शून्य
iv.
v. खाते से निकासी केवल निकासी पर्ची द्वारा / चेकबुक जारी नहीं किये जायेंगे।
v.
vi. लेनदेन की राशि पर प्रतिबंध
vi.
खाते में शेष किसी भी समय रु.50,000/- से अधिक नहीं होनी चाहिए तथा एक वर्ष में खाते में कुल जमा रु.100,000/- से अधिक नहीं होना चाहिए। जब किसी खाता इन सीमाओं से बढ़ जाता है, तो खाता केवायसी मानदंडों को पूरा करने के अधीन आ जाएगा।
vii. लेनदेनों की संख्या पर प्रतिबंध।
vii.प्रति छमाही पच्चीस लेनदेन
vii.
viii. लेनदेनों की संख्या बढ़ने पर अर्थदण्ड
viii.ब्याज देय नहीं है।
viii.
ix. सामान्य बचत बैंक खातों हेतु यथाप्रयोज्य ब्याज देय।
ix.
x. मूल्य संवर्धन / रियायत कुछ नहीं । एटीएम / डेबिट कार्ड जारी नहीं होंगे।
35. सामान्य
पी बैंक के विवेक पर तथा पात्र खातों हेतु रु.पन्द्रह हजार मात्र तक के वसूली लिखतों की तत्काल जमा उपलब्ध है।
पी ग्रहणाधिकार : बैंक का जमा राशि पर सर्वोपरि ग्रहणाधिकार / समंजन का अधिकार है तथा बैंक के पास यह अधिकार सुरक्षित है कि किसी भी हैसियत से बैंक के प्रति जमाकर्ता के किसी भी प्रकार का वित्तीय दायित्व के मामले में इसको ले सकता है।
पी - प्रवासी स्थिति में परिवर्तन : जमाकर्ता विदेशी विनिमय प्रबंधन अधिनियम के तहत स्थिति में परिवर्तन होने पर, लिखित रूप में बैंक ेो सूचित करेंगे।
पी - अभिलेखों का रखरखाव : खातों से संबंधित कंप्यूटर प्रिंटआउट / लेजर / अभिलखन विधि के अनुसार आवधिक रूप से विनष्ट कर दिए जाऍंगे।
36. ग्राहक खातों की गोपनीयता
ग्राहकों के खातों के ब्यौरे तथा लेनदेन बैंक द्वारा गोपनीय रखे जाते हैं। कानून या व्यवहार तथा बैंकों में प्रचलित प्रक्रियाओं वाली परिस्थितियों को छोड़कर बैंक अपने ग्राहकों के मामलों से संबंधित किसी भी सूचना को प्रकट नहीं करेगा।
37. नियमों का परिवर्तन
बैंक किसी भी समय इन नियमों को बदलने या संयोजन करने तथा संतोषप्रद रूप से संचलित नहीं होने वाले किसी भी खाते को बन्द करने का सुरक्षित का अपना अधिकार रखता है। ग्राहकों से अनुरोध है कि नवीनतम प्रभारों, न्यूनतम शेष अपेक्षा तथा इन नियमों में परिवर्तन व अतिरिक्त सूचनाओं हेतु सूचना पटों से मार्गदर्शित होवें या बैंक से पूछताछ करें।
23. बचत बैंक खातों से संबंधित कुछ प्रभार
1. जहॉं कहीं प्रयोज्य हो, निम्नलिखित प्रभारों में सेवा कर व शिक्षा उपकर शामिल हैं।
1.
2. टीबीए शाखाओं द्वारा 20% अतिरिक्त प्रभार वसूली जायगी।
2.
3. डाक खर्च तथा अन्य खर्च, अगर कोई हुआ हो, की वसूली की जायगी। न्यूनतम शेष जमा नहीं रखने पर प्रभार:
3.
क. बचत बैंक खाता
ग्रामीण व अर्धशहरी - रु.7/- प्रति माह ग्रामीण व अर्धशहरी शाखाओं में
शहरी व महानगरीय- रु.14/- प्रति माह शहरी व महानगरीय शाखाओं में
ख. नो फ्रिल खाते - शून्य
इसीएस (इलक्ट्रोनिक समाशोधन पद्धति) के लिए प्रभार
नामे तथा जमा (दोनों) - व्यक्ति हेतु - शून्य
कार्पोरेट उपभोक्ताओं से प्रायोजक बैंक प्रभार - रु.1/- प्रति लेनदेन (प्रति अभिलेख) + भारतीय रिज़र्व बैंक प्रभार (वर्तमान में शून्य), अगर कोई विवरणी - व्यक्ति तथा कार्पोरेट उपभोक्ता।
प्रत्येक लेनदेन के लिए रु.50/- + अन्य खर्चे + अगर कोई हो
बिलों / बिना भुगतान के वापस हुए स्थानीय चेक (आवक / जावक दोनों) हेतु प्रभार :
गैर ग्रामीण - रु.35/- प्रति लिखत
ग्रामीण - रु.28/- प्रति लिखत
एबीबी लेनदेनों हेतु प्रभार
गैर ग्रामीण / ग्रामीण प्रभार
नकद जमाओं / चालू खातों हेतु रु.57/- प्रति लेनदेन (अधिकतम)
बचत बैंक खाते हेतु शून्य
एटीएम द्वारा चेक बुक अनुरोध का प्रभार
रु.57/- प्रति अनुरोध
व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा सहायता प्रभार
रु.1,00,000/- की राशि की बीमित राशि हेतु प्रतिवर्ष प्रति खाते रु.10/- डुप्लिकेट पास बुक जारी करना
गैर-ग्रामीण - रु.23/- प्रति लेजर पृष्ठ, केवल नवीनतम शेष सहित। पूर्व की प्रविष्टियों हेतु रु.23/- प्रति लेजर पृष्ठ या उनके भाग अतिरिक्त प्रभार
ग्रामीण रु.18/- प्रति लेजर पृष्ठ केवल नवीनतम शेष सहित। पूर्व की प्रविष्टियों हेतु रु.18/- प्रति लेजर पृष्ठ या उनका भाग अतिरिक्त प्रभार
भुगतान स्थगन अनुदेश
गैर ग्रामीण रु.23/- प्रति लिखत / चेक
ग्रामीण रु.23/- प्रति लिखित / चेक
स्थायी अनुदेश
गैर ग्रामीणा - रु.12/- प्रति लेनदेन
ग्रामीण - रु.9/- प्रति लेनदेन
एमआइसीआर तथा गैर एमआइसीआर केन्द्रों पर एमआइसीआर चेकों का प्रभार - रु.2.25 प्रति एमआइसीआर चेक रु.2.30 प्रति एमआइसीआर चेक
गैर एमआइसीआर चेक प्रभार
रु.1.15 प्रति गैर एमआइसीआर चेक पन्ना जारी करने के समय
रु.1.15 प्रति गैर एमआइसीआर चेक पन्ना जारी करने के समय
अप्रचलित बचत बैंक खातों हेतु प्रभार
खाताधारकों को प्रेषित एक माह की सूचना के बाद भी खाता अगर अप्रचलित रहता है, तो सितम्बर / मार्च को समाप्त प्रति छमाही में रु.23/- की उगाही की जायगी। अगर शेष राशि रु.23/- या उससे कम हो तो पूरी शेष राशि, खाता को बन्द करके, शाखा लाभ व हानि खाते में अन्तरित की जानी चाहिए।
खाता धारकों के हस्ताक्षर के सत्यापन हेतु प्रभार
प्रति सत्यापन रु.12/- के एकसमान दर से
अप्रचलित बचत बैंक खातों हेतु प्रभार
खाता धारकों प्रेषित एक माह की सूचना के बाद भी खाता अगर अप्रचलित रहता है, तो सितम्बर / मार्च को समाप्त प्रति छमाही में रु.23/- की उगाही की जायगी। अगर शेष राशि रु.23/- या उससे कम हो तो पूरी शेष राशि, खाता को बन्द करके, शाखा लाभ व हानि खाते में अतरित भी जानी चाहिए।