भारतीय बैंकिंग कोड एवं मानक बोर्ड (बीसीएसबीआई)
बीसीएसबीआई को भारतीय रिजर्व बैंक एवं अन्य 11 बैंकों जिनमें सरकारी, निजी एवं विदेशी बैंक भी शामिल हैं, ने प्रमोट किया।यह एक स्वतंत्र एवं स्वायत प्रहरी के रूप में काम करते हुए बैंकों द्वारा अपनी सेवाऍं प्रदान करते समय बैंकिंग कोड एवं मानकों की निगरानी एवं उनका अक्षरश: पालन सुनिश्चित करता है।आम आदमी को सहज सेवा प्रदान करने के मूल उद्देश्य के साथ बैंकों में व्याप्त ग्राहक सेवाओं के अध्ययन के लिए श्री एस.एस.तारापोर की अध्यक्षता में लोक सेवाओं की प्रक्रिया एवं निष्पादन ऑडिट पर गठित समिति की संस्तुति पर इसका गठन किया गया है।
बीसीएसबीआई ने इण्डियन बैंक एसोसिएशन के साथ मिलकर ग्राहकों के साथ बैंक की प्रतिबद्धता संबंधी कोड का निर्माण किया है।बैंक प्रत्येक ग्राहक को इसकी एक प्रति नि:शुल्क उपलब्ध करायेगा।ये कोड 01 जुलाई 2006 से प्रभावी हैं।
बीसीएसबीआई ने कोड के उद्देश्यों को निम्नलिखित रूप से परिभाषित किया है:
| क्रम संख्या |
जानकारी |
01.
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ग्राहकों के साथ लेन-देन में न्यूनतम मानक स्थापित करते हुए स्वस्थ बैंकिंग क्रियाकलापों को बढ़ावा देना
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02.
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पारदर्शिता में वृद्धि लाना ताकि ग्राहक सेवाओं से अपनी अपेक्षाओं को ठीक से समझ सकें।
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03.
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उच्चतर परिचालन मानकों को प्राप्त् करने के लिए प्रतिस्पर्धा के माध्यम से बाजार शक्तियों को बढ़ावा देना
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04.
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बैंक एवं ग्राहकों के बीच एक स्वस्थ एवं सौहार्दपूर्ण रिश्ता कायम करना
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05.
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बैंकिंग व्यवस्था में विश्वास बहाल करना
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ये कोड बैंक की समस्त सेवाओं एवं उत्पादों पर लागू होंगे।ये कोड ब्याज दरों, टैरिफ सूची, बैंक-ग्राहक संबंधों को शासित करने वाले नियम व शर्तों, हानि की क्षतिपूर्ति, ग्राहक संबंधी सूचनाओं की विश्वसनीयता एवं गोपनीयता, बैंकों द्वारा विज्ञापन, विपणन एवं विक्रय संबंधी शर्तों पर विचार करते हें।
बैंक ने ग्राहक सेवा विभाग के महाप्रबंधक को बैंक के कोड अनुपालन अधिकारी के रूप में नामित किया है जोन्हे ग्राहक बैंक के दैनिक परिचालन में महसूस की गई सामान्य कमी को बेहिचक संदर्भित कर सकते हैं।
बीसीएसबीआई कोड अनुपालन अधिकारी
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