निदेशक मंडल
गठन
बैंक के निदेशक मंडल का गठन ' बैंककारी कंपनी - उपक्रमों का अर्जन व अंतरण ' अधिनियम 1970 की धारा 9 के अधीन अधिकारों के प्रयोग में भारतीय रिज़र्व बैंक के साथ परामर्श करके केंद्रीय सरकार द्वारा तैयार किए गए '' राष्ट्रीयकृत बैंक - प्रबंधन व विवध प्रावधान- योजना 1970'' द्वारा नियंत्रित है ।
संगठन :
बैंक के निदेशक मंडल का संगठन ' बैंककारी कंपनी - उपक्रमों का अर्जन व अंतरण - व वित्तीय संस्था विधि - संशोधन- अधिनियम 2006' और केंद्र सरकार की दिनांक 19.02.2007 की असाधारण राजपत्र अधिसूचना के पढते हुए '' राष्ट्रीयकृत बैंक - प्रबंधन व विवध प्रावधान- योजना 1970'' द्वारा नियंत्रित है ।
योगदान :
' बैंककारी कंपनी - उपक्रमों का अर्जन व अंतरण अधिनियम 1970 के अनुसार बैंक का सामान्य अधीक्षण, निदेशन और कारोबार एवं व्यवहार का प्रबंधन निदेशक मंडल के पास है जो बैंक को प्रयोग करने हेतु प्राप्त अधिकारों को लागू करने हेतु सभी अधिकारों का प्रयोग एवं अपेक्षित कार्य करता है ।
मंडल में सदस्यों की संख्या
वर्तमान में बैंक के निदेशक मंडल में 12 निदेशक शामिल हैं । प्रत्येक निदेशक की जानकारी संक्षिप्त रूप में नीचे प्रस्तुत की गयी है :

श्री एम.नरेन्द्र
अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक
श्री एम नरेन्द्र ने 1 नवंबर 2010 को इण्डियन ओवरसीज़ बैंक के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया ।
श्री नरेन्द्र 1975 में कार्पोरेशन बैक में परिवीक्षाधीन अधिकारी के रुप में भर्ती हुएऔर 5 नवंबर 2008 तक वहाँ रहे। श्री नरेन्द्र को भारत सरकार द्वारा बैंक ऑफ इंडिया के कार्यपालक निदेशक के रूप में 6 नवंबर 2008 को नियुक्त किया गया और इस पद पर आप इण्डियन ओवरसीज़ बैंक के सीएमडी के रूप में वर्तमान नियतन होने तक रहे।
श्री नरेन्द्र ने देश-विदेश में भ्रमण किया है । आपने विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, जिनमें बीटीसी, आइ आइ एम - अहमदाबाद और बैंगलूर, एन आइ बी एम और आस्ट्रेलियन बैंकिंग व वित्त संस्था में कार्यशालाएं/ संगोष्ठियां भी शामिल हैं, में भाग लिया है ।
श्री नरेन्द्र ने कार्पोरेशन बैक द्वारा संस्थापित विभिन्न कार्पोरेट पुरस्कार जैसे 1984-85 से 1990-91 तक लगातार 8 साल अध्यक्ष की क्लब सदस्यता, सोजियन एवार्ड तथा क्षेत्रीय नेतृत्व पुरस्कार आदि प्राप्त किए ।
सैद्धांतिक स्पष्टता, संप्रेषण कौशल से लैस और प्रबल परिणामोन्मुखी टीम बनाने के लिए प्रसिद्ध श्री नरेन्द्र कार्पोरेशन बैंक और बैंक ऑफ इंडिया में संगठनात्मक सुधार परियोजना कार्यान्वित करने की टीमों के मुख्य सदस्य रहे हैं ।
बैंक ऑफ इंडिया में कार्यपालक निदेशक के रूप में अपनी कार्यावधि के दौरान आप 3 भारतीय सार्वजनिकक्षेत्र बैंकों और जाम्बिया सरकार के संयुक्त उपक्रम वाणिज्यिक बैंक, इण्डो जाम्बिया बैंक लिमिटेड, लुसाका, जाम्बिया के नामिती निदेशक थे ।
आप (अ) भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा गठित नकद, विदेशी मुद्रा व सरकारी प्रतिभूतियों की बाज़ार पर तकनीकी सलाहकार समिति और (आ) भारतीय बैंक संघ द्वारा गठित जोखिम प्रबन्धन व बेसल II कार्यान्वयन पर स्थाई समिति के सदस्य हैं ।
श्री ए.के.बन्सल
कार्यपालक निदेशक
जन्म तिथि : 22.05.1953
शैक्षिक योग्यता : कृषि में स्नातकोत्तर, सी ए आइ आइ बी - भाग I
श्री ए. के. बन्सल ने 1 सितंबर2010 को इण्डियन ओवरसीज़ बैंक के कार्यपालक निदेशक के रूप में कार्य भार ग्रहण किया ।
श्री ए.के.बन्सल ने पंत नगर, नैनीताल के प्रसिद्ध जी बी पंत कृषि विश्वविद्यालय से कृषि में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है। आपको आइ सी ए आर से कनिष्ठ शोध वृत्ति प्राप्त हुई है । आप 1976 में 23 वर्ष की आयु मे यूनियन बैक ऑफ इंडिया में कृषि क्षेत्र अधिकारी के रुप में भर्ती हुए । आपको प्रथम विशिष्ट एस एस आइ शाखा, अहमदाबादमेंआपके असाधारण कार्यनिष्पादन के लिए बैंक द्वारा 1994 में सुपर अचीवर और स्टार परफार्मर स्टेटस पुरस्कार दिया गया । श्री बन्सल को योजना के कार्यान्वयन के प्रथम वर्ष में ही असाधारण कार्य निष्पादन के लिए बैंक के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक द्वारा अध्यक्ष क्लब की सदस्यता प्रदान की गई ।
मुंबई में सबसे बडी शाखा, मुंबई समाचार मार्ग शाखा के प्रमुख के रूप में अपने कार्यभार ग्रहण के तीनवर्षों के अंदर शाखा के कुल कारोबार को रु 15000 करोड तक पहुंचा दिया, जोकि 400 % की वृद्धि थी।मुंबई में पूंजी विपणन कक्ष और एम एस एम शाखा में बैक का पहला संग्रहालय स्थापित कराने में आपकी महती भूमिका रही ।
1 जनवरी 2008 को महा प्रबन्धक के रूप में पदोन्नत होने पर आपको बैंक का सबसे चुनौतीपूर्ण और गौरवपूर्ण कार्य यानी क्षेत्रीय महा प्रबन्धक, उत्तरी अंचल का दायित्व सौंपा गया जिसके अंतर्गत न केवल रु. 500 करोड से अधिक का कुल कारोबार था, बल्कि इसमें 297 शाखाएं और 7 क्षेत्रीय कार्यालयथे जिनका विस्तार एन सी आर, दिल्ली समेत 6 राज्यों में था ।
बैंक में 3 टायर संरचना अपनाए जाने पर श्री बन्सल को समर्थन सेवाएं विभाग, केन्द्रीय कार्यालय का महा प्रबन्धक बनाया गया, जिसके अंतर्गत नई शाखाएं खोलना, अनुरक्षण प्रभाग और परिसर मामलों की देखरेख शामिल था । श्री बन्सल आइ आइ टी, कानपुर में सिडबी इन्नोवेशन व इन्क्यूबेशन सेन्टर (एस आइ आइ सी) की उच्च सलाहकार समिति बैठक के सदस्य हैं।
उनके दो बेटे हैं जो यू एस ए में रहते हैं ।

श्री ए डी एम चावली
कार्यपालक निदेशक
जन्मतिथि : 09.10.1954
शैक्षणिक योग्यता : एम एससी
श्री ए डी एम चावली ने दिनांक 28 12 2011 को इण्डियन ओवरसीज़ बैंक के कार्यपालक निदेशक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया । इसके पूर्व आप बैंक ऑफ बडौदा में महा प्रबंधक के पद पर थे ।
आप गणित में स्नातकोत्तर हैं । आपका करियर 1977 में चेन्नै में बैंक ऑफ बडौदा में सीधी भर्ती अधिकारी के रूप में शुरु हुआ । इसके बाद आपने चेन्नै, मुंबई, कोलकाता, आंध्र प्रदेश और गुजरात में क्षेत्रीय कार्यालयों एवं औदयोगिक वित्त शाखा सहित अन्य शाखाओं में विभिन्न पदों पर कार्य किया । आपने ईक्विटी और गैर- एसएलआर प्रतिभूतियों में मुख्य डीलर पर भी कार्य करने के साथ-साथ ट्रेजरी के प्रधान भी रहे । आपने बॉब एसेट मेनेजमेंट कंपनी के प्रबंध निदेशक के रूप में भी कार्य संभाला । आप अहमदाबाद तथा मुंबई में कार्पोरेट वित्तीय सेवाऍं शाखाओं के प्रधान भी रहे ।
इण्डियन ओवरसीज़ बैंक में कार्यग्रहण करने से पहले आप बैंक आफ बडौदा में ट्रेजरी व संसाधन मेनेजमेंट के महा प्रबंधक रहे ।
आप बैंक ऑफ बडौदा में कोलकाता क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रधान भी रहे ।
आपने इंडिया आइडियास डॉट कॉम लिमिटेड, सेंट्रल डिपाजिटरी सर्विसेस लिमिटेड, क्लिरिंग कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और सेंट्रल इन्शुरेन्स रिपॉसिटरी लिमिटेड में निदेशक के पद पर रहे और बडौदा पायनिर एसेट मेनेजमेंट लिमिटेड के ट्रस्टी निदेशक भी रहे ।
आप आरबीआइ की नेगोशिएटेड डीलिंग्स सिस्टम्स क्रियान्वयन समिति और एफआइएमएमडीए वेल्युएशन कमिटी के सदस्य रहे । आप आइबीए द्वारा स्थापित क्रेडिट व परिचालनगत जोखिम डाटा विनिमय - कारडेक्स समिति के भी सदस्य रहे ।
आपको कार्पोरेट वित्त बैंकिंग में तीन दशकों का गहन अनुभव प्राप्त है विशेषकर ट्रेजरी परिचालन, जोखिम प्रबंधन, आस्ति प्रबंधन, निवेश और औद्योगिक वित्त के क्षेत्र में ।
श्री चावली में अच्छे नेतृत्व के सभी गुण विद्यमान है और आप जीवन के हर क्षेत्र में रुचि रखते हैं चाहे वह कार्यालयीन हो या वैयक्तिक । आपके स्वभाव में सरलता, शांतता और मिलनसार गुणों से संपन्न है।

डॉ आलोक पाण्डे
सरकार द्वारा नामित निदेशक
जन्मतिथि : 22.10.1971
शैक्षणिक योग्यता : बी ई मेकनिकल, एनआइटी इलाहाबाद, पीएचडी-वित्त, आइआइएम बैंगलूर
भारत सरकार द्वारा 22.07.2011 को नामित और अगले आदेश तक निदेशक बने रहेंगे ।
डॉ आलोक पाण्डे वर्तमान में वित्तीय सेवाऍ विभाग, वित्त मंत्रालय, नई दिल्ली के निदेशक हैं ।
श्री एस.वी.राघवन
भारतीय रिज़र्व बैंक नामिती निदेशक
जन्म तिथि : 19 11 1953
अर्हताएं : बीएससी, एमबीएम, सीएआइआइबी, एमए
भारत सरकार द्वारा दि. 30 07 2010 को नामित और अगले आदेशों तक उनका नामांकन जारी रहेगा। श्री एस.वी.राघवन ने 1982 में भारतीय रिज़र्व बैंक में पदार्पण किया और बैंकिंग पर्यवेक्षण विभाग, गैर-बैंकिंग पर्यवेक्षण विभाग, और भारतीय रिज़र्व बैंक के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों के बैंकिंग विभाग व निर्गमान विभाग तथा मुंबई स्थित भारतीय रिज़र्व बैंक के केन्द्रीय कार्यालय के मुद्रा प्रबंधन विभाग व बैंकिंग पर्यवेक्षण विभाग में काम किया । वर्तमानत: वे मुंबई में भारतीय रिज़र्व बैंक के केन्द्रीय कार्यालय के सरकारी व बैंक लेखा विभाग के मुख्य महा प्रबंधक - प्रभारी हैं ।
श्री श्रीधर लाल लखोटिया
कर्मकार कर्मचारी निदेशक
जन्म तिथि : 11.10.1953
अहताएँ : बी कॉम
भारत सरकार द्वारा दि. 09.08.2010 को नियुक्त इनका कार्यकाल 08.08.2013 को समाप्त हो जाएगा या तब तक, जब तक वे इण्डियन ओवरसीज़ बैंक के कर्मकार कर्मचारी नहीं रह जाते या अगले आदेशों तक, जो भी पहले हो, जारी रहेगा । श्री श्रीधर लाल लखोटिया ने 22.07.1975 को बैंक में प्रवेश किया और उन्हें आइ ओ बी में 35 सालों से ज़्यादा का अनुभव है ।वर्तमानत: वे कोलकाता की चौरंगी शाखा में विशेष सहायक के रूप में कार्यरत हैं ।
के.आनंद कुमार
अधिकारी कर्मचारी निदेशक
जन्म तिथि : 30.08.1955
अर्हताएँ : बी कॉम, ए सी ए, सीएआइआइबी
भारत सरकार द्वारा दि.26.03.2010 को नामित इनका कार्यकाल 25.03.2013 को समाप्त हो जाएगा या तब तक, जब तक वे इण्डियन ओवरसीज़ बैंक के अधिकारी नहीं रह जाते या अगले आदेशों तक, जो भी पहले हो, जारी रहेगा । श्री.के.आनंद कुमार ने 14.12.1981 को बैंक में पदार्पण
किया और उन्हें आइ ओ बी में 29 वर्षों का अनुभव है । वर्तमानत: वे बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक हैं ।
श्री निरंजन कुमार अग्रवाल
अंशकालिक गैर-आधिकारिक निदेशक
जन्मतिथि : 22.10.1958
शैक्षणिक योग्यता : एफ सी ए
भारत सरकार द्वारा नामित : 01.11.2011
अवधि समाप्ति : 31.10.2014 या अगले आदेश तक जो भी पहले हो
श्री निरंजन कुमार अग्रवाल, एफ सी ए 1983 से प्रैक्टिसिंग सनदी लेखाकार है और आपको 28 वर्ष का अनुभव प्राप्त है । आप निरंजन कुमार एण्ड कंपनी, सनदी लेखाकारगण, कोलकाता के मालिक है । आपको बड़े कार्पोरेट, कंपनी विधि मामलों और आयकर की लेखापरीक्षा संभालने का अनुभव है ।
आप कई कार्पोरेटों में कंपनी विधि मामलों, वित्तीय पुनर्संरचना, संसाधन जुटाने, कार्पोरेट गवर्नेंन्स आदि के लिए सलाहकार हैं ।
आप मर्चेण्ट चेंबर ऑफ कामर्स, कोलकाता और मारवाडी रिलिफ सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक मंडल के सदस्य है । आप प्रत्यक्ष कर व्यावसायिक संघ, वीआइपी चार्टर्ड एकाउंटंट एसोसिएशन, कोलकोता, एसोसिएशन ऑफ कार्पोरेट एडवाइज़र एण्ड एक्जेक्यूटिव्स, कोलकाता, ऑल इंडिया मारवाडी सम्मेलन के भी सदस्य हैं ।
श्री सूरज खत्री
अंशकालिक गैर-अधिकारी निदेशक
जन्म-तिथि : 06.08.1955
अर्हता : बी.एससी, एलएलबी, लेबर लॉ में डिप्लोमा
: 09.12.2005 को भारत सरकार द्वारा नामित वर्तमान कार्यावधि की समाप्ति की तारीख : 08.12.2008 राजस्थान उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में पेशारत विधि पेशावर। आप पत्रकार, संपादक और प्रकाशक भी हैं।
ए.वेल्लयन
शेयरधारक निदेशक
जन्म तिथि : 09.01.1953
अर्हताएँ : बी कॉम, एमबीए भारत सरकार से इतर शेयर धारकों द्वारा दि. 08.12.2008 को इनका चयन किया गया।
इनका कार्यकाल 07.12.2011 को समाप्त हो जाएगा ।
श्री ए.वेल्लयन, उम्र 56 वर्ष, चेन्नै से हैं और उन्होंने यू के में वार्विक बिज़िनस स्कूल विश्वविद्यालय से प्रबंधन में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है । वे यू के स्थित बर्मिंघम के ऐस्टन विश्वविद्यालय से औद्योगिक प्रशासन में डिप्लोमा धारक हैं । वे चेन्नै स्थित व्यापारिक समूह- मुरुगप्पा ग्रूप के उपाध्यक्ष व निदेशक (व्यूह रचना) हैं । श्री वेल्लयन दो सार्वजनिक लिमिर्टड कंपनियों यथा - ई आइ डी पैरी (इंडिया) लिमिटेड और कोरमंडल फेर्टीलाइसर्स लिमिर्टड केगैर-कार्यपालक अध्यक्ष हैं । साथ ही, वे कई प्रतिष्ठित सार्वजनिक कंपनियों के निदेशक मण्डल में भी हैं । वे सदर्न इंडियन चेम्बर ऑफ कामर्स ऐण्ड इंडस्ट्रि के उपाध्यक्ष हैं और दिल्ली स्थित फ़िक्की की कार्यकारी समिति के सदस्य भी हैं । श्री वेल्लयन का चयन शेयर धारकों (केन्द्र सरकार से इतर ) द्वारा बोर्ड मे उनके हितों का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया गया है ।
अजित वसंत सरदेसाई
शेयरधारक निदेशक
जन्मतिथि : 04.09.1945
शैक्षणिक योग्यता : एम एससी - फिसिक्स, आइआइटी, दिल्ली में डिप्लोमा
08.12.2011 से भारत सरकार के अलावा शेयरधारक निदेशक के रूप में चयनित
अवधि समाप्ति : 07.12.2014
श्री अजित वसंत सरदेसाई ने तीन दशकों से अधिक अवधि तक भारतीय रिज़र्व बैंक में कार्य किया है । आप ग्रामीण उधार एवं प्रायोजना विभाग, भारतीय रिज़र्व बैंक में मुख्य महा प्रबंधक और उसके बाद प्रभारी कार्यपालक निदेशक रहे । आपने बड़े सरकारी क्षेत्र बैंकों के बोर्ड में भारतीय रिज़र्व बैंक के नामित निदेशक का कार्यभार भी संभाला ।
आप एनआइबीएम के गवर्निंग काउंसिल, आइबीपीएस, इंस्टिट्यूट फार डेवलपमेंट रिसर्च इन बैंकिंग टेक्नॉलॉजी एवं बैंकर प्रशिक्षण कॉलेज व कृषि बैंकिंग महाविद्यालय जो भारतीय रिज़र्व बैंक का प्रमुख प्रशिक्षण महाविद्यालय, में रहे ।
आप सितंबर 2005 में भारतीय रिज़र्व बैंक से सेवानिवृत्त हुए हैं । सेवानिवृत्ति के बाद आप वैद्यनाथन
समिति से जुडे रहे और भारत सरकार / सीवीसी द्वारा गठित बैंकों व वित्तीय क्षेत्र में धोखाधडियों पर सलाहकारी समिति के सदस्य रहे ।

श्री एस सडगोपन
शेयरधारक निदेशक
जन्मतिथि : 02 04 1951
शेक्षणिक योग्यता : बी ई मेकनिकल, परड्यू विश्वविद्यालय से आइटी में पीएचडी
08.12.2011 से भारत सरकार के अलावा शेयरधारक निदेशक के रूप में चयनित
अवधि समाप्ति : 07.12.2014
प्रोफेसर सडगोपन ने परड्यू विश्वविद्यालय से आइटी में पीएचडी हासिल की । आप आइआइटी, कानपुर और आइआइएम, बैंगलूर में 20 साल से अधिक समय के लिए पढ़ाते रहे । आप आइआइटी बैंगलूर में जून 1999 से फाउंडर निदेशक के रूप में कार्य करते रहे । पांच वर्ष के अंदर आइआइटी बैंगलूर पहला पब्लिक-प्राइवेट साझेदारी संस्था बनी जिसे डीम्ड यूनिवर्सिटी हैसियत प्राप्त हुई । यह देश का सर्वोत्तम अकादमिक कैम्पस है जिसकी संकल्पना डॉ एस सडगोपन ने की ।
प्रोफेसर सडगोपन ने देश में आइटी के विनियोजन में प्रमुख भूमिका निभायी जिसमें ओएनजीसी, आइओसी, एनटीपीसी और भेल में एसएपी कार्यान्वयन, सिंडिकेट बैंक, केनरा बैंक और इण्डस इण्ड बैंक में आइटी सलाहकार रहना शामिल है । कई निजी क्षेत्र निगमों के अतिरिक्त आप बैंक ऑफ इंडिया में कोर बैंकिंग सोल्यूशन शुरु करने में सम्मिलित रहे ।